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दिल्ली के एमसीडी स्कूल में बच्चियों का यौन शोषण करने वाला शख्स क्लास में कैसे घुसा?
बीते शनिवार 30 अप्रैल को दिल्ली के एमसीडी स्कूल में लड़कियों के साथ क्लासरूम में यौन उत्पीड़न करने का एक मामला सामने आया. इस घटना की सूचना दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से दी.
उन्होंने ट्विटर पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि एक आदमी एमसीडी स्कूल में घुस आया, लड़कियों के कपड़े उतारे और सभी बच्चियों के सामने शौच की. आयोग ने निगम के कमिश्नर को समन भेजा और दिल्ली पुलिस से तुरंत एक्शन लेने की मांग की.
मामला सामने आते ही क्राइम ब्रांच ने पीड़ित छात्राओं के परिजनों से बात की. इन छात्राओं और उनकी सहेलियों की मदद से पुलिस ने आरोपी का स्केच तैयार करवाया और स्केच को स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर किया.
स्कूल में कोई सीसीटीवी न होने के चलते आरोपी को चिन्हित करने के लिए पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी की मदद ली.
क्या है पूरा मामला?
घटना यमुना विहार सी-1 में स्थित पूर्वी दिल्ली नगर निगम प्रतिभा विद्यालय की है. यहां कोई चौकीदार या सीसीटीवी कैमरा नहीं है. सुबह 7:30 बजे प्रार्थना के बाद सभी लड़कियां क्लास में चली गईं.
इसके बाद ही चौथी कक्षा की क्लासरूम में एक अनजान व्यक्ति घुस गया और उसने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया.
न्यूज़लॉन्ड्री ने उन छात्राओं के परिवार वालों से बात की जो उस समय क्लास में मौजूद थीं.
एक छात्रा की मां ने हमें बताया, “उस समय क्लास में वंदना मैडम (अध्यापिका) मौजूद नहीं थीं. वो आदमी कमरे के अंदर घुस गया और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया. उसने लड़कियों से कहा कि तुम्हारी निक्कर (शॉर्ट्स) गंदी हो रही है, इसे उतार दो.”
वह आगे बताती हैं, “इसके बाद उस आदमी ने लड़कियों से स्कर्ट ऊपर उठाने के लिए कहा और खुद से कुछ लड़कियों की स्कर्ट ऊपर की भी.”
एक अन्य छात्रा की मां ने बताया, “उस आदमी ने क्लास के एक कोने में अपनी पेंट उतारकर शौच किया. इससे लड़कियां सहम गईं. वे दरवाजा खोलकर भागीं और टीचर को बताया. लेकिन टीचर के पहुंचने से पहले ही वो शख्स वहां से फरार हो गया.”
इन छात्राओं की मां ने हमें बताया कि जिस दिन यह घटना घटी उस दिन स्कूल में हाफ-डे था. जब छात्रा घर आई तब रोते हुए उसने अपनी मां को सब बताया.
वहीं दूसरी छात्रा की मां को स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप से जानकारी मिली. वह कहती हैं, “सोमवार को व्हाट्सएप ग्रुप पर एक छात्रा ने वॉइस मैसेज भेजा था. मैसेज में छात्रा ने कहा कि मैं स्कूल नहीं जाना चाहती, मुझे डर लगता है. जब यह मैसेज आया मैंने उस लड़की की मां को फोन किया लेकिन उन्होंने बात करने से मना कर दिया. तब मैंने अपनी बेटी से पूछा जिसने मुझे पूरा मामला बताया.”
हमने स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप पर इस मैसेज को सुना है. यह लड़की पीड़ित छात्राओं में से ही एक है.
मामले के संदर्भ में स्कूल द्वारा एक समिति का गठन किया गया जिसमें स्कूल में छात्राओं के परिजनों को बुलाया गया. हालांकि पीड़ित परिवार के परिजनों का आरोप है कि उन्हें स्कूल द्वारा एक भी बार बुलाया नहीं गया.
मीटिंग में शामिल एक शख्स ने हमें बताया कि एक पीड़ित छात्रा ने घटना के बारे में घर जाकर अपनी बहन को सब बताया. उसकी बहन 10:30 बजे के करीब दौड़ते हुए स्कूल पहुंचीं. तब वहां प्रिंसिपल नहीं थीं. उसने इस बारे में वंदना मैडम से बात की. आरोप है कि टीचर ने बहन से कहा कि हाइपर न हों और मामले को भूल जाएं.”
