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दिल्ली में 6 महीने की बच्ची और उसकी 14 साल की बहन के साथ दुष्कर्म, दोनों आरोपी दोस्त
दिल्ली के समयपुर बादली में नाबालिग बच्चियों से रेप की घटना ने राज्य में महिला सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. दरअसल उत्तर पश्चिमी दिल्ली के समयपुर बादली इलाके में छह महीने की बच्ची और उसकी 14 साल की बहन के साथ कथित तौर बलात्कार किया गया है. इस घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है.
बच्ची की मां ने दो आरोपियों- कमल मल्होत्रा उर्फ चिनू और राज उर्फ राजू पर बलात्कार का आरोप लगाया है. वह चश्मदीद गवाह भी हैं. न्यूज़लॉन्ड्री की टीम ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है.
बच्चियों का परिवार उत्तर प्रदेश के महोबा का रहने वाला है. ये लोग काम की तलाश में साल 2021 की जुलाई में दिल्ली आए थे. तब से वे एक कमरे के किराए के मकान में रह रहे हैं.
30 वर्षीय पिता दिल्ली के कुंडली में मजदूरी का काम करते हैं. वहीं मां मजदूरी के काम की तलाश में दिनभर घूमती रहती हैं और फिलहाल जीवन पार्क में दिहाड़ी मजदूरी करती हैं. उनके पीछे उनकी दोनों बच्चियां घर पर अकेली रहती हैं. उनकी छोटी बच्ची केवल छह महीने की है. वहीं बड़ी बेटी मानसिक रूप से अक्षम है और कुछ बोल नहीं पाती है.
घटना शुक्रवार 26 अप्रैल की है. माता-पिता काम के लिए सुबह 9 बजे घर से चले गए थे. आगे की कहानी बच्ची की मां ने न्यूज़लॉन्ड्री को बताई. वह कहती हैं, “मैं दोपहर एक बजे खाना खाने के लिए घर आई थी. तब दोनों बच्चियां घर पर थीं. मैं खाना खिलाकर दो बजे काम पर वापस लौट गई. लेकिन जब मैं शाम को 6 बजे काम खत्म करके घर लौटी तो बच्चियां घर पर नहीं थीं, मैंने गली वालों से पूछा.”
बच्ची की मां बताती हैं, “मैं रो रही थी. घबराई हुई थी. मेरी दोनों बच्चियां नहीं मिल रही थीं. एक औरत, जिसे मैं नहीं पहचानती, उसने मुझे फैक्ट्री की तरफ इशारा किया.”
यह फैक्ट्री उसी गली की शुरुआत में बनी हुई है जहां बच्चियां रहती हैं. मां के अनुसार दोनों बच्चियों का बलात्कार फैक्ट्री की छत पर बने टॉयलेट में हुआ जिसका रास्ता फैक्ट्री की बगल से है.
26 अप्रैल की घटना को याद करते हुए बच्चियों की मां की आंखें भर आती हैं. वह कहती हैं कि चिनू और राजू उस वक्त शराब के नशे में थे.
हिम्मत जुटाकर वह कहती हैं, “मुझे जैसे ही शक हुआ मैं फैक्ट्री के टॉयलेट के लिए बनी सीढ़ियों की ओर भागी. मैंने देखा मेरी दोनों बेटियों के बदन पर कपडे नहीं थे. छोटी बेटी बिना कपड़े पहने लेटी हुई थी. बड़ी बेटी एक कोने में खड़ी हुई रो रही थी. उसकी जींस का बटन खुला था. शर्ट उतरी थी. जबकि दोनों आदमियों- राजू और चिनू के नीचे के कपडे उतरे हुए थे. मैंने चिल्लाते हुए अपनी दोनों बेटियों को हाथ में पकड़ा और नीचे उतरने लगी. तभी राजू ने मेरा दुपट्टा पकड़कर मुझे रोकने की कोशिश की. लेकिन मैं किसी तरह खुद को बचाकर नीचे उतर आई.”
उस दिन घटना के बाद गली की सारी महिलाएं जमा हो गईं थीं.
उन्हीं में से एक फजाना बताती हैं, “शाम के 6:30 बजे हमें घटना की खबर मिली जब हमने बच्ची की मां को बेबस रोते हुए देखा. छोरी दर्द से रो रही थी. उसके अंगों में सूजन थी. खून था. तभी हम 8-10 औरतें मिलकर बादली थाने रिपोर्ट लिखवाने गईं.”
