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एनएल चर्चा 212: मस्क का हुआ ट्विटर, टीवी चैनलों को चेतावनी और सीबीएसई पाठ्यक्रम में बदलाव
एनएल चर्चा के इस अंक में एलन मस्क के हाथों ट्विटर की बिक्री, सीबीएसई के पाठ्यक्रम में बदलाव, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा टीवी चैनलों को जारी चेतावनी, म्यामांर की नेता आंग सान सू की को पांच साल की सजा, दिल्ली हाईकोर्ट में उमर खालिद की जमानत याचिका पर सुनवाई, असम की जेल में बंद गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी, प्रशांत किशोर का कांग्रेस से जुड़ने से पहले ही अलगाव, इमैनुएल मैक्रों दोबारा बने फ्रांस के राष्ट्रपति, अजय देवगन का हिंदी भाषा को लेकर किया गया ट्वीट विवाद जैसे विषयों पर चर्चा हुई.
चर्चा में इस हफ्ते न्यूज़लॉन्ड्री के प्रोडक्ट और रेवेन्यू प्रमुख चित्रांशु तिवारी, सहसंपादक शार्दूल कात्यायन शामिल हुए. साथ ही न्यूज़लॉन्ड्री के एसोसिएट एडिटर मेघनाद एस ने भी चर्चा में हिस्सा लिया. संचालन कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
अतुल चर्चा की शुरूआत एलन मस्क द्वारा खरीदे गए ट्विटर के मुद्दे से करते हैं. वह चित्रांशु से सवाल पूछते हुए कहते हैं, “पहले मस्क ने ट्विटर को प्रस्ताव दिया, फिर ट्विटर ने उन्हें अपने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया लेकिन वो शामिल नहीं हुए, फिर दो दिन के भीतर ट्विटर ने एलन का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया. डील भी पक्की हो गई और ट्विटर बिक भी गया. यह सबकुछ एक सप्ताह के अंदर हुआ. इतनी बड़ी कंपनी का टेकओवर इतना जल्दी जो हुआ, क्या असल में यह उतना जल्दी हुआ या पहले से ही बातचीत चल रही थी?”
जवाब देते हुए चित्रांशु कहते हैं, “बातचीत चल रही थी या नहीं इसका उत्तर देना थोड़ा मुश्किल है. लेकिन जिस तरह से ट्विटर के को-फाउंडर जैक डोर्सी ने डील के बाद ट्वीट किया, यह साफ दिख रहा था उन्हें इसके बारे में पता था. दूसरी बात ट्विटर का जो बोर्ड पहले तैयार नहीं था वह डील को लेकर अचानक से क्यों तैयार हो गया. इसके लिए हमें कंपनी के पिछले छह-सात साल के इतिहास को देखना होगा.”
चित्रांशु आगे कहते हैं, “सोशल मीडिया कंपनियां जैसे की फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक है इनसे हमेशा ट्विटर पीछे रहा. इसका कारण है कंपनी का बिजनेस मॉडल और इनोवेशन. इसलिए कंपनी के बोर्ड को भी पता था कि इससे अच्छा ऑफर नहीं मिलेगा इसलिए वो इस प्रस्ताव को स्वीकर कर लिए.”
इसी विषय पर मेघनाद कहते हैं, “ट्विटर प्लेटफॉर्म अपने डिजाइन के कारण एक न्यूज़ देने का जरिए बन गया है. जिस पर दुनियाभर के ताकतवर लोग मौजूद है और वह दुनिया के किसी भी कोने में होने वाली घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते है और उसे साझा करते है. फेसबुक के मुकाबले ट्विटर पर बहुत कम उपयोगकर्ता है लेकिन ट्विटर का महत्व फेसबुक से कई गुना ज्यादा है. जैसा चित्रांशु ने कहा ट्विटर पर लोग तो हैं लेकिन कंपनी पैसे नहीं बना पाई. और एलन मस्क को भी पता है कि वह इससे पैसे नहीं कमा पाएंगे लेकिन वह वैश्विक स्तर पर होने वाली बातचीत को कंट्रोल जरूर कर सकते है.”
शार्दूल कहते हैं, “एलन मस्क एक व्यवसायी है. उन्हें हमसे और आप से कोई मतलब नहीं है. वह सिर्फ अपना फायदा देखते है. फ्री स्पीच की बात भले ही वह ट्विटर पर करते हों लेकिन उनकी खुद की कंपनी टेस्ला में फ्री स्पीच नहीं है. मस्क भी जानते है कि ट्विटर फायदे की कंपनी नहीं लेकिन लेकिन वह इसका उपयोग कर अपने दूसरे बिजनेस से फायदा कमा सकते है. दूसरी बात पिछले दो दिनों के अंदर टेस्का का 128 बिलियन का शेयर गिर गया तो मैं यह कहना चाहता हूं कि यह डील अभी फाइनल नहीं है.”
इस विषय के अलावा टीवी चