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मध्यप्रदेश के भिंड में तीन पत्रकारों पर एफआईआर
मध्यप्रदेश के भिंड में पुलिस ने तीन पत्रकारों पर “झूठी” व “भ्रामक” खबर चलाने के लिए एफआईआर दर्ज की है. स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 420 ,505 (2) और आईटी एक्ट की धारा 66 (F)1 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है.
तीनों संवाददाता नेटवर्क 18, राजस्थान पत्रिका और News24 के Lalluram.Com से जुड़े हुए हैं.
गौरतलब है कि मर्पुरा गांव के 40 वर्षीय ग्यास प्रसाद विश्वकर्मा की कहानी चलने पर पुलिस ने यह मामला दर्ज किया है. ट्विटर पर डाले गए वीडियो में देखा जा सकता है कि ग्यास प्रसाद को उनके परिजन ठेले से अस्पताल ले जा रहे हैं. यही वीडियो इन तीनों पत्रकारों ने बनाया था और 16 अगस्त को शेयर किया था.
उन्होंने इस कहानी में पीड़ित के परिजनों को दिखाया था और स्वास्थ्य व्यवस्था की खस्ता हालत पर टिपण्णी की थी. उन्होंने खबर में दावा किया था कि ग्यास प्रसाद के परिजन उन्हें ठेले पर ले जाने के लिए इसलिए मजबूर हुए क्योंकि 108 पर कई बार फ़ोन करने के बाद भी कोई उत्तर नहीं मिला.
वायरल होने के बाद जिलाधिकारी ने इन्क्वायरी करवाई और उन्हें बताया गया कि ये खबर झूठी थी क्योंकि एम्बुलेंस के लिए कोई कॉल ही नहीं की गयी थी.
इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से यह एफआईआर दर्ज की गई.
एफआईआर के विरोध में कई स्थानीय पत्रकार और मीडिया संस्थानों के लोग इस मामले को वापस लेने के लिए धरना प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं.
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