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रोज़नामचा: अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में हुई ‘महाभारत’ और धारा 370 पर सुनवाई बनी आज के प्रमुख अख़बारों की सुर्खियां
हिंदी के ज्यादातर प्रमुख अख़बारों ने आज केंद्र में सत्तासीन मोदी सरकार के खिलाफ संसद में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा को प्रमुख सुर्खी बनाया है. वहीं, कुछ अख़बारों ने जम्मू-कश्मीर से धारा-370 हटाए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई को भी प्राथमिकता दी है.
आइए आज के प्रमुख अख़बारों की सुर्खियों पर एक नजर डालते हैं, लेकिन उससे पहले अगर आप रोज़नामचा को अपने ई-मेल पर पाना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें.
दैनिक जागरण ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा को प्राथमिकता दी है. अख़बार ने एक तरफ विपक्षी गठबंधन इंडिया तो दूसरी तरफ सत्ताधारी गठबंधन एनडीए की ओर से चर्चा में रखी गई बातों को जगह दी है.
सदन में कांग्रेस के नेता गौरव गोगोई ने कहा कि इंडिया की बात करने वाली केंद्र सरकार ने दो मणिपुर बना दिए हैं. उन्होंने कहा कि गठबंधन की ओर से अविश्वास प्रस्ताव इसीलिए लाया गया है ताकि मणिपुर और चीन पर प्रधानमंत्री का मौनव्रत तुड़वा सकें. वहीं, इसके जवाब में भाजपा ने कहा कि विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाने पर पछताएगा.
43 साल पहले ईद पर मुरादाबाद में हुए दंगों की रिपोर्ट को भी अख़बार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है. अख़बार ने लिखा कि 13 अगस्त, 1980 की सुबह हुई इस हिंसा की साजिश मुस्लिम लीग के नेता डॉ. शमीम अहमद खां ने रची थी. इस बारे में जस्टिस सक्सेना आयोग की 458 पन्ने की रिपोर्ट विधानमंडल में रखी गई.
इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी गठबंधन इंडिया को अब बताया ‘घमंडिया’, ज्ञानवापी के सर्वे का पांचवा दिन- थ्रीडी इमेज से खंगाला पश्चिमी दीवार का अतीत, राहुल गांधी को वापस मिला सरकारी बंगला, अनुच्छेद 370 पर ब्रेग्जिट जैसे जनमत संग्रह की जगह नहीं- सुप्रीम कोर्ट, हिंदू राष्ट्र के प्रश्न पर कमलनाथ बोले- यहां 82 फीसदी हिंदू हैं, जमीना घोटाला मामले में झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को ईडी का समन आदि ख़बरों को भी पहले पन्ने पर जगह मिली है.
दैनिक भास्कर ने अविश्वास प्रस्ताव को प्राथमिकता दी है. अख़बार ने इसके लिए दो पंक्तियों का शीर्षक दिया. जिसमें पहली पंक्ति इंडिया गठबंधन का सवाल तो दूसरी उस पर भाजपा का जवाब है. शीर्षक कुछ यूं है-
‘INDIA: पीएम मणिपुर क्यों नहीं गए?
NDA: हर 15 दिन में मंत्री कर रहे दौरा’
अख़बार ने लिखा कि समाजवादी पार्टी ने चर्चा के दौरान कहा कि अगर मणिपुर से वीडियो सामने नहीं आते तो पता नहीं चलता कि वहां क्या-क्या हुआ. वहीं, निशिकांत दुबे ने जवाब में कहा कि विपक्षी आपस में लड़ रहे हैं और नाम इंडिया रखा हुआ है. अख़बार इस ख़बर के साथ ही भाजपा संसदीय दल की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी के बयान को भी नत्थी किया है. जिसमें उन्होंने कहा कि विपक्षी घटक दल आपसी विश्वास जांचने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाए हैं.
इसके अलावा राष्ट्रपति को ज्यादा अधिकार देने वाला बिल राज्यसभा से पास, राघव चड्ढा के खिलाफ 5 सांसदों ने विशेषाधिकार हनन का नोटिस, 108 दिन बाद वापस मिला राहुल को बंगला आदि ख़बरों को भी पहले पन्ने पर जगह मिली है.
