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एनएल चर्चा 221: उदयपुर कन्हैयालाल की हत्या, जुबैर की गिरफ्तारी और एकनाथ शिंदे बने मुख्यमंत्री
एनएल चर्चा का यह अंक विशेष तौर पर उदयपुर में दो मुस्लिम युवकों द्वारा कन्हैयालाल की गला काटकर की गई हत्या पर केंद्रित रहा. इसके साथ ही ऑल्ट न्यूज के को-फाउंडर मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी, महाराष्ट्र की राजनीति में सबको चौंकाते हुए शिवसेना के बागी एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने के फैसले पर केंद्रित रहा. इके अलावा असम बाढ़, मणिपुर में हुई लैंडस्लाइड और बिहार में एआईएमआईएम के चार विधायकों के राजद में शामिल होने जैसे विषयों का भी जिक्र हुआ.
चर्चा में इस हफ्ते लेखक और पत्रकार आनंद वर्धन सिंह, राजस्थान पत्रिका के उदयपुर एडिशन के संपादक संदीप पुरोहित, न्यूज़लॉन्ड्री के स्तंभकार आनंद वर्धन और न्यूज़लॉन्ड्री के सह संपादक शार्दूल कात्यायन शामिल हुए. संचालन कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा की शुरुआत उदयपुर की घटना से हुई. वह उदयपुर में हुई नृशंस वारदात से जुड़ी जमीनी जानकारी संदीप पुरोहित से साझा करने को कहते हैं.
संदीप कहते हैं, “कन्हैयालाल ने नूपुर शर्मा के बयान को सपोर्ट किया. जिसके बाद कुछ लोगों ने उनके पोस्ट पर आपत्ति की, जिसके बाद पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया. जमानत पर रिहा होने के बाद कन्हैयालाल ने अपनी जान को खतरा होने की शिकायत पुलिस से की. पुलिस ने कहा कोई दिक्कत नहीं है. इसके बाद उन्होंने तीन-चार दिन तक उन्होंने अपनी दुकान बंद रखी. जब उन्होंने फिर से अपनी दुकान खोली तब उन्हें मार दिया गया, जिसके बारे में सभी को पता है.”
वह आगे कहते हैं, “पुलिस को लिखित शिकायत मिलने के बाद भी कन्हैयालाल को सुरक्षा नहीं दी गई. खुद मुख्यमंत्री ने भी शिकायती पत्र को पुलिस मीटिंग में पढ़ा. जिसके बाद उन्होंने जिले के एसपी और आईजी को हटा दिया. यहां सवाल खड़ा होता है कि हम देश को किस तरफ ले जाना चाहते है. यह विषय उन सभी विचारधारा के लोगों के लिए हैं, जो राष्ट्र के नीति निर्माता है.”
आनंद वर्धन इस विषय पर कहते हैं, “अब सामने आ रहा है कि आरोपियों के पाकिस्तान से संबंध है. हत्या के बाद वह वीडियो बना रहा है, मस्जिद में नमाज पढ़ने जा रहा है. यह सिर्फ हत्या नहीं है यह हैवानियत है. मुख्यमंत्री ने सही समय पर कार्रवाई की नहीं दो दूसरा गोधरा हो सकता था.”
वह आगे कहते हैं, “नूपुर शर्मा को गिरफ्तार न करना इस घटना के पीछे का एक कारण हो सकता है. उनका बयान सही या गलत है यह बाद की बात है लेकिन उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए, जैसे आप अन्य मामलों में करते हैं. इस मामले में शो के एंकर की भी गलती है.”
आनंद वर्धन कहते हैं, “किसी के बयान की वजह से आहत होकर किसी का मर्डर कर देना, इस तरह कॉज एंड इफ़ेक्ट का कोई अंत नहीं है. सुप्रीम कोर्ट को भी इस तरह के मामलों में बचकर टिप्पणी करनी चाहिए. ऐसे में कोई भी धर्म किसी के बयान पर आहत हो जाएगा.”
शार्दूल कहते हैं, “नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी का मैं सपोर्ट नहीं करता. जो बातें उन्होंने कही, उसकी कोई सजा नहीं हो सकती. इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने जो आज टिप्पणियां की, मैं उससे सहमत नहीं हूं. रही बात उदयपुर घटना की तो, अगर आप अपने सामाजिक जीवन में समृद्ध है, तो आपको चीजें इतनी बुरी नहीं लगती. भारत जैसे देश में जहां पूजा पद्धति, संप्रदाय, धर्म को व्यक्तिगत तौर पर महत्व देते है, वहां पर फिर ऐसे बयान पर बहुत आगे निकल जाते है.”
इस विषय के विभिन्न पहलुओं पर पूरी चर्चा में विस्तार से बातचीत हुई. साथ में मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी और महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर भी बातचीत हुई. पूरी बातचीत सुनने के लिए हमारा यह पॉडकास्ट सुनें और न्यूज़लॉन्ड्री को सब्सक्राइब करना न भूलें.
टाइम कोड
02:36 - 03:51 - इंट्रो और जरूरी सूचना
00 :00 - 0 :00 - हेडलाइंस
4:00 - 1:06:04 - उदयपुर हत्याकांड और मोहम्मद जुबैर का अरेस्ट
1:06:04 - 1:26:51 - महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक घटनाक्रम
1:26 :54 - सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय, क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
शार्दूल कात्यायन
न्यूज़लॉन्ड्री मीडिया पर रिपोर्ट क्यों करता है - लेख
इंडियन एक्सप्रेस का क्लाइमेट चेंज पर प्रकाशित लेख
आनंद वर्धन
दीपांकर मिश्रा का द हिन्दू में प्रकाशित लेख
जयपाल सिंह मुंडा के भाषणों पर किताब - आदिवासियत
आनंद वर्धन सिंह
सेपियंस: ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ मैनकाइंड - युवाल नोआह हरारी
लेह- लद्दाख घूमने जाना
अतुल चौरसिया
ऑल्ट न्यूज़ को पढ़ना और देखना चाहिए
प्रताप भानु मेहता का इंडियन एक्सप्रेस में ज़ुबैर गिरफ्तारी पर लेख
संदीप पुरोहित
फेक न्यूज़ से दूर रहिए
मीडिया जिम्मेदार बने
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प्रोड्यूसर- लिपि वत्स
एडिटिंग - उमराव सिंह
ट्रांसक्राइब - अश्वनी कुमार सिंह
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