Report
‘आप’ प्रदर्शन: “हम सब जेल जाएंगे, डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि जेल दिल्ली सरकार की है"
दोपहर के करीब 12 बज रहे थे, तेज धूप के बीच धीरे-धीरे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के खिलाफ दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित ‘आप’ दफ्तर में आ रहे थे. कार्यकर्ताओं में जोश तो था लेकिन वह जोश संख्या में नहीं दिखा.
दोपहर 12 बजे आम आदमी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी दफ्तर तक विरोध प्रदर्शन करने को लेकर रविवार को एक संदेश भेजा था. गोपाल राय के हवाले से भेजे गए इस मैसेज में कहा गया कि मनीष जी ने हर समय अपना फर्ज अदा किया है अब हम सभी को अपना फर्ज अदा करने का समय आ गया है. आगे लिखा गया था कि हर विधानसभा से 200 कार्यकर्ताओं के साथ विरोध प्रदर्शन में जरूर आएं.
दोपहर में 1:30 बजे के आसपास पार्टी के बड़े नेता पहुंचे जिसके बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ. विरोध प्रदर्शन में शामिल होने आए दिल्ली सदर बाजार इलाके के पूर्व वार्ड अध्यक्ष मोहम्मद ताहिर कहते हैं, “आंदोलन वाली पार्टी है और आंदोलन से ही अपना हक छीनना जानती है.”
प्रदर्शन के बुलावे के बाद अनुमान लगाया जा रहा था कि आप कार्यकर्ता भारी संख्या में इस विरोध में शामिल होंगे. हालांकि प्रदर्शन में करीब 300-400 कार्यकर्ता ही शामिल हुए. आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता बीजेपी मुख्यायल तक विरोध प्रदर्शन करने के लिए निकले ही थे कि पुलिस ने उन्हें बाहर ही रोक दिया. इस बीच कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्कामुक्की भी हुई.
विरोध प्रदर्शन शुरू होने से पहले सौरभ भारद्वाज ने कहा, “हमारे नेताओं को पूरी रात डिटेन कर थाने में रखा गया. जगह-जगह पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी है. पुलिस लोगों के घरों में जाकर धमका रही है, थाना प्रभारी दवाब बना रहे हैं लेकिन यह विरोध प्रदर्शन जरूर होगा. जब-जब आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को दबाया जाएगा तब-तब हम पलटवार करेंगे.”
आप से डर रही बीजेपी
प्रदर्शन में शामिल होने आए मोहम्मद ताहिर कहते हैं, “सतेंद्र जैन, मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगा. लेकिन क्या मिला… केजरीवाल के घर पर तीन मफलर मिले. आज हमारी पार्टी ताकतवर हो रही है इसलिए बीजेपी को डर लग रहा है.”
इक्ट्ठा हुए कार्यकर्ताओं के चलते आप दफ्तर के दोनों तरफ के रोड बंद कर दिए गए. जिसके बाद कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. इस दौरान पार्टी के नेता ‘जेल के ताले टुटेंगें.. मनीष सिसोदिया छुटेंगे” का नारा लगा रहे थे.
प्रदर्शन में शामिल होने आईं ललिता पार्क की निगम पार्षद श्वेता निगम कहती हैं, “बीजेपी हमेशा गुंडागर्दी और गलत काम करती है, जो अच्छे काम करते हैं उन्हें परेशान करते हैं. इसलिए उन्होंने अच्छा काम कर रहे शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया को जेल भेज दिया.”
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ करीब 20 मिनट तक धक्कामुक्की होने के बाद पुलिस ने कार्यकर्ताओं को डिटेन करना शुरू कर दिया. पार्टी दफ्तर के बाहर ही पुलिस ने बैरिकेटिंग की हुई थी. जैसे ही कार्यकर्ता वहां पहुंचे पुलिस ने उन्हें रोक दिया.
धक्कामुक्की के बीच सेंट्रल दिल्ली के एडिशनल डीसीपी शशांक श्रीवास्तव माइक से बार-बार बोल रहे थे कि पुलिस के साथ धक्कामुक्की ना करें. आप लोग जहां हैं वही रूक जाएं. कानून को अपने हाथ में न लें. हालांकि इसके बावजूद भी कई बार पुलिस और कार्यकर्ताओं में धक्कामुक्की हुई. लेकिन पुलिस ने किसी को भी बैरिकेंटिग तक नहीं पहुंचने दिया.
