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रोज़नामचा: बारिश का कहर और मणिपुर को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी बनी आज की सुर्खियां
हिंदी के प्रमुख अखबारों ने आज भारी बारिश से उत्तर भारत में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न होने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है. खबर में बताया है कि पिछले पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण देश के कई इलाके बदहाल हैं और यहां तक कई जगह पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है.
इस आपदा की स्थिति में जान-माल का भी काफी नुक्सान हुआ है. हालांकि, मृतकों का आकड़ा अभी साफ नहीं है. खबरों के मुताबिक, अभी तक हुई मूसलाधार बारिश से सबसे ज़्यादा नुक्सान हिमाचल और उत्तराखंड में हुआ है. जहां सभी नदी-नाले उफान पर हैं. प्रधानमंत्री ने दोनों ही राज्यों के मुख्यमंत्रियों से फोन पर हालात का जायज़ा लिया है. हिमाचल में अभी तक बारिश से 20 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, पंजाब में राहत बचाव के लिए फौज को लगाया गया है. उधर, हथनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद दिल्ली में यमुना उफान पर है.
आइए आज के अखबारों की सुर्खियों पर नजर डालते हैं.
दैनिक जागरण ने उत्तर भारत में तेज बारिश से बाढ़ जैसे हालात पैदा होने को पहली ख़बर बनाया है. अख़बार ने लिखा है कि कई दिनों से हो रही वर्षा के कारण उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों में जनजीवन बेहाल हो गया है. हिमाचल में करीब 500 पर्यटक फंसे हैं और दिल्ली में भी यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है. पंजाब के चार जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं. वहीं, उत्तराखंड में अगले दो दिन तक बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली से जुड़े अध्यादेश पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है. हालांकि, अभी अध्यादेश पर रोक नहीं लगाई है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में राज्यपाल को भी पक्षकार बनाने के लिए कहा है. दिल्ली सरकार की मांग है कि सुप्रीम कोर्ट इस अध्यादेश को खारिज कर दे.
हिंदुस्तान ने दिल्ली सहित उत्तर भारत में बारिश से मचे भूचाल को प्रमुख स्थान दिया है. हिंदुस्तान की खबर का शीर्षक है, ‘बेतहाशा बारिश से सांसत में सात राज्य’. हिंदुस्तान के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारी बारिश से उपजी विकट स्थिति का जायज़ा लेने के लिए मंत्रियो और अधिकारियों के साथ बैठक की है. साथ ही हिमाचल और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों से भी बात की है. गौरतलब है कि बारिश से हिमाचल में अभी तक 4000 करोड़ के नुक्सान होने की खबर है. खबर में बताया है कि 4 राज्यों में एनडीआरएफ की 39 टीमें तैनात हैं.
दिल्ली सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा अध्यादेश के मामले में अंतरिम राहत से इंकार करते हुए उस पर फिलहाल रोक नहीं लगाए जाने और केंद्र से जवाब मांगे जाने की ख़बर को भी प्रमुखता दी है.
इसके अलावा भारत द्वारा भगोड़े नीरव मोदी और विजय माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर ब्रिटेन पर दवाब डालने, मणिपुर के हालातों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी- मणिपुर की कानून व्यवस्था हम हाथ में नहीं ले सकते, पश्चिम बंगाल में सख्त पहरे के बीच पुनर्मतदान और भारत द्वारा नौसेना के लिए लड़ाकू विमान और तीन पनडुब्बियां खरीदने को भी प्राथमिकता दी है.
अमर उजाला ने 8 राज्यों में बाढ़ और बारिश के कहर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है. खबर में बताया है कि हिमाचल में भारी तबाही देखने को मिली है. वहीं, पंजाब में बाढ़ से निपटने के लिए फ़ौज की तैनाती की गई है और करीब 50 गांवों को खाली करवाया गया है. खबर में बताया है कि पिछले 24 घंटो में आपदा से 44 से अधिक मौते हुई हैं.
