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रोज़नामचा: अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा बनी आज के अख़बारों की सुर्खी, जानिए किसे मिली कितनी जगह
हिंदी के ज्यादातर प्रमुख अख़बारों ने आज केंद्र में सत्तासीन मोदी सरकार के खिलाफ संसद में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा को प्रमुख सुर्खी बनाया है. कुछ अख़बारों ने प्रस्ताव पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के जवाब तो कुछ ने राहुल गांधी इस दौरान राहुल गांधी द्वारा दिए गए वक्तव्य को प्रमुखता दी है.
आइए आज के प्रमुख अख़बारों की सुर्खियों पर एक नजर डालते हैं, लेकिन उससे पहले अगर आप रोज़नामचा को अपने ई-मेल पर पाना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें.
दैनिक जागरण ने अविश्वास प्रस्ताव पर दिनभर हुई चर्चा पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के जवाब को प्राथमिकता दी है. अख़बार की मुख्य ख़बर का शीर्षक है, ‘विपक्ष को भले न हो, जनता को मोदी पर विश्वासः शाह’ अख़बार ने लिखा कि गृहमंत्री ने मणिपुर में सभी पक्षों से शांति की अपील करते हुए कहा कि वहां हुई घटनाएं शर्मनाक हैं लेकिन उस पर राजनीति करना उससे भी शर्मनाक है.
वहीं, अख़बार ने इसी प्रमुख ख़बर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और स्मृति ईरानी के भाषण को भी जगह दी है. जिसमें लिखा कि राहुल गांधी ने भाजपा पर मणिपुर में भारत माता की हत्या का आरोप लगाया. उधर, स्मृति ईरानी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर करारा पलटवार किया और कहा कि कांग्रेस का इतिहास खून से सना है.
विशेषाधिकार समिति द्वारा आप सांसद राघव चड्ढा को नोटिस दिए जाने, 31 जुलाई को हिंसा भड़कने के चलते अधूरी रह गई विश्व हिंदू परिषद की जलाभिषेक यात्रा आगामी 28 तारीख को फिर निकाली जा सकती है, चंद्रयान की सतह के और नजदीक पहुंचा चंद्रयान-3, डिजिटल निजी डाटा सुरक्षा विधेयक राज्यसभा से भी पारित, ओडिशा के बालेश्वर में नशे में लोको पायलट ने तोड़ा सिग्नल- ट्रेन से उतारे गए और हरियाणा लोकहित पार्टी के नेता गोपाल कांडा के गुरुग्राम स्थित घर और कार्यालय पर ईडी की छापेमारी आदि ख़बरों को भी पहले पन्ने पर जगह मिली है.
अमर उजाला ने संसद में दिनभर हुई अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा को अपनी पहली सुर्खी बनाया है. हालांकि, अख़बार ने ख़बर का शीर्षक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान को शीर्षक बनाया है. शीर्षक है- ‘मणिपुर पर सियासत शर्मनाक, सुधर रही स्थिति आग में घी डालने का काम न करे विपक्ष: शाह.’ अख़बार ने इस ख़बर को तीन भागों में बांटा है. जिसमें से एक तरफ चर्चा के दौरान अमित शाह का बयान तो दूसरी तरफ स्मृति ईरानी के बयान को रखा गया है. वहीं बीच में राहुल गांधी के बयान भी जगह दी गई है. ख़बर के मुताबिक, अमित शाह ने पूछा कि इससे पहले हुई हिंसा पर कब किसी पीएम ने बयान दिया था? वहीं, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि मणिपुर न खंडित है, न विभाजित है वह देश का हिस्सा है. इन दोनों नेताओं से पहले सदन में पहले राहुल ने कहा कि आपकी राजनीति ने भारत माता को चोट पहुंचाई. आपने मणिपुर को दो हिस्सों में बांट दिया.
अख़बार ने इसके अलावा राहुल गांधी द्वारा संसद में फ्लाइंग किस दिए जाने को लेकर 22 महिला सांसदों ने की कार्रवाई की मांग और विशेषाधिकार हनन पर संसद की समिति का राघव चड्ढा को नोटिस आदि ख़बरों को भी पहले पन्ने पर जगह मिली है.