वह आगे कहते हैं, “पीड़ित छात्रा की बहन ने बताया कि प्रिंसिपल 11 बजे स्कूल पहुंचीं. प्रिंसिपल ने कहा कि अगर 8-10 दिन बाद वह शख्स दोबारा ऐसी हरकत करेगा तब एक्शन लेंगे.”
इसके बाद पीड़ित छात्राओं के परिजनों ने भजनपुरा पुलिस स्टेशन पहुंचकर एफआईआर दर्ज करवाई. पुलिस ने आईपीसी की धारा 354, 354 (ए), 509 और पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया है.
स्कूल प्रशासन का रवैया
“मुझे इस स्कूल में प्रिंसिपल रहते हुए इतने साल हो गए हैं. आज से पहले कभी ऐसा नहीं हुआ कि किसी लड़की की सुरक्षा पर बात बन आई हो. आप भरोसा रखिए. मैंने कई बार सीसीटीवी के लिए पत्र लिखे हैं.” यह कहना है स्कूल की प्रिंसिपल संध्या शर्मा का, इस दौरान वह शुक्रवार 6 मई की दोपहर 12:30 बजे परिजनों से बातचीत कर रही थीं.
स्कूल की प्रिंसिपल से कोई भी सवाल पूछे जाने पर उन्होंने जवाब देने से मना कर दिया. ताजा जानकारी के अनुसार मेयर सुंदर अग्रवाल ने स्कूल की प्रिंसिपल और क्लास की शिक्षिका जिनका नाम वंदना है, को निलंबित करने का फैसला किया है. लेकिन अब तक आधिकारिक तौर पर कोई नोटिस जारी नहीं हुआ है.
वहीं मामले के आरोप में यमुना विहार से एक शख्स की गिरफ्तारी हुई है. इस 40 वर्षीय व्यक्ति का नाम वरुण जोशी है जो अपने परिवार और छोटे भाई के साथ स्कूल के पास ही रहता है. घटना के समय वह शराब के नशे में था और अश्लील मूवी देखकर आया था.
पुलिस ने बताया कि लड़का बेरोजगार है, उसके मोबाइल से कई अश्लील तस्वीरें और वीडियो मिले हैं.
इस मामले पर डीएसपी (उत्तर पूर्व) संजय सैन ने बताया, “हमने लड़कियों से बात की और शख्स का स्केच तैयार किया. हमने एक विशेष टीम बनाई है और तकनीक की मदद से हमने आरोपी का पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया है.”
वह आगे कहते हैं, “आरोपी शराब और अश्लील फिल्में देखने का आदि है.”
न सिक्योरिटी गार्ड, न सीसीटीवी
अंदर से स्कूल
यमुना विहार के इस एमसीडी स्कूल में एंट्री करना बहुत आसान है. मामले को करीब एक हफ्ता हो गया है. लेकिन अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई सख्ती या सुरक्षा के इंतजाम नहीं हुए हैं.
जब हम स्कूल पहुंचे तब दरवाजा बंद था. थोड़ा सा खटखटाने पर एक महिला ने दरवाजा खोल दिया. हम अंदर सीढ़ियां चढ़कर दूसरी मजिल तक हो आए लेकिन किसी ने कोई सवाल तक नहीं किया.
सीसीटीवी और गार्ड न होने के सवाल का जवाब देते हुए पूर्वी दिल्ली नगर निगम शिक्षा समिति चेयरमैन राजीव चौधरी कहते हैं, “हम पिछले दो साल से सीसीटीवी और गार्ड की मांग के लिए अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी लिख रहे हैं. हमें अभी तक फंड अलॉट नहीं हुआ है.”
हालांकि दिल्ली के एमसीडी स्कूलों पर अभी भाजपा का नियंत्रण है, क्योंकि दिल्ली एमसीडी पर अभी भाजपा काबिज है. लेकिन एमसीडी को बजट दिल्ली सरकार प्रदान करती है. पिछले तीन सालों में यह बजट कम हुआ है.
साल 2019-20 में 6380 करोड़ रूपए आवंटित किए गए. वहीं साल 2020-21 में 6828 करोड़ रूपए आवंटित किए गए थे. लेकिन इस साल 2021-22 के लिए यह घटकर 6172 करोड़ रूपए ही रह गए हैं.
(इस मामले में न्यूज़लॉन्ड्री ने पीड़ित छात्रों के परिवार से भी बात की, लेकिन उन्होंने मीडिया के माध्यम से कुछ भी कहने से इनकार कर दिया)
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