न्यूज़लॉन्ड्री के पास एफआईआर की कॉपी है. पुलिस ने धारा 376 ए, बी, 506 और पॉक्सो एक्ट की धरा 6 के तहत मुकदमा दर्ज किया है.
पुलिस ने सबसे पहले शनिवार को एक मुठभेड़ के बाद बादली के पास एक पार्क से 40 वर्षीय चिनू को गिरफ्तार किया. इसके बाद पुलिस राजू को ढूंढने में लग गई. डीसीपी पुलिस (बाहरी उत्तर) बृजेंद्र कुमार यादव ने हमें बताया कि अब राजू को भी हिरासत में ले लिया गया है.
न्यूज़लॉन्ड्री ने पाया कि दोनों बच्चियों के शरीर पर घाव हैं. बड़ी बेटी के हाथ पर इंजेक्शन के निशान भी देखे जा सकते हैं. वहीं 6 महीने की बच्ची के निजी अंग पर घाव और सूजन है. यहीं मेडिकल रिपोर्ट में भी सामने आया है. हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी तक रेप की पुष्टि नहीं की जा सकती है. डीसीपी पुलिस (बाहरी उत्तर) बृजेंद्र कुमार यादव कहते हैं, “फॉरेंसिक, सीसीटीवी, कई चीजें देखी जाती हैं. आरोपियों की पहचान कर ली गई है. मामला आगे जांच के आधीन है.”
हालांकि एसएचओ (बादली) केआर मीणा ने रेप की पुष्टि की है. लेकिन बृजेन्द्र कुमार ने कहा, “एसएचओ के पास अथॉरिटी नहीं है.”
कौन हैं आरोपी?
दोनों आरोपी 35 वर्षीय राजू और 40 वर्षीय चिनू जहांगीरपुरी के निवासी हैं. राजू पिछले 8-10 साल से बादली के लिबासपुर में केमिस्ट की एक दुकान चला रहा था. चिनू, राजू से दोस्ती के चलते कभी-कभी दुकान पर आया करता था.
स्थानीय लोगों ने बताया कि राजू कॉलोनी का लीडर बनना चाहता था और इसलिए हर मामले में कूद जाता था.
मनविंदर सिंह का राजू की दुकान की बगल में प्रॉपर्टी डीलर का दफ्तर है. मनविंदर ने हमें बताया कि उनके पिता और राजू के पिता कभी दोस्त रहे थे क्योंकि वे उन चुनिंदा लोगों में थे जिन्होंने सबसे पहले इस इलाके में जमीन खरीदी थी. पिछले 10 साल से राजू अपनी केमिस्ट की दुकान उस जमीन पर ही चला रहा है.
मनविंदर ने हमें बताया, “राजू पिछले तीन साल से शराब का आदि हो गया था. उसके अंकल बच्छत्तर सिंह का घर बगल वाली गली में है. वह और चिनू अक्सर शराब पीने और खाना खाने वही जाते थे.”
बता दें कि बच्छत्तर सिंह का घर बच्चियों के घर के बिलकुल सामने बना हुआ है. फिलहाल घटना के बाद से ही उस पर ताला लगा हुआ है.
यह पूरी घटना अखिलेश कुमार की फैक्ट्री की छत पर बने टॉयलेट में हुई थी. हमने अखिलेश से भी बात की. उन्होंने बताया, “मैं राजू को जानता था क्योंकि उसकी दुकान वहीं बनी है. चिनू के बारे में किसी को नहीं पता वह कौन है. राजू टॉयलेट का उपयोग करता रहता था क्योंकि उसकी दुकान पर टॉयलेट नहीं था.”
राजू के भाई यश वाधवा ने न्यूज़लॉन्ड्री को बताया, “हम चार भाई हैं. राजू की हम में से किसी से नहीं बनती है. 2015 में सभी भाई अलग हो गए. पिता ने सब भाईयों को उनका-उनका हिस्सा देकर अलग कर दिया. तब से हम राजू से अलग रहते हैं.”
हमने चिनू के परिवार से भी संपर्क करने की भी कोशिश की लेकिन उन्होंने बात करने से मना कर दिया.
14 साल की बच्ची नहीं जानती उसके साथ क्या हुआ. वह बचपन से ही दिमागी तौर पर कमजोर है. उसका इलाज उदयपुर में चल रहा था लेकिन परिवार कि आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के चलते पिछले दो साल से उसका इलाज नहीं हो पा रहा है.
बच्ची के पिता के चेहरे पर उदासी है. वह कहते हैं, “हम बहुत गरीब हैं. मुझे नहीं पता इन दोनों लड़कियों का आगे का भविष्य क्या होगा.”
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