Khabar Baazi
एनडीटीवी प्रमोटर कंपनी से प्रणय रॉय और राधिका रॉय का इस्तीफा
प्रणय रॉय और राधिका रॉय ने एनडीटीवी की प्रमोटर कंपनी आरआरपीआर के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया. स्टॉक एक्सचेंज को भेजी गई जानकारी में एनडीटीवी ने यह जानकारी दी है.
एक्सचेंज को भेजे गए पत्र में एनडीटीवी के प्रमोटर ग्रुप आरआरपीआर (राधिका रॉय प्रणय रॉय) होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड ने सूचित किया है, “आज 29 नवंबर को बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स की बैठक में तय किया गया है कि सुदीप्ता भट्टाचार्य, संजय पुगलिया और सेंथिल चेंगलवारायण तत्काल प्रभाव से आरआरपीआर के बोर्ड में नए निदेशक होंगे और डॉ. प्रणय रॉय और राधिका रॉय ने आरआरपीआर के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स के पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है."
इससे पहले मंगलवार को ही आरआरपीआर ने अडानी ग्रुप के विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (वीसीपीएल) को 99.9 प्रतिशत शेयर ट्रांसफर किए थे. जिसके बाद अडानी ग्रुप को एनडीटीवी में 29.18 प्रतिशत हिस्सेदारी मिल गई थी.
इसके अतिरिक्त अडानी ग्रुप 26 फीसदी हिस्सेदारी के लिए ओपन ऑफर लेकर आया है, इसके तहत कंपनी ने एनडीटीवी के एक करोड़ 67 लाख शेयर खरीदने की पहल की है. ओपन ऑफर की आखिरी तारीख 5 दिसंबर है. इस ओपन ऑफर के लिए अडानी ग्रुप ने 294 रुपये प्रति शेयर की कीमत लगाई है.
यह बदलाव एनडीटीवी की प्रमोटर कंपनी में हुआ है. इसके बाद भी प्रणय रॉय और राधिका रॉय एनडीटीवी के एग्जीक्यूटिव को-चेयरपर्सन बने रहेंगे.
गौरतलब है कि साल 2009 में राधिका और प्रणय रॉय ने आरआरपीआर की ओर से वीसीपीएल से 403.85 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त लोन लिया था. इसके तहत उन्होंने वीसीपीएल को अधिकार दिया था कि कम्पनी चाहे तो आरआरपीआर के 99.99 प्रतिशत शेयरों का मालिकाना हक ले सकती है.
आरआरपीआर, रॉय दंपत्ति के नामों के पहले अक्षर (राधिका रॉय-प्रणव रॉय), 29.18 प्रतिशत शेयरों के साथ एनडीटीवी की सबसे बड़ी शेयरधारक है. इसमें राधिका रॉय के पास 16.32 फीसदी और प्रणय रॉय के पास 15.94 फीसदी शेयर हैं. रॉय दंपत्ति और आरआरपीआर मिलकर एनडीटीवी का प्रमोटर ग्रुप बनाते हैं. कुल मिलाकर इस प्रमोटर ग्रुप के पास कंपनी के 61.45 प्रतिशत शेयर थे.
Also Read
-
On the ground with Sreenivasan Jain: A day at the Opposition march
-
A prison-like bus, an unknown location: A day in detention with Neha Bora
-
Nearly 30 journalists recount the Delhi Police’s use of brute force against them
-
Delhi Police cannot dictate how journalists cover protest
-
Around Jantar Mantar in 15,967 steps