अमर उजाला ने सुप्रीम कोर्ट में धारा 370 निरस्त करने से जुड़ी सुनवाई में केंद्र के जवाब को भी प्राथमिकता दी है. जवाब में केंद्र ने कहा है कि धारा 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर प्रगति की राह पर चल रहा है. राज्य में शांति और खुशहाली है. पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी आई है. गौरतलब है कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र की भाजपा सरकार ने धारा 370 को निष्प्रभावी कर दिया था.
अन्य खबरों में दिल्ली राज्य पर केंद्र के अध्यादेश पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान आम आदमी पार्टी को अंतरिम राहत से इंकार, हनी ट्रैप में फंस कर पाकिस्तान को खुफिया दस्तावेज भेजने वाले विदेश मंत्रालय के कर्मी नवीन, बिना आईडी ही बदले जाएंगे 2000 के नोट, केंद्र की फ्रांस से पनडुब्बी और राफेल विमान खरीदने की योजना, श्रीनगर के एक होटल में साजिश रचते 10 लोगों की गिरफ्तारी को भी पहले पन्ने पर जगह मिली है.
जनसत्ता ने मणिपुर में जातीय हिंसा पर हो रही सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को प्रमुख स्थान दिया है. खबर में बताया है कि कोर्ट ने मणिपुर के संघर्षरत गुटों को संयम बरतने की सलाह देते हुए कहा है कि राज्य में तनाव बढ़ाने के लिए कोर्ट का इस्तेमाल नहीं किया जाए. कोर्ट ने इस दौरान कहा कि वे कानून-व्यवस्था अपने हाथ में नहीं ले सकते. सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य और केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है. यह एक मानवीय मुद्दा है.
सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली से जुड़े अध्यादेश पर रोक लगाने से इंकार, पश्चिम बंगाल के गवर्नर सीवी बॉस की गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात, सुप्रीम कोर्ट द्वारा अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जांच पर रोक लगाने से इंकार को भी प्रमुखता दी है.
इसके अलावा फॉक्सकॉन का वेदांत के साथ चिप प्लांट लगाने का करार ख़ारिज, अडाणी मामले में सेबी द्वारा विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों से असहमति जताना, दिल्ली उच्च न्यायालय का केंद्र द्वारा शिक्षाविद अशोक स्वैन का ओसीआइ कार्ड रद्द करने का आदेश खारिज और हिमाचल के मुख्यमंत्री द्वारा बाढ़ के चलते केंद्र से मदद की मांग को भी पहले पन्ने पर जगह मिली है.
दैनिक भास्कर ने उत्तर भारत में बारिश से मचे कोहराम को प्रमुखता दी है. भास्कर की खबर का शीर्षक है, ‘हिमाचल में केदारनाथ जैसी आफत’. अख़बार ने लिखा है कि देश में पिछले 6 दिन से सामान्य से ज्यादा बारिश हो रही है. वहीं, हिमाचल में पिछले 3 दिन में 12 इंच बारिश हुई है, जो कि पिछले 50 सालों में सर्वाधिक है. बारिश के चलते दिल्ली में स्कूल बंद हैं और पंजाब, हिमाचल समेत कई जगहों पर राहत-बचाव का कार्य चल रहा है.
वहीं, सुप्रीम कोर्ट द्वारा केंद्र के दिल्ली से जुड़े अध्यादेश पर रोक लगाने से इंकार, जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने को लेकर दायर याचिक पर सुनवाई के दौरान केंद्र का हलफनामा, इंस्टाग्राम थ्रेड्स के 10 करोड़ यूजर होना, बैडमिंट में लक्ष्य सेन का कनाडा ओपन जीतना आदि ख़बरों को भी पहले पन्ने पर जगह मिली है.
भास्कर का अंग्रेजी माफीनामाः भास्कर ने कोर्ट के आदेश के बाद एक फर्जी ख़बर प्रकाशित करने को लेकर आज पहले पन्ने पर माफीनामा भी प्रकाशित किया है. हालांकि, इस बात की चारों ओर चर्चा है कि जब फर्जी ख़बर हिंदी में प्रकाशित हुई थी तो माफीनामा अंग्रेजी में क्यों ?.
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