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कश्मीर घाटी में एक और पत्रकार गिरफ्तार, प्रेस क्लब ने की निंदा
जम्मू कश्मीर के स्वतंत्र पत्रकार इरफान मेहराज को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने गिरफ्तार कर लिया है. इरफान पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से इरफान मेहराज पर आरोप लगाया गया है कि वह टेरर फंडिंग के मामले में संलिप्त था.
एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा कि मेहराज, खुर्रम परवेज का करीबी सहयोगी था. वह उसके संगठन जे एंड के कोएलिशन ऑफ सिविल सोसायटीज के साथ काम कर रहा था. एजेंसी के मुताबिक उन्होंने व्यापक जांच के बाद ही पत्रकार मेहराज पर कार्रवाई की है.
खुर्रम परवेज को एजेंसी ने साल 2021 में यूएपीए के तहत ही गिरफ्तार किया था. परवेज पर आतंकी गतिविधियों के लिए फंड जुटाने, साजिश रचने समेत आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप हैं. उल्लेखनीय है कि खुर्रम परवेज को साल 2006 में रीबॉक ह्यूमन राइट्स अवॉर्ड मिला था. ये अवॉर्ड 30 साल से कम उम्र के उस शख्स को दिया जाता है, जिसने अहिंसात्मक तरीके से मानव अधिकारों की लड़ाई लड़ी हो.
इस पर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने ट्वीट किया कि हम मीडियाकर्मियों पर यूएपीए लगाने का पुरजोर विरोध करते हैं. कश्मीर के पत्रकार इरफान मेहराज की गलत तरीके से की गई गिरफ्तारी एनआईए द्वारा इस कठोर कानून के दुरुपयोग, भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के उल्लंघन की ओर इशारा करती है. हम उनकी तत्काल रिहाई की मांग करते हैं.
बता दें कि इससे पहले पिछले हफ्ते ही एनआईए ने पुलवामा से पत्रकार सरताज अल्ताफ भट को हिरासत में लिया है. भट, एक स्थानीय न्यूज आउटलेट में काम करते हैं.
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