Another Election show
राजीव शुक्ला: हिमाचल में हमने कलेक्टिव लीडरशिप की त्रिमूर्ति खड़ी कर दी है
विधानसभा चुनावों में जमीन पर माहौल का जायज़ा लेने के लिए न्यूज़लॉन्ड्री की टीम इस समय हिमाचल प्रदेश में है. इस दौरान शिमला में न्यूज़लॉन्ड्री हिंदी के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने हिमाचल प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी और पूर्व पत्रकार राजीव शुक्ला से खास बातचीत की.
प्रदेश चुनावों में कांग्रेस की संभावनाओं, पार्टी की राजनीतिक रणनीति और जनता से जुड़े अग्निवीर जैसे कई मुद्दों पर राजीव शुक्ला ने अपने विचार रखे.
पूर्व वाणिज्य व उद्योग मंत्री आनंद शर्मा समेत अन्य कई नेताओं की कांग्रेस से नाराज़गी को लेकर भी राजीव शुक्ला ने हमारे प्रश्नों का उत्तर दिया, साथ ही मौजूदा परिवेश में पत्रकारिता से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत हुई.
कांग्रेस ने इन चुनावों में जनता से 10 वादे किए हैं, इस पर शुक्ल का कहना था, “हिमाचल प्रदेश में हमने लोगों से 10 गारंटी स्कीमों का वादा किया है. इसमें सबसे पहली- ओल्ड ऐज गारंटी स्कीम, जिसमें 18 से 60 साल तक की महिलाओं को 1500 रुपए दिए जाएंगे. 300 यूनिट बिजली फ्री और एक लाख सरकारी नौकरियां दी जाएंगी. क्योंकि हिमाचल प्रदेश में करीब 63 हजार पद खाली पड़े हैं. इसके अलावा चार लाख नए रोजगार दिए जाएंगे, 680 करोड़ स्टार्टअप फंड देने की बात कही है, जिसमें हर महीने 10 हजार करोड़ रुपए हर विधानसभा में युवाओं को दिए जाएंगे. ताकि वह अपना कारोबार शुरू कर सकें. और इस पर ब्याज नहीं लिया जाएगा. वहीं 2 रुपए किलो गोबर खरीदा जाएगा, जैसे छत्तीसगढ़ सरकार कर रही है. इन सब स्कीमों से जनता को आगे बढ़ने में योगदान मिलेगा.”
उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और राज्य में फल किसानों की समस्याओं पर कांग्रेस की योजना बताई, साथ ही जोर देकर कहा कि सरकार बनने पर कांग्रेस राज्य में पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) जल्द से जल्द लागू करेगी.
राजनीति से हटकर शुक्ला ने अपने पत्रकारिता से जुड़े अनुभव बताए और आज की पत्रकारिता पर भी अपनी बात रखी. साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के पहले टीवी इंटरव्यू लेने से जुड़ी कुछ स्मृतियों का भी उन्होंने जिक्र किया.
देखें पूरा इंटरव्यू-
यह शो हमारे चुनाव कवरेज का एक हिस्सा है, जो एनएल सेना सीरीज का एक अंग है. हमारे एनएल सेना प्रोजेक्ट को अपना सहयोग दें.
Also Read
-
Three years, no trial: Bail for Monu Manesar ignites fresh anguish for Nasir and Junaid’s families
-
‘My mother cries on the phone’: TV’s war spectacle leaves Indians in Israel calming frightened families
-
Order, order! Why you won’t be reading about judicial corruption until 2036
-
The case of the missing Rs 80 lakh crore: Who shrunk India’s consumption economy?
-
नासिर- जुनैद हत्याकांड: मोनू मानेसर को जमानत, तीन साल से ट्रायल का इंतजार करता पीड़ित परिवार