पार्टी के विधायक और प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा, “हमारे कामकाज को रोकने की कोशिश की जा रही है. स्वास्थ्य और शिक्षा हमारे दो मुख्य बिंदु हैं लेकिन उन्होंने पहले स्वास्थ्य मंत्री को और अब शिक्षा मंत्री को गिरफ्तार कर लिया. लेकिन हमारी पार्टी डरने वाली नहीं है. जब-जब ऐसे हमारे ऊपर अटैक हुआ है हम और मजबूत होकर निकले हैं और इस बार भी जनता करारा जवाब देगी.”
पुलिस द्वारा जब कार्यकर्ताओं को डिटेन किया जा रहा था तब अन्य कार्यकर्ता पार्टी दफ्तर के गेट पर बैठ गए. इसके बाद दफ्तर के अंदर से ही विधायक आतिशी मार्लेना, सौरभ भारद्वाज और प्रवक्ता आदिल खान कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे.
मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी पर खान कहते हैं, “आज बीजेपी ने देश के सबसे बेहतरीन शिक्षा मंत्री को फर्जी जेल भेजने का काम किया है. भले ही पूरी पार्टी को गिरफ्तार कर लो लेकिन अरविंद केजरीवाल और हमारी पार्टी के बढ़ते कदम को नहीं रोक पाओगें मोदी जी.”
पांच दिन की सीबीआई हिरासत में सिसोदिया
एक तरफ आम आदमी पार्टी मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है वहीं पार्टी दफ्तर के कुछ दूरी पर ही स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट में करीब 3:30 बजे सिसोदिया की पेशी हुई. जहां कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को 4 मार्च तक सीबीआई की हिरासत में भेज दिया.
आम आदमी पार्टी के दफ्तर के आगे ही राउज एवेन्यू कोर्ट स्थित है और उसके आगे बीजेपी दफ्तर. सब कुछ एक ही रोड पर स्थित है. आम आदमी पार्टी में नंबर दो कहे जाने वाले मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी को लेकर आज मीडिया की भी भारी भीड़ देखने को मिली.
पार्टी दफ्तर के बाहर जब कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे थे तब पुलिस कार्यकर्ताओं को डिटेन करने गई. इसको लेकर आप नेताओं ने पुलिस पर पार्टी दफ्तर के अंदर घुसकर कार्यकर्ताओं को पकड़ने का आरोप लगाया.
एडिशनल डीसीपी शशांक श्रीवास्तव कहते हैं, “हमने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यकर्ताओं को डिटेन किया लेकिन पार्टी दफ्तर के अंदर नहीं घुसे. करीब 50 कार्यकर्ताओं को डिटेन किया है.”
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान डीसीपी सेंट्रल संजय सैन से लेकर ज्वाइंट सीपी और स्पेशल सीपी मौके पर मौजूद रहे. कार्यकर्ताओं को काबू में करने के लिए पुलिस की संख्या काफी ज्यादा थी जिसके कारण ही सभी को पार्टी दफ्तर के बाहर ही रोक दिया गया.
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा, “हम सब जेल जाएंगे, डरने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि जेल दिल्ली सरकार की है".
पार्टी के अंदर पुलिस के घुसने पर आतिशी ने कहा, “पार्टी ऑफिस के अंदर घुसकर लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है. यह कैसी तानाशाही है. हमारे कार्यकर्ता शांति से बैठे हुए हैं लेकिन इन्हें घसीटकर लेकर जाया जा रहा है.”
बता दें कि रविवार को सीबीआई ने मनीष सिसोदिया को शराब नीति घोटला मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था. जहां करीब आठ घंटों की पूछताछ के बाद शाम को उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
सिसोदिया की गिरफ्तारी पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए कहा, “मनीष बेकसूर हैं. उनकी गिरफ्तारी गंदी राजनीति है. मनीष की गिरफ्तारी से लोगों में बहुत रोष है. लोग सब देख रहे हैं. लोगों को सब समझ आ रहा है. लोग इसका जवाब देंगे.”
सिसोदिया की गिरफ्तारी की विपक्ष के नेताओं ने भी निंदा की है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव से लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन तक सभी ने गिरफ्तारी का विरोध किया है.
Also Read
-
TV Newsance 338: Dhurandhar 2 just did a surgical strike on Lashkar-e-Noida
-
Fog of war or media smokescreen? When truth became a casualty in the Iran vs US-Israel conflict
-
Echo chambers and ‘super mamas’: How Assam’s media created a pro-government loop
-
How much do candidates spend in elections?
-
Four times over target: India's TB elimination problem