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ज़ी न्यूज़ के एंकर रोहित रंजन दो राज्यों की पुलिस के बीच नाटकीय ढंग से गिरफ्तार
राहुल गांधी के खिलाफ फेक न्यूज़ चलाने वाले ज़ी न्यूज़ के एंकर रोहित रंजन को मंगलवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया. उनकी यह गिरफ्तारी नोएडा पुलिस द्वारा की गई है. गौरतलब है कि सुबह 6:30 बजे रोहित ने ट्वीट कर जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने उनके घर पहुंची है.
उन्होंने ट्वीट किया, "बिना लोकल पुलिस को जानकारी दिए छत्तीसगढ़ पुलिस मेरे घर के बाहर मुझे अरेस्ट करने के लिए खड़ी है. क्या ये कानूनन सही है." इस ट्वीट में उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, एएसपी गाजियाबाद और एडीजी जोन लखनऊ को टैग किया.
रोहित के इस ट्वीट का जवाब रायपुर पुलिस ने ट्विटर पर ही देते हुए कहा कि वे पुलिस को सहयोग दें और अपना पक्ष कोर्ट में रखें. इस बीच गाजियाबाद पुलिस ने भी ट्वीट कर रोहित से कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और वह जरूरी कार्रवाई कर रही है. इसके बाद करीब साढ़े छह बजे गाजियाबाद पुलिस भी रोहित के घर के बाहर पहुंच गई.
दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक गाजियाबाद और रायपुर पुलिस के बीच खींचतान चल ही रही थी कि तभी नोएडा पुलिस आई और रोहित को अपने साथ ले गई. इस दौरान नोएडा पुलिस ने कहा कि उनके यहां रोहित के खिलाफ केस दर्ज है. हालांकि, केस कब दर्ज किया गया इसका जवाब अफसरों ने नहीं दिया. इंदिरापुरम के सीओ अभय मिश्रा ने रोहित की गिरफ्तारी की पुष्टि की है.
बता दें कि हाल ही में एंकर रोहित रंजन ने जी़ न्यूज़ के प्राइम टाइम शो डीएनए में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान को तोड़-मरोड़कर दिखाया था. इस पर कांग्रेस का कहना है कि फेक न्यूज़ से राहुल गांधी की छवि धूमिल हुई है. इस मामले में छत्तीसगढ़ में एक एफआई भी दर्ज की गई.
इसके बाद नोएडा स्थित जी़ न्यूज़ के दफ्तर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. प्रदर्शन करने और पुतला फूंकने के आरोप में 19 कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी भी हुई. रोहित रंजन पर राजस्थान में भी इस बयान को लेकर मुकदमा दर्ज हुआ है.
दो जुलाई को एक ट्वीट करते हुए रोहित ने शो के दौरान राहुल गांधी के बयान को गलत ढंग से दिखाने के मामले में माफी भी मांगी थी. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, "कल हमारे शो डीएनए में राहुल गांधी का बयान उदयपुर की घटना से जोड़ कर गलत संदर्भ में चल गया था. ये एक मानवीय भूल थी जिसके लिए हमारी टीम क्षमाप्रार्थी है, हम इसके लिए खेद जताते हैं."
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