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8 लाख भुगतान करें, इंडिया टुडे-इकोनॉमिक टाइम्स के साथ जलपान करें, साथ में बने 'एंफ्लुएंशल लीडर'
पिछले हफ्ते न्यूज़लॉन्ड्री के सीईओ अभिनंदन सेखरी को एक ईमेल मिला. टीम मार्क्समैन नाम की कंपनी की ओर से भेजे गए इस दस्तावेज के पहले पन्ने पर सबसे छोटे फ़ॉन्ट में "निजी और गोपनीय संबंधी जानकारी" लिखा है, वहीं सबसे बड़े फ़ॉन्ट में लिखे शब्द "भारत के एंफ्लुएंशल लीडर 2022" हैं.
ईमेल की शुरुआत होती है, "हमें आपको यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि आपको "भारत के एंफ्लुएंशल लीडरों के रूप में चुना गया है." लगता है अभिनंदन सेखरी का टाइम आखिरकार आ गया. ईमेल में आगे लिखा है, "हम आपकी सफलता की कहानी को मीडिया के विभिन्न संस्करणों, इंडिया टुडे पर टीवी एपिसोड और द इकोनॉमिक टाइम्स पुल-आउट (अखिल भारतीय संस्करण) में प्रिंट कवरेज के माध्यम से कहेंगे."
तो क्या इंडिया टुडे और टाइम्स ग्रुप अभिनंदन को अवार्ड देंगे? उन्होंने अभी तक तो केवल अदालती नोटिस ही भेजे हैं. शायद यह एक सुलह-समझौते का अपरोक्ष प्रस्ताव हो, जैसा कि हमारे विदेशमंत्री कहते हैं, ये दुश्मनी को विराम देने का वक्त है.
इसमें कोई संदेह नहीं कि श्रीमान सेखरी एक "प्रभावशाली नेता" हैं. उनके पिछले ट्वीट को 12 बार रीट्वीट किया गया.
यह ईमेल उन्हें 30 सितंबर को मुंबई के सहारा स्टार होटल में होने वाले अवार्ड समारोह के दूसरे संस्करण पर हो रहे "जश्न" में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता है.
इंडिया टुडे इस आयोजन का मीडिया पार्टनर है. पिछले साल आयोजित पहले संस्करण में न्यूज़-18 समूह मीडिया पार्टनर रहा था.
टीम मार्क्समैन मुंबई की एक कंपनी है, जिसकी वेबसाइट के 'अबाउट अस' पन्ने पर लिखे 250 शब्द दरअसल हमें इस कंपनी के बारे में कुछ भी नहीं बताते. कंपनी घोषणा करती है कि उसका मिशन, "संगठनों और सभी क्षेत्रों के नेताओं को सार्थक असरदार बदलाव का बायस बनाने में मदद करना है." उसके पास "बहुत से मनचाहे, और खुद के उद्योग-केंद्रित जानकारी वाले प्लेटफार्म हैं" और कंपनी "उद्योग जगत के फैसले लेने वाले वरिष्ठ लोगों को नाज़ुक मुद्दों पर निर्णय लेने में मदद करती है." ये कंपनी का कोई विवरण नहीं है, केवल कॉरपोरेट शब्दजाल है.
लेकिन हम ज्यादा जरूरी मामलों पर वापस चलते हैं. इस साल के कार्यक्रम में कैटरीना कैफ़ भी शामिल होंगी. ईमेल के साथ आई कार्यक्रम की जानकारी में यह भी बताया गया है कि लीडर लोग कार्बन उत्सर्जन और महिलाओं के कामकाजी माहौल पर चर्चा करेंगे. कैटरीना कैफ, के ब्यूटी नाम की ब्रांड की सह-संस्थापक के रूप में मौजूद रहेंगी.
सेखरी को मिले मेल में उद्योग जगत के कुछ नामों की एक सूची भी नत्थी है. ये वे लोग हैं- "जिन्होंने अब तक इस संस्करण में भारत के एंफ्लुएंशल लीडर के तौर पर सम्मानित किए जाने की पुष्टि की है." इन नामों में रिलायंस सिक्योरिटीज के निदेशक और सीईओ लव चतुर्वेदी, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के पूर्व प्रबंध निदेशक और सीईओ विक्रम लिमये, एडलवाइस एएमसी की प्रबंध निदेशक राधिका गुप्ता, आईआईएफएल सिक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक संदीप भारद्वाज और टेक महिंद्रा के प्रबंध निदेशक सीपी गुरनानी शामिल हैं.
सुनने में अच्छा लगता है- एक ऐसा आयोजन जो न केवल आपको "प्रभावशाली लीडर" बताता है, बल्कि आपको बदलाव लाने का वाहक भी बनाता है. नारीवाद और पर्यावरणवाद आम संवाद के सांचे में फिट बैठते हैं, और फिर कैटरीना तो हैं ही.
