NL Charcha
एनएल चर्चा 269: मणिपुर हिंसा के कारण और पहलवानों के समर्थन में उतरी खाप पंचायतें
इस हफ्ते चर्चा में बातचीत के मुख्य विषय मणिपुर हिंसा, एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में संशोधन, नए संसद भवन का उद्घाटन, दिल्ली के शाहबाद डेयरी में एक नाबालिग लड़की की सरेआम हत्या, राहुल गांधी का अमेरिका दौरा, महिला पहलवानों का अपने मेडल्स गंगा में बहाने का फैसला, दिल्ली शराब नीति पर हाईकोर्ट की टिप्पणी, सचिन पायलट और अशोक गहलोत में जारी टकराव के अलावा कर्नाटक विधानसभा चुनावों में भाजपा का विज्ञापन पर खर्च आदि रहे.
चर्चा में इस हफ्ते बतौर मेहमान टिमोथी चोंगथू' , वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी और न्यूज़लॉन्ड्री के स्तंभकार आनंदवर्धन शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
मणिपुर हिंसा पर चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल सवाल करते हैं कि मैती और कुकी समुदाय के बीच जारी हिंसा की क्या-क्या वजहें हैं?
इस सवाल के जवाब में टिमोथी कहते हैं, “मणिपुर का भूगोल ऐसा है कि वहां घाटी और पहाड़ी क्षेत्र है. घाटी में मैती समुदाय रहता है और पहाड़ी इलाके में नागा और कुकी समुदाय रहते हैं. ऐसे में यहां सदियों से इनके बीच जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा है. 2014 से पहले जब कांग्रेस की सरकार थी तब भी छोटी-मोटी झड़पें होती रहती थीं लेकिन इतने बड़े स्तर पर हिंसा पहली बार हुई है.”
इसी विषय पर हृदयेश कहते हैं, “बहुत सारे लोग यह कह रहे हैं कि सारी गलती मैती समुदाय की है जबकि उस समुदाय के लोगों का कहना है कि वह भी कुकी समुदाय के लोगों के साथ रहना चाहते हैं. उनमें भी शांतिप्रिय लोग हैं और यह झगड़ा मैती और कुकी का नहीं है. इसे झगड़ा सरकार बना रही है. सरकार के कदम चुनाव केंद्रित ज्यादा हैं और वह शांति स्थापित करने के लिए उतने गंभीर प्रयास करती नजर नहीं आ रही है.”
इसी मुद्दे पर बात करते हुए टिमोथी कहते हैं, “3 मई को जब यह हिंसा की वारदात हुई तब मणिपुर और तब कर्नाटक में चुनाव चल रहे थे. कुछ समय के लिए तो सीएम साहब भी यहां की सुध लेना भूल गए और कर्नाटक चुनावों में पार्टी को प्रमोट करने में लगे रहे.”
इसके अलावा चर्चा में पहलवानों के प्रदर्शन समेत कुछ और अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई.
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइम कोड्स:
00:00:00 - 00:08:20 - इंट्रो व हेडलाइंस
00:08:20 - 00:43:06 - मणिपुर हिंसा
00:43:10 - 01:10:33 - पहलवानों का प्रदर्शन
01:10:43- 01:15:40- सब्सक्राइबर्स के मेल
01:15:40- 01:26:25- नए संसद भवन का उद्घाटन
01:26:25 - जरूरी सूचना व सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
आनंद वर्धन
विजय देव साही की कविता - अकेले पेड़ों का तूफान
आर्थर सी. ब्रूक्स का लेख- अ प्रोफेशन इज़ नॉट अ पर्सनालिटी
टिमोथी चोंगथू
जंगखोमंग गुईट और थोंगखोलाल हाओकिप की किताब- द एंग्लो कुकी वॉर
अतुल चौरसिया
सुनो इंडिया पॉडकास्ट- बियॉन्ड नेशन एंड स्टेट
हृदयेश जोशी
राड्रो ग्रेशिया की किताब- ए फेयरवेल टू गाबो एंड मर्सिडीज
इस हफ्ते की टिप्पणी- चक्रवर्ती डंकापति का राज्याभिषेक
ट्रांस्क्राइबः तस्नीम फातिमा
प्रोड्यूसरः चंचल गुप्ता
एडिटर: उमराव सिंह
Also Read
-
Army vs police in Kishtwar: What does it tell us about civil-military balance?
-
Why the Delhi Gymkhana eviction should terrify every housing society and hospital in India
-
From Umar Khalid to Sharjeel Imam: Being Muslim in Modi’s India
-
The making of Champat Rai: From trusted organiser to Ayodhya’s most controversial figure
-
चंपत कटै, मिटै सब पीरा: अयोध्या में आरएसएस की आंख-नाक-कान