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इज़रायल-हमास संघर्ष में पत्रकार के परिवार की मौत, अल-जज़ीरा ने की निंदा
इज़रायल और हमास के बीच छिड़े खूनी संघर्ष में अब एक पत्रकार का परिवार भी मारा गया. इस हमले में उसकी पत्नी और बच्चों की मौत हो गई. अल जज़ीरा की एक खबर के अनुसार, उनके पत्रकार वाएल अल-दहदौह गाजा स्थित अल जज़ीरा मीडिया नेटवर्क में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं.
हमले में मारे गए बेटे महमूद की उम्र पंद्रह वर्ष और बेटी की उम्र सात वर्ष थी. वाएल अल-दहदौह का बेटा अपने पिता की तरह ही एक अच्छा पत्रकार बनना चाहता था. अल जज़ीरा के मुताबिक, उनके बेटे, बेटी और पत्नी सहित उनके पोते एडम की भी मृत्यु हुई है.
ख़बर के मुताबिक, इज़रायली सेना द्वारा की गई अंधाधुंध बमबारी में इन लोगों की मौत हुई. जबकि परिवार के अन्य लोग मलबे के नीचे दबे हुए हैं. अल जज़ीरा के मुताबिक, यह सब कुछ तब हुआ जब इज़रायली सेना ने गाज़ा स्थित नुसीरत शरणार्थी शिविर को निशाना बनाया. मालूम हो कि कुछ दिन पहले इज़रायली सेना द्वारा गाज़ा के नागरिकों को गाज़ा के दक्षिणी इलाके को खाली करने को कहा गया था. जिसके बाद लोगों ने यहां शिविर में शरण ले रखी थी. बताया जा रहा है कि इज़रायली सेना ने इसी शिविर को निशाना बनाया.
अल-जज़ीरा ने की कड़ी निंदा
अपने पत्रकार के परिवार की मौत पर अल जज़ीरा ने गंभीर संवेदना एवं सहानुभूति व्यक्त की है. निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने और उनकी हत्या की कड़ी निंदा करते हुए अल जज़ीरा ने यह भी कहा है कि वह गाज़ा में अपने सहयोगियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर रूप से चिंता में है और उनकी सुरक्षा में हो रही चूक के लिए इजरायली अधिकारियों को जिम्मेदार मानता है. अल जज़ीरा ने इन हमलों को रोकने और लोगों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप करने का आग्रह भी किया है.
अब तक 5 हजार की मौत
मालूम हो कि 19 दिनों से चल रहे इस युद्ध में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं. गाज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अब तक इन हमलों में 5 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है.
सोशल मीडिया पर वायरल पत्रकार का वीडियो
वहीं, दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर अल-जज़ीरा के पत्रकार का भावुक कर देने वाला वीडियो भी वायरल हो रहा है. इसमें उसे अपने बच्चों के शव हाथ में उठाए रोते हुए देखा जा सकता है.
कई पत्रकारों की मौत
इस खूनी संघर्ष की रिपोर्टिंग के लिए दुनिया भर के मीडिया संस्थानों के पत्रकार पहुंचे हुए हैं. अभी तक इस संघर्ष की रिपोर्टिंग करते हुए 21 पत्रकारों की मौत हो चुकी है. इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए यह ख़बर पढ़ें.
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