अगर ये कुछ ज्यादा ही अच्छा लग रहा है, तो आप सही समझ रहे हैं. टीम मार्क्समैन के ईमेल में भेजे "निजी और गोपनीय" दस्तावेज में पेंच ये है कि: ये सारे अवार्ड बिक्री के लिए हैं. जैसा कि ईमेल कहता है- यदि आप 4 लाख से 23 लाख रुपये के बीच भुगतान करने को तैयार हैं तो आपको "भारत का एंफ्लुएंशल लीडर" घोषित कर दिया जाएगा.
कंपनी की पिछले महीने की एक सोशल मीडिया पोस्ट कहती है कि ये अवार्ड उन लोगों का "सम्मान" है जिन्होंने "अपने कर्मचारियों में निरंतर संकल्प की भावना पैदा की और आगे रहकर नेतृत्व किया है." गलत, सरासर गलत! ये अवार्ड उनके लिए हैं जो टीम मार्क्समैन को चार से 23 लाख रुपए देंगे.
यह ऑफर चार श्रेणियों में आता है. 4 लाख रुपये में आपका नाम "बिजनेस वर्ल्ड, फॉर्च्यून इंडिया, बिजनेस स्टैंडर्ड, आदि के लिए जारी प्रेस विज्ञप्ति में शामिल होगा."
मीडिया उद्यमी अनुराग बत्रा और यस बैंक की स्थापना करने वाला कपूर परिवार, बिजनेस वर्ल्ड के साझा स्वामी हैं. फॉर्च्यून इंडिया को भारत में आरपी-संजीव गोयनका समूह प्रकाशित करता है.
यदि आप सबसे महंगी श्रेणी पर 14 लाख रुपये खर्च करते हैं तो आप आयोजन में एक "सम्बोधन" दे सकते हैं, या फिर एक "फायरसाइड बातचीत/पैनल चर्चा" का हिस्सा बन सकते हैं. आयोजन के बाद इंडिया टुडे के टीवी एपिसोड "भारत के प्रभावशाली लीडर 2022" में आपका "3 मिनट का एक्सक्लूसिव साक्षात्कार" भी प्रसारित होगा. एक प्रभावशाली लीडर इससे ज्यादा और क्या चाहेगा?
8 लाख रुपये वाली श्रेणी में इंटरव्यू सिर्फ एक मिनट तक ही चलेगा. यह एक मिनट से ज़्यादा भी चल सकता है, लेकिन उसके लिए आपको 11 लाख रुपये देने होंगे.
टीम मार्क्समैन के एक अधिकारी ने न्यूज़लॉन्ड्री को बताया कि इस साक्षात्कार का प्रसारण, इंडिया टुडे पर शनिवार को दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे के बीच किया जाएगा.
इस श्रेणी में "ईटी स्पेशल फीचर पुल-आउट" में "एक्सक्लूसिव 400 वर्ग सेमी का फीचर इंटरव्यू" छपेगा. साथ ही बिजनेस वर्ल्ड की डिजिटल शाखा BusinessWorld.com पर एक "लेख" में "800 शब्दों का साक्षात्कार" भी शामिल है.
और अंत में एक "वैकल्पिक, ऐड-ऑन टेलीविज़न प्रदेय" भी है. अतिरिक्त 9 लाख रुपये में टीम मार्क्समैन "इंडिया टुडे टीवी एपिसोड" पर 10 से 11 मिनट के "एक्सक्लूसिव स्टोरीबोर्ड" की पेशकश करती है, जिसे "चुनिंदा शहरों में क्लाइंट की जगहों" पर बनाया जा सकता है. इस ‘स्टोरीबोर्ड’ में कोई भी अपने "नए उत्पादों, सेवाओं, अभियानों" का विज्ञापन कर सकता है. संगठन के सीएमओ या सीएफओ का साक्षात्कार दिखा सकता है”. श्रीमान सेखरी के पास तो इनमें से एक भी नहीं है जो मील के पत्थर, नेतृत्व, संस्थापकों आदि पर रोशनी डाल सके.
टीम मार्क्समैन के अधिकारी ने कहा कि कंपनी के मीडिया पार्टनर्स- ख़ास तौर पर इंडिया टुडे और इकोनॉमिक टाइम्स- ने उन्हें इवेंट के कवरेज के लिए एयरटाइम और प्रकाशन में जगह बेची है. लेकिन उन्होंने समाचार चैनल द्वारा वसूल की गई सही राशि बताने से इनकार कर दिया.
