Saransh
अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने से लेकर रिटायर होने तक की पूरी कहानी
सेना में भर्ती की नई योजना के खिलाफ देश भर के युवा उग्र हो गए हैं. बिहार, उत्तर प्रदेश से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब कई राज्यों तक पहुंच गया है. दरअसल, सरकार की नई अग्निपथ योजना के तहत साढ़े सत्रह साल से 23 साल तक के युवाओं को सेना में भर्ती किया जाएगा. पहले ये सीमा 21 तक थी, लेकिन विरोध तेज होने पर सरकार ने इस आयु सीमा को एक बार के लिए दो साल बढ़ा दिया है. भर्ती पाने वाले युवा चार साल की सर्विस कर पाएंगे. सरकार का कहना है कि चार साल नौकरी करने के बाद इनमें से 25 फीसदी युवाओं को उनकी परफॉर्मेंस के आधार पर सेना में परमनेंट कर दिया जाएगा. हालांकि परफॉर्मेंस का पैमाना क्या होगा इसकी कोई जानकारी साझा नहीं की गई है.
कुल मिलाकर इस योजना में एक सैनिक मात्र चार साल की सर्विस के बाद रिटायर हो जाएगा. यानी अगर कोई साढ़े 17 साल का है तो वह साढ़े 21 साल में और 18 का है तो 22 साल में रिटायर हो जाएगा जबकि यही उम्र इंटर या ग्रेजुएशन करने की होती है. सरकार का कहना है कि 10वीं करने के बाद इस योजना के तहत भर्ती होता है तो उन्हें ट्रेनिंग के दौरान 12वीं की पढ़ाई भी कराई जाएगी.
आज हम सारांश के इस एपिसोड में बताएंगे कि अग्निपथ योजना क्या है? पहले और अब वाली भर्तियों में क्या फर्क है, चार साल नौकरी करने के बाद इन युवाओं का क्या होगा और इस योजना से सेना और युवाओं पर क्या असर पड़ेगा?
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