अमर उजाला ने संसद में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को प्राथमिकता दी है. अख़बार ने लिखा कि प्रस्ताव लाने की वजह बताते हुए कांग्रेस ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मौनव्रत तुड़वाने के लिए ये लाने को मजबूर होना पड़ा. वहीं, भाजपा ने इस दौरान कहा कि यह प्रस्ताव उस गरीब बेटे के खिलाफ है, जो गरीबों के कल्याण के लिए काम कर रहा है. चर्ची की शुरुआत गौरव गोगोई ने की तो वहीं भाजपा की ओर से प्रस्ताव पर बोलते हुए सोनिया गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि वह भारतीय नारी की तरह दो काम करना चाहती हैं- एक बेटे को सेट करना और दूसरा दामाद को भेंट करना. यही प्रस्ताव का आधार है.
1980 में मुरादाबाद में ईद के मौके पर हुए दंगों पर जस्टिस सक्सेना की रिपोर्ट को उत्तर प्रदेश विधानसभा में रखे जाने को जगह दी है. अख़बार ने लिखा कि सियासी लाभ के लिए मुस्लिम लीग के नेता डॉ. शमीम ने 70 हजार की भीड़ को उकसाया. मालूम हो कि इन दंगों में 84 लोगों की मौत हो गई थी.
इसके अलावा भ्रष्टाचार में दोषी पाए जाने के बाद अब पांच साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे इमरान खान, यूपी-उत्तराखंड समेत 6 राज्यों की सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव 5 सितंबर को आदि ख़बरों को पहले पन्ने पर जगह मिली है.
जनसत्ता ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर हुई ‘महाभारत’ को अपनी पहली सुर्खी बनाया है. अख़बार ने ख़बर को दो हिस्सों में प्रकाशित किया है. एक हिस्से में विपक्ष के आरोपों को तो दूसरे हिस्से में सत्ता पक्ष के जवाबों को प्रकाशित किया गया है. अख़बार ने लिखा कि लोकसभा में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मंगलवार को बहस शुरू हो गई. कांग्रेस की तरफ से गौरव गोगोई ने शुरुआत की और कहा कि एक भारत का दावा करने वाली भाजपा ने दो मणिपुर बना दिए हैं. इस पर भाजपा की तरफ से निशिकांत दुबे ने कहा कि यह अविश्वास प्रस्ताव वास्तव में विभिन्न योजनाओं के जरिए गरीबों की सुध लेने वाले प्रधानमंत्री के खिलाफ है.
भाजपा संसदीय दल की बैठक के दौरान पीएम मोदी के बयान ‘विपक्ष में आपस में अविश्वास’ को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. अख़बार ने लिखा कि पीएम मोदी ने कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ खुद अविश्वास से भरा हुआ है.
इसके अलावा विपक्षी दलों ने पीयूष गोयल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया, न्यूज़क्लिक के मुद्दे पर भाजपा ने साधा विपक्ष पर निशाना, ईडी ने हेमंत सोरेन को किया तलब, एससी-एसटी एक्ट के तहत झूठे मुकदमों से न्याय प्रणाली बाधित- कर्नाटक हाईकोर्ट, मणिपुर में असम राइफल्स के खिलाफ एफआईआर, केरल विधानसभा में समान नागरिक संहिता के खिलाफ प्रस्ताव पारित, राष्ट्रविरोधी नारे लगाने के आरोप में दो लोगों पर चलेगा मुकदमा आदि ख़बरों को भी पहले पन्ने पर जगह मिली है.
हिंदुस्तान ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान मणिपुर पर तीखी नोंक-झोंक को प्राथमिकता दी है. अख़बार ने लिखा कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्षियों ने खूब वार किया तो वहीं सत्तापक्ष ने भी पलटवार किया. विपक्षी नेताओं सुप्रिया सुले, डिंपल यादव और मनीष तिवारी तो सत्तापक्ष की ओर से निशिकांत दुबे, पिनाकी मिश्रा और सुनीत दुग्गल के बयान को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है.
भाजपा संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिए बयान को भी अख़बार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया. ‘विपक्ष अपने ही सहयोगियों के विश्वास को परख रहाः मोदी’ शीर्षक से प्रकाशित ख़बर में लिखा कि पीएम मोदी ने सासंदों को संदेश दिया कि 2024 के चुनाव से पहले आखिरी गेंद पर छक्का जरूर लगाएं.
इसके अलावा दिल्ली सरकार की कैबिनेट मंत्री आतिशी को सेवा और सतर्कता विभाग की भी जिम्मेदारी सौंपी गई, राहुल गांधी गुजरात से मेघालय तक नई पदयात्रा करेंगे, नूंह हिंसा के बाद समुदाय विशेष के खिलाफ बहिष्कार की अपील करने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, अनुच्छेद 370 की ब्रेग्जिट से तुलना नहीं- सुप्रीम कोर्ट आदि ख़़बरों को भी पहले पन्ने पर जगह मिली है.
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