ऐसा नहीं है कि इंडिया टुडे इस बात को गुप्त रखता है. पिछले महीने टीम मार्क्समैन ने भारत के "सबसे भरोसेमंद ब्रांडों" के लिए इसी तरह का एक आयोजन किया था जिसमें इंडिया टुडे मीडिया पार्टनर के तौर पर साझेदारी बना था. यह कार्यक्रम इंडिया टुडे पर 27 अगस्त को प्रसारित किया गया और टीवी चैनल ने इसके साथ ये स्पष्टीकरण दिया था: "अनुगामी कार्यक्रम को प्रायोजक ने फण्ड किया है और इसमें व्यक्त किए गए विचार/राय अनिवार्य रूप से टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड के नहीं हैं."
2021 में जब सीएनएन- न्यूज़ 18 पर 'भारत के प्रभावशाली नेताओं' का पहला संस्करण प्रसारित किया गया था तब शायद चैनल ने इंडिया टुडे की तरह कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया था. यह स्पष्ट नहीं है कि इन अवार्डों का 2021 संस्करण भी ऐसे दिखावे का अवार्ड था, या नहीं. News18.com ने उस कार्यक्रम के बाद एक पोस्ट भी प्रकाशित किया था, जिसके अंत में "यह एक पार्टनर पोस्ट है" लिखा गया था.
हम जानना चाहते थे कि क्या इंडिया टुडे जानता था कि वे एक ऐसी कंपनी को प्रसारण समय बेच रहे हैं, जो भारतीय उद्योग जगत को झूठा सम्मान और प्रतिष्ठा के सौदे में शामिल है. शायद "पत्रकारिता और संपादकीय उत्कृष्टता पर निरंतर एकाग्रचित" रहने के कारण टीवी टुडे समूह यह न देख पाने में विफल रहा हो कि ये पुरस्कार फर्जी थे.
टाइम्स ग्रुप के एक प्रवक्ता ने न्यूज़लॉन्ड्री को बताया कि इस इवेंट की कवरेज, ईटी के विज्ञापन विभाग का हिस्सा है, न कि अखबार का. समूह ने कहा, "यह कार्यक्रम, मेरी जानकारी के अनुसार, समूह की एक इवेंट कंपनी- टाइम्स स्ट्रैटेजिक सॉल्यूशंस लिमिटेड (जिसे ईटी एज के नाम से भी जाना जाता है) द्वारा आयोजित किया जा रहा है. जिस कवरेज आदि पर बात की जा रही है, वह कमोबेश एडवर्टोरियल और फीचर्ड उत्पाद पुल-आउट का हिस्सा है. मुख्य ईटी अखबार में कोई पेड कवरेज नहीं जाता."
हमने इंडिया टुडे और बिजनेस वर्ल्ड को भी अपने प्रश्न भेजे हैं. अगर उनकी ओर से कोई जवाब आता है तो उसे यहां जोड़ दिया जायेगा.
टीम मार्क्समैन पर लौटते हैं. उनके एकदम गुप्त दस्तावेज में श्री सेखरी से जिस पैसे की उम्मीद है, उसको "निवेश" कहा गया है. नासमझी में मैंने उनके अधिकारी से पूछ लिया कि श्रीमान सेखरी किस चीज में निवेश कर रहे होंगे. उस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि "निवेश" का मतलब केवल उस धन से है, जो अवार्ड पाने के लिए कंपनी को देना होगा. यानी जीएसटी हटाकर 100 प्रतिशत एडवांस, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच एक अनुबंध होगा.
उस अधिकारी ने कहा, "आप असल में हमें नहीं, बल्कि दुनिया की नज़रों में आने के लिए भुगतान कर रहे हैं. आप इकोनॉमिक टाइम्स या इंडिया टुडे, या डिजिटल पोर्टल्स में दिखाए जाने के लिए भुगतान कर रहे हैं, जहां प्रेस विज्ञप्ति और लेख प्रकाशित होने जा रहे हैं."
टीम मार्क्समैन के पास छल का एक और तीर था. उस अधिकारी ने यह भी बताया कि कॉन्ट्रैक्ट "ऐसे बनाया जाएगा जिससे ऐसा लगे कि आप मान्यता के लिए नहीं बल्कि मीडिया में दृश्यता के लिए भुगतान कर रहे हैं.”
जहां तक हमने सुना है, श्रीमान सेखरी की इस कंपनी से "सम्मान" और "मान्यता" लेने की इस वर्ष तो कोई मंशा नहीं है. बहुत हद तक ये संभावना भी है कि वे इस खर्चे को उठा न पाएं. लेकिन भारत के उद्योग जगत के वे लोग, जिन्हें अपने अहंकार व ब्रांड को सजाने के लिए ऐसे आत्माभिमानी अवार्ड्स के दिखावे की जरूरत है, उनके लिए टीम मार्क्समैन एक जरूरत की तरह है. इससे इंडिया टुडे का खजाना भी भरता है. हम इतना ही उम्मीद कर सकते हैं कि इससे उनकी घटती टीवी रेटिंग की कमी पूरी हो जाये.
(इस खबर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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