Saransh
राजद्रोह कानून: गांधी, नेहरू और तिलक भी आ चुके हैं इसकी चपेट में
सुप्रीम कोर्ट ने 11 मई को भारत में 152 साल पुराने राजद्रोह कानून पर रोक लगा दी. इस कानून के तहत महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और बाल गंगाधर तिलक को भी दोषी ठहराया गया था. आजादी के वक्त संविधान सभा में भी इस कानून को जारी रखने पर जमकर बहस हुई थी. बहरहाल, तब ये कानून किसी तरीके से बच गया, लेकिन आज़ाद देश में इस कानून की जरूरत पर विवाद जारी रहा. सारांश के इस एपिसोड में हम इस कानून के बारे में, इसके उपयोग-दुरुपयोग के बारे में, और इसके इस्तेमाल पर बार बार क्यों सवाल उठते रहे हैं, इस पर बात करेंगे.
देखें पूरा वीडियो-
Also Read
-
From Sittilingi to Sijimali: The doctor Odisha police arrested over anti-mining agitation
-
Awadh ground report: UP’s swing voters speak, from Mohanlalganj to Ayodhya
-
What this Diwali should teach the Indian retail investor
-
How a trust close to BJP got five elephants from Assam for Tamil Nadu temples
-
After Uttarakhand, it’s MP: CM Yadav spent Rs 230 cr to sell a Rs 30 lakh cr ‘MoU’ mirage