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चैनलों की नौटंकी से परेशान सीमा और सचिन ने घर में मीडिया की एंट्री पर लगाई रोक
मीडिया की आंखों का तारा बनी सचिन मीणा और सीमा हैदर की जोड़ी अब मीडिया की मनमर्जी और उनके जीवन में अतिवादी दखल से परेशान हो गई है. हालत ये है कि अब इन दोनों को मीडिया से पीछा छुड़ाने के लिए अपना घर तक छोड़ना पड़ा है.
इतना ही नहीं अब मीडिया से बचने के लिए परिवार ने अपने ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा स्थित घर की बाहरी दीवार पर एक नोटिस चस्पा कर दिया है, जिस पर लिखा है- ‘कृपया मीडिया हमारी निजता का सम्मान करे’.
मालूम हो कि पिछले काफी वक्त से मेनस्ट्रीम मीडिया के एंकर, यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इंफलुएंसर्स सीमा और सचिन के घर पर डटे हैं.
न्यूज़लॉन्ड्री ने सीमा के घर पर जमे इस मीडिया सर्कस को लेकर रिपोर्ट भी किया था. तब परिवार और रबूपुरा गांव के लोगों ने बताया था कि मीडिया का व्यवहार ठीक नहीं है. मीडियाकर्मी परिवार के सदस्यों द्वारा साक्षात्कार के लिए निर्धारित किए गए समय का पालन भी नहीं करते हैं.
सचिन के पिता नेत्रपाल सिंह मीडिया से तंग आकर कहते हैं कि पत्रकार सीमा और सचिन से बात करने के लिए पांच मिनट से ज्यादा का समय न लें और जो आज आएं हैं, वे कल न आएं. हालांकि पत्रकार ऐसा नहीं करते.
गौरतलब है कि मीडिया का एक हिस्सा शुरू से ही सीमा के पाकिस्तान कनेक्शन को अलग-अलग रंग देने में जुटा है. इसके पीछे वजह सीमा का अवैध रूप से भारत आना, सचिन द्वारा उसकी मदद करने के जुर्म में हुई गिरफ्तारी और फिर जमानत पर रिहाई को बताया जाता है. यहां तक कि कुछ तो सीमा पर जासूसी का भी आरोप लगाते हैं.
वहीं, मीडिया का एक हिस्सा ऐसा भी है, जिसने टीआरपी की दौड़ में आगे निकलने के लिए पत्रकारिता की सारी मर्यादाएं और सीमाएं लांघ दी हैं. इस बारे में भी न्यूज़लॉन्ड्री ने रिपोर्ट किया था कि कैसे मीडिया का एक धड़ा सीमा के चरित्र हनन में जुटा है. उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश एटीएस की जांच में ऐसा कुछ सामने नहीं आ पाया है जो सीमा पर अब तक लगे जासूसी और बाकी आरोपों को सही साबित कर सके.
यही वजह है कि सीमा कभी मीडिया की आंखों का तारा बनी सीमा और सीमा की आंखों का तारा बना मीडिया अब उसकी आंखों में चुभने लगा है और उसने खुद को मीडिया की नजरों से दूर करने का फैसला कर लिया है.
सीमा का कहना है, “मीडिया, पत्रकारों द्वारा उत्पीड़न की वजह से परिवार के सदस्य सो नहीं पा रहे हैं. मीडिया के लोग सुबह 6 बजे ही घर के बाहर पहुंच जाते हैं. हम भी इंसान हैं, हमने मीडिया से अनुरोध किया है कि वो सुबह 9 बजे के बाद आएं. मीडिया वाले इतना शोर करते हैं कि हमारा सिर दर्द करने लगता है.”
उनके एक पड़ोसी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि वे मीडिया से इतने परेशान हैं कि वह दिन भर किसी पड़ोसी के घर में रहते हैं और रात को सोने के लिए अपने घर आते हैं. हालांकि, अब दो पुलिसकर्मियों को उनके घर के बाहर तैनात कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि दो पुलिसकर्मी दिन में तो दो रात में 24 घंटे पहरा देते हैं.
वह आगे कहते हैं कि गांव में पहले इनके समर्थन में आने वालों का भी तांता लगा रहता था, लेकिन जब से मीडिया ने निगेटिव रिपोर्टिंग करनी शुरू की है तब से लोग इनके समर्थन में नहीं आ रहे हैं.
वहीं, रबूपुरा गांव के ही छोटेलाल कहते हैं कि सीमा और सचिन पहले हमारे घर के बगल वाले घर में ही किराए पर रहते थे. ये दोनों यहां पर करीब दो महीने तक रहे. गांव के सभी लोगों ने इन्हें देखा था लेकिन किसी को भी यह अंदाजा नहीं था कि सीमा पाकिस्तानी है.
वह आगे कहते हैं कि जब गांव में कोई शादी होती थी तो सीमा और सचिन दोनों साथ में जाते थे, तब भी किसी को महसूस नहीं हुआ कि ये पाकिस्तान से है. जब ये एक दिन मकान मालिक को बताकर खुर्जा कोर्ट गए थे तब जाकर वकील के जरिए ये बात सामने आई. तब सबको पता चला कि ये पाकिस्तानी है. उसके बाद तो यहां मीडिया ने हंगामा काट दिया. एक समय तो ऐसा था कि दिनभर यहां सिर्फ मीडियाकर्मियों की ही गाड़ियां दिखती थीं.
मीडिया का सर्कस और सीमा की जिंदगी!
गौरतलब है कि सभी न्यूज़ चैनलों ने सीमा की स्टोरी को बढ़ा चढ़ाकर प्रस्तुत किया है. कई वीडियोज़ में गुमराह करने वाले थंबनेल अपलोड किए गए हैं. तो कुछ चैनलों द्वारा गुमराह करने वाले शीर्षक भी छापे जा रहे हैं. जैसे- राहुल गांधी सीमा को छोड़ेंगे पाकिस्तान, पॉलिग्राफ टेस्ट में सीमा के जासूस होने का हुआ खुलासा आदि.
रिपब्लिक भारत ने सीमा के बीड़ी पीने और सचिन द्वारा उसे थप्पड़ मारने की ख़बर चलाई. टीवी 9 भारतवर्ष ने सीमा के पूर्व पति गुलाम हैदर के साथ शो चलाया, जो फैमिली काउंसलिंग शो जैसा प्रतीत होता है.
यदि आप सीमा -सचिन की प्रेम कहानी से जुड़े टीवी सर्कस नहीं देख पाए तो आप इसे यहां क्लिक करके देख सकते हैं.
हमने मीडिया के कारनामों पर एक विस्तृत रिपोर्ट भी की है, जिसे आप यहां पढ़ सकते हैं.
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