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रोज़नामचाः मानसून सत्र के तीसरे दिन हंगामा और ज्ञानवापी के सर्वे पर रोक बनी आज की प्रमुख सुर्खियां
हिंदी के प्रमुख अख़बारों ने आज अलग-अलग ख़बरों को प्राथमिकता दी है. किसी ने संसद सत्र नहीं चलने तो किसी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे पर रोक लगाए जाने के फैसले को प्राथमिकता दी है.
आइए आज के प्रमुख अख़बारों की सुर्खियों पर एक नजर डालते हैं.
दैनिक जागरण ने ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाने को प्राथमिकता दी है. अख़बार ने लिखा कि 5 घंटे तक परिसर का सर्वे होने के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सर्वे पर रोक लगा दी गई. यह रोक अगले दो दिनों तक जारी रहेगी. मालूम हो कि वाराणसी की जिला अदालत ने परिसर के सर्वे को मंजूरी दी थी.
अख़बार ने 'आरआरटीएस प्रोजेक्ट के लिए 415 करोड़ दे दिल्ली सरकार' शीर्षक से ख़बर प्रकाशित की है. जिसमें लिखा कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को आदेश दिया है कि वह दो महीने में अपने हिस्से के 415 करोड़ रुपये का भुगतान करे.
इसके अलावा, तीसरे दिन हंगामे के बाद संसद का मानसून सत्र स्थगित, उत्तर प्रदेश में छह जिलों से पकड़े गए 74 रोहिंग्या, बंगाल में रामनवमी हिंसा की जांच करेगी एनआईए और देश के एक तिहाई हिस्से में सूखे की आहट आदि ख़बरों को भी पहले पन्ने पर जगह मिली है.
जनसत्ता ने संसद सत्र में हुए हंगामे की ख़बर को प्रमुखता दी है. अखबार ने 'संसद में नहीं सहमति, हंगामा' शीर्षक से प्रमुख ख़बर प्रकाशित की है. ख़बर के मुताबिक विपक्षी दलों द्वारा मणिपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री के बयान की मांग को लेकर की गई नारेबाजी की वजह से संसद सत्र फिर से स्थगित हो गया. वहीं, केंद्रीय मंत्री अमित शाह का कहना है कि सरकार इस मुद्दे पर बात करने को तैयार है.
अख़बार ने ज्ञानवापी परिसर के सर्वेक्षण पर 26 जुलाई शाम 5 बजे तक रोक को भी प्रमुखता से प्रकाशित किया है. अख़बार ने लिखा कि सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को हाईकोर्ट जाने को कहा है.
इसके अलावा, अख़बार ने मणिपुर में उपद्रवियों द्वारा केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री के आवास पर हमला, मेघालय में भीड़ ने मुख्यमंत्री कार्यालय पर किया हमला, ओपनहाइमर फिल्म को मंजूरी पर ठाकुर ने सेंसर बोर्ड से मांगा जवाब, दिल्ली में यमुना अब भी खतरे के निशान से ऊपर आदि ख़बरों को भी पहले पन्ने पर जगह मिली है.
अमर उजाला ने वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर सर्वे के मामले को पहली ख़बर के रूप में प्रकाशित किया है. अख़बार ने लिखा कि सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे पर 26 जुलाई शाम 5 बजे तक रोक लगा दी गई है. मालूम हो कि स्थानीय अदालत ने परिसर के सर्वे को मंजूरी दी थी.
मानसून सत्र के तीसरे दिन को भी अख़बार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है. अख़बार ने गृहमंत्री अमित शाह के बयान को शीर्षक बनाया है. लिखा- मणिपुर पर चर्चा क्यों नहीं होने दे रहा विपक्ष, सच पता चलना चाहिए. ख़बर के मुताबिक, सत्र के तीसरे दिन दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ.
इसके अलावा, दिल्ली के गरीबों को 20 लीटर मुफ्त आरओ का पानी देने की केजरीवाल की योजना, लड़ाकू विमान से खेत में गिरी भारी वस्तुएं, मेघायल में सीएम ऑफिस पर हमला- पांच पुलिसकर्मी घायल, कर्नाटक हाईकोर्ट के जजों को मिली जान से मारने की धमकी, मणिपुर हैवानियत में 14 और आरोपियों की पहचान, बॉम्बे हाईकोर्ट की टिप्पणी- व्हाट्सएप स्टेटस लगा रहे हैं तो जिम्मेदारी भी लें आदि ख़बरों को भी पहले पन्ने पर जगह मिली है.
दैनिक भास्कर ने मानसून सत्र के तीसरे दिन हुए हंगामे को प्राथमिकता दी है. अख़बार ने लिखा कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार मणिपुर मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार है लेकिन विपक्ष ऐसा नहीं चाहता. वहीं, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को संसद में मणिपुर के मुद्दे पर अपनी बात रखनी चाहिए.
हॉलीवुड फिल्म ओपेनहाइमर पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के बयान को भी अहम जगह दी गई है. ठाकुर ने फिल्म में भागवत गीता से जुड़े विवादित सीन को सेंसर बोर्ड से हटाने के लिए कहा है.
इसके अलावा पहले पन्ने पर दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी- हर नागरिक को पासपोर्ट रखने का अधिकार, पंजाब के पूर्व वित्तमंत्री मनप्रीत बादल से विजिलेंस की पूछताछ, बॉम्बे और आंध्रप्रदेश हाईकोर्ट मिले नए चीफ जस्टिस आदि ख़बरों को भी जगह मिली है.
हिंदुस्तान मानसून सत्र के तीसरे दिन हुए हंगामे को प्राथमिकता दी है. अख़बार ने लिखा कि संसद के दोनों सदनों में मणिपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री के बयान की मांग के लिए हुई गहमा-गहमी के बाद कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया. इससे पहले केंद्रीय मंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर बात करने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष गंभीर नहीं है.
वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद के परिसर के सर्वे पर रोक को भी अख़बार ने अहम स्थान दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे पर दो दिन के लिए रोक लगा दी है. साथ ही याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने की सलाह दी है.
इसके अलावा पहले पन्ने पर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी का आदेश, संघ के वरिष्ठ प्रचारक मदन दास की मौत, बॉम्बे हाईकोर्ट की टिप्पणी- व्हाट्सएप स्टेटस जिम्मेदारी से लगाएं आदि ख़बरों को भी जगह मिली है.
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