NL Tippani
किरण पटेल टू अमृतपाल सिंह वाया बीबीसी-अनुराग ठाकुर की नोक-झोंक
साल 2014 से पहले राष्ट्र बेहद खतरे में था. इसके बाद एक सरकार बनी. यह सरकार बनी ही इसलिए क्योंकि राष्ट्र खतरे में था. नई सरकार के मुताबिक कुछ लोग देश को अंदर से खोखला कर रहे थे. बड़े पैमाने पर ऐसे लोगों को सबक सिखाया जा रहा था. हालत इतने सुधर चुके थे कि महान भारतवर्ष में अब नेता-नेताइन से सवाल पूछने पर पत्रकारों को सीधे जेल भेज दिया जाता था.
लेकिन अचानक से राष्ट्र की अंदरूनी सुरक्षा में गुजरात वाले श्री श्री 420 परम श्रद्धेय एडिशनल डायरेक्टर पीएमओ किरण पटेल ने सेंध लगा दी. उक्त ठग श्री श्री 420 किरण पटेल ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का वरिष्ठ अधिकारी बताया, जम्मू कश्मीर प्रशासन से जेड-प्लस श्रेणी की सुरक्षा ली, एक बुलेटप्रूफ महिंद्रा स्कॉर्पियो गाड़ी ली और श्रीनगर के एक पांच सितारा होटल में आधिकारिक प्रवास की सुविधा भी उठाई.
राष्ट्र की सुरक्षा में दूसरी सेंध पंजाब में लगी. यहां एक नया भिंडरावाले आया था अमृतपाल सिंह. अभी हिंदूराष्ट्र वाले लपकों से देश को फुरसत नहीं मिली थी कि ये अपना खालिस्तान लेकर खड़ा हो गया. ये पड़े-पड़े अचानक से खड़ा हुआ था. फिलहाल पुलिस आई तो फरार चल रहा है.
टिप्पणी के इस एपिसोड में हम विस्तार से राष्ट्र की अंदरूनी सुरक्षा पर बात करेंगे और साथ ही बात करेंगे हमारे गोली मारो वाले सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर की.
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