हिंदुस्तान ने संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा को अख़बार ने प्राथमिकता दी है. अख़बार ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सवाल-जवाब को प्रमुखता दी है. ख़बर का शीर्षक कुछ यूं है- लोकसभा में पारा चरम पर पहुंचा. 6 कॉलम की ख़बर को अख़बार दो हिस्सों में बांटा है. जिसमें से 4 कॉलम अमित शाह को 2 कॉलम राहुल गांधी के बयानों को दिए गए हैं. अख़बार ने लिखा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संसद को बताया कि मणिपुर में घटना घटी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात में ही उन्हें जागकर फोन किया और हाल जाना. उन्होंने कहा कि वे खुद 3 दिन तक मणिपुर में रहे. वहीं, अख़बार ने राहुल गांधी के बयान पर लिखा कि उन्होंने सूफी संत रूमी के जिक्र से भाषण शुरू किया. उन्होंने भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि भारत अहंकार को स्वीकार नहीं करता है.
अख़बार ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई को भी प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देश में एक ही संविधान संभव है.
इसके अलावा आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्डा के खिलाफ शिकायत समिति को सौंपी, स्मृति ईरानी का बयान- कांग्रेस का आचरण देश देख रहा, उमर खालिद की जमानत याचिका से अलग हुए जज प्रशांत कुमार मिश्रा, चांद के और करीब पहुंचा चंद्रयान-3, डाटा संरक्षण विधेयक को राज्सभा की मंजूरी, ज्ञानवापी में गुंबदों के बाद तहखानोंं की जांच शुरू और ऑनलाइन गेमिंग पर 28% जीएसटी संसद से मंजूर आदि ख़बरों को भी पहले पन्ने पर जगह मिली है.
जनसत्ता ने संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा को प्राथमिकता दी है. अख़बार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री अमित शाह के बयान को करीब-करीब बराबर जगह दी है. दोनों ही ख़बरों को अलग-अलग तीन कॉलम में प्रकाशित किया गया है. प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी के बयान- मणिपुर में हिंदुस्तान को मारा है, ख़बर का शीर्षक है. ख़बर के मुताबिक जब पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने मणिपुर का खौफनाक मंजर बयां किया तो जवाब में शोर आया. अख़बार ने लिखा कि राहुल के वक्तव्य के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोंकझोंक हुई.
वहीं, दूसरी ख़बर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान दिया गया जवाब है. ख़बर के मुताबिक, शाह ने इस दौरान कहा कि वे विपक्ष की इस बात से सहमत हैं कि मणिपुर में हिंसा का तांडव हुआ, हिंसक घटनाएं हुईं. वहां जो कुछ भी हुआ, वो शर्मनाक है. उन्होंने कहा कि वहां हुए दंगे परिस्थितिजन्य थे.
इसके अलावा राज्यसभा में नियम 267 के तहत मणिपुर पर चर्चा की मांग लेकर विपक्ष ने एक बार फिर किया बहिर्गमन, केरल का नाम ‘केरलम्’ करने का प्रस्ताव विधानसभा में पारित, महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी बृजभूषण ने कोर्ट से कहा- बिना यौन मंशा के किसी महिला को गले लगाना अपराध नहीं और ईडी ने विधायक गोपाल कांडा से जुड़े परिसरों में मारे छापे आदि ख़बरों क भी पहले पन्ने पर जगह मिली है.
दैनिक भास्कर ने संसद में अविश्वास प्रस्ताव को प्रमुखता दी है. अख़बार की ओर से दिए गए दो पंक्तियों के शीर्षक में पहली पंक्ति में राहुल गांधी तो दूसरी पंक्ति में अमित शाह का बयान है. शीर्षक इस प्रकार है-
मणिपुर में हिंदुस्तान की हत्याः राहुल
हिंसक तांडव परिस्थितिजन्य: शाह
ख़बर के मुताबिक, राहुल ने कहा कि आप हर जगह मिट्टी का तेल छिड़क रहे हैं. आपने मणिपुर में मिट्टी का तेल छिड़कर कर आग लगा दी. अब आप हरियाणा में भी यही कोशिश कर रहे हैं. आप हर जगह देश को जलाने की कोशिश कर रहे हैं.
इसके जवाब में अमित शाह ने कहा कि मणिुपर में हिंसा घट रही है. विपक्ष तेल डालने का काम न करे. वहीं, सीएम के न हटाए जाने पर शाह ने कहा कि सीएम सहयोग कर रहे हैं इसीलिए नहीं हटाया गया. धारा 356 के तहत सीएम को तब बदला जाता है, जब वह सहयोग नहीं कर रहे हों.
इसके अलावा गोपाल कांडा से जुड़े परिसरों पर ईडी की छापेमारी, एशियंस चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी में भारत ने पाकिस्तान को 4-0 से हराया, केरल का नाम केरलम् करने का प्रस्ताव विधानसभा से पारित और अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के आखिरी दिन आज पीएम नरेंद्र मोदी देंगे जवाब आदि ख़बरों को भी पहले पन्ने पर जगह मिली है.
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