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खूनी नफरत का बिगुल बजाने वाला मोनू मानेसर एंड गैंग
‘हम सिर्फ एक ही बात कहते हैं, अगर आप गौहत्या करोगे तो आपको उसकी सजा जरूर मिलेगी’ ये बोल थे तथाकथित गौरक्षक मोनू मानेसर के, जब वो अपने काम-काज के तरीकों के बारे में बता रहे थे.
मोनू इसी साल फरवरी में दो मुस्लिम लड़कों की हत्या के आरोप के बाद से फरार चल रहा था. जिसे आज हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार किया. हाल ही में मोनू एक बार फिर से हरियाणा के नूंह और गुरुग्राम में सांप्रदायिक हिंसा से पहले दिए अपने ‘भड़काऊ बयानों’ के लिए चर्चा में था.
फरार मोनू को भले ही दो-दो राज्यों (हरियाणा-राजस्थान) की पुलिस नहीं ढूंढ पा रही थी लेकिन वो खुलेआम टीवी चैनलों पर इंटरव्यू दे रहा था. ऐसे में बहुत से सवाल उठते हैं कि आखिर मोनू को संरक्षण कौन दे रहा है? किसकी मदद से वो इतना बेखौफ हो कर गौसंरक्षण के नाम पर कानून अपने हाथ में लेता है? और आखिर वो ये सब कैसे करता है?
हमारी यह फिल्म इन सभी सवालों का जवाब तो देती ही है साथ ही उन सभी चीजों का भी पर्दाफाश करती है जो मोनू मानेसर को ताकतवर बनाती हैं. चाहे वो इसके सहयोगी हों, मुख़बिर हों, उसे हथियार मुहैया कराने वाले हों, उसकी मोडिफाइड गाड़ियां हों, जीपीएस ट्रैकर्स हों या पुलिस का संरक्षण.
कुछ स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं ने इसे तैयार किया है. ये लोग साल 2021 के अंत और 2022 की शुरुआत के बीच कई हफ्तों तक मोनू मानेसर के साथ रहे और उसके पूरे गैंग को कैमरे में दर्ज किया है.
सिर्फ आपके सहयोग से इस सच्चाई का पर्दाफ़ाश करने में हमें सफलता मिली. इस तरह के फिल्म निर्माताओं की हौसला-अफ़ज़ाई के लिए एनएल सेना प्रोजेक्ट को अपना सहयोग दें ताकि आगे भी इस तरह की फिल्में आप तक पहुंचती रहें.
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