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यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन: बैरिकेड के ऊपर से घसीट-घसीट कर कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया
राहुल गांधी की लोकसभा से सदस्यता रद्द होने के बाद से कांग्रेस कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर लड़ाई के लिए उठ खड़ी हुई है. बीते रविवार को महात्मा गांधी की समाधि स्थल राजघाट के सामने कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने ‘संकल्प सत्याग्रह’ किया. वहीं, सोमवार को एक तरफ कांग्रेस और विपक्षी दल के सांसदों ने संसद भवन में तो वहीं इंडियन यूथ कांग्रेस (आईवाईसी) ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया.
यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता संसद भवन का घेराव करने वाले थे, लेकिन पुलिस ने जंतर-मंतर पर ही बैरिकेड लगाकर रोक दिया. इस दौरान पुलिस ने बल का भी प्रयोग किया और बैरिकेड के ऊपर से घसीट-घसीट कर कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. इस दौरान कई कार्यकताओं ने पुलिस पर पीटने का भी आरोप लगाया.
जंतर-मंतर से करीब 500 मीटर पर यूथ कांग्रेस का दफ्तर है. यहां सुबह से ही हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से कार्यकर्ता पहुंचने लगे. थोड़ी देर बाद वे जंतर-मंतर के लिए निकले. यहां पहुंचने के बाद डेढ़ बजे तक नेताओं ने भाषण दिया और फिर संसद भवन घेराव करने के लिए निकले.
यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बी.वी. ने न्यूज़लॉन्ड्री से बात करते हुए कहा, ‘‘ये सरकार अडानी को बचाने में लगी हुई है. सरकार को बताना चाहिए कि अडानी के पास 20 हजार करोड़ रुपए कहां से आए?. आप (भाजपा वाले) अडानी को बचाने, देश को बेचने में लगे हैं, क्या है ये ?”.
श्रीनिवास आगे कहते हैं, “राहुल जी की सदस्यता डिसक्वालीफाई नहीं हुई, आज लोकतंत्र डिसक्वालीफाई हुआ है. हिन्दू, मुस्लिम या जैन खतरे में नहीं हैं. इस देश का बेरोजगार युवा, महिला और किसान खतरे में हैं. ये (भाजपा वाले) देश को लूट रहे हैं.’’
सुबह से ही जंतर-मंतर के आसपास काफी संख्या में दिल्ली पुलिस, आरपीएफ और सीआरपीएफ के जवान मौजूद थे. मजबूत बैरिकेड लगाए गए थे. जिसे देखकर लग रहा था कि वे किसी भी हाल में इन कार्यकर्ताओं को संसद घेराव के लिए नहीं जाने देंगे. वहीं श्रीनिवास ने न्यूज़लांड्री से कहा, ‘‘हम बिलकुल संसद का घेराव करेंगे. हम महात्मा गांधी को भी मानते हैं और भगत सिंह को भी.’’
डेढ़ बजे के करीब जब यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता बैरिकेड्स की तरफ बढ़ने लगे. पुलिस ने उन्हें रोकना शुरू कर दिया. दिल्ली पुलिस और दूसरे सुरक्षाबलों के बीच संघर्ष शुरू हुआ. इस बीच कई कार्यकर्ताओं और मीडियाकर्मियों को भी चोट आई. करीब एक घंटे तक पुलिस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेती रही और गाड़ियों में भरकर ले जाती रही.
हिरासत में ली गईं महिला कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें महिला पुलिसकर्मियों के बजाय पुरुष पुलिसकर्मी पकड़ रहे थे. हालांकि, वहां महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद थीं. श्रीनिवास को हिरासत में लेने के लिए पुलिस ने जबर्दस्त बल का प्रयोग किया. उन्होंने भी पुलिस पर मारने-पीटने का आरोप लगाया. हालांकि श्रीनिवास को हिरासत में लेने के बाद प्रदर्शन खत्म हो गया.
इस बीच लोकसभा सचिवालय ने राहुल गांधी को अपना आवास खाली करने का नोटिस दिया है. उन्हें घर खाली करने के लिए एक महीने का समय दिया है.
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