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यह लड़ाई राहुल की कोशिश और मोदी की साजिश के बीच: कांग्रेस
चार साल पुराने एक मानहानि मामले में सूरत जिला कोर्ट द्वारा दो साल की सजा सुनाए जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा की सदस्यता रद्द कर दी गई है. लोकसभा सचिवालय ने एक अधिसूचना जारी करते हुए बताया कि केरल की वायनाड लोकसभा सीट के सांसद राहुल गांधी को सजा सुनाए जाने के दिन यानी 23 मार्च, 2023 से अयोग्य करार दिया जाता है. अब इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी ने अपने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय पर प्रेस कांफ्रेंस की, जहां कांग्रेस नेताओं अभिषेक मनु सिंघवी और जयराम रमेश ने पार्टी का पक्ष रखा.
अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि राहुल गांधी संसद के बाहर और अंदर निडर होकर बोलते हैं. आज उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ी है. सरकारी संस्थाओं का दमन हो रहा है. राहुल को सच बोलने की सजा मिली है, लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है. सरकार बौखला गई है. सरकार परेशान है क्योंकि राहुल गांधी तथ्यों और आंकड़ों के साथ बात करते हैं यह सरकार उनकी आवाज को दबाने के लिए नई तकनीक खोज रही है.
वह आगे कहते हैं राहुल की आवाज को दबाना ठीक नहीं है. हमें पूरा विश्वास है कि जो कानून में गलत है उसका सही रूप से अवलोकन किया जाएगा और सजा पर रोक लगवाने में सफलता मिलेगी. अगर सजा पर रोक लगती है तो अयोग्यता का आधार समाप्त हो जाएगा. हालांकि, सिंघवी ने ये भी कहा कि बावजूद इस सबके उन्हें उम्मीद है कि मोदी सरकार राहुल की सदस्यता बहाल नहीं करेगी.
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार जान बूझकर, सोच समझकर, सुनियोजित तरके से संस्थाओं को खत्म करने का काम कर रही है. 2014 के बाद से लगातार ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं. येन-केन-प्रकारेण लोगों की बोलने की आजादी छीनी जा रही है.
सिंघवी ने कहा क्योंकि राहुल नोटबंदी, जीएसटी, चीन को क्लीन चिट जैसे मुद्दे उठाते रहते हैं और जब राहुल गांधी विदेश जाते हैं और वापस आते हैं तो उनसे कहा जाता है कि पहले माफी मांगिए फिर बोलने दिया जाएगा. सिंघवी ने सवाल किया कि आखिर ये कौनसा तरीका है ?. उन्होंने कहा कि ये (भाजपा वाले) आडंबरी राष्ट्रवाद का बहाना बनाकार लोगों को बोलने से रोक रहे हैं.
इस कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस की कल से तहसील, ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने की योजना है.
वहीं कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि भाजपा भारत जोड़ो यात्रा से घबरा गई है और डरी हुई है. भारत जोड़ो यात्रा ने कांग्रेस संगठन के साथ ही पूरे देश में एक उमंग जगाई है. भाजपा यात्रा को बदनाम करने में जुटी थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
आज राहुल गांधी को भारत जोड़ो यात्रा की सफलता के कारण कीमत चुकानी पड़ी है. अडानी के महाघोटाले के लिए भी राहुल को कीतम चुकानी पड़ी है. उन्होंने कहा कि जिस तरह से 16 पार्टियों ने 5 फरवरी से जेपीसी की मांग की है. ये घोटाला सिर्फ अडाणी से संबंधित नहीं है. ये प्रधानमंत्री की नीयत से जुड़ा है. अडाणी घोटाले से ध्यान हटान के लिए ही ये कार्रवाई हो रही है. उन्होंने कहा कि एक तरफ राहुल गांधी की कोशिश और दूसरी तरफ प्रधानमंत्री की साजिश है. ये कोशिश और साजिश के बीच की लड़ाई है.
उन्होंने आगे कहा कि कानून के अनुसार हम अगले कदम लेंगे. कई कानूनी दरवाजे हैं जिन्हें हम खटखटाएंगे. राहुल गांधी से पिछले साल ईडी ने करीब 60 घंटे तक पूछताछ की. वहीं उनकी यात्रा पर सवाल उठाए गए. राहुल गांधी ने कहा था कि जो खुद डरते हैं वो दूसरों को डराते हैं और आज भाजपा डरी हुई है.
इस पूरे मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि जो कांग्रेस पार्टी के साथ हुआ है, वो समाजवादियों के साथ पहले हो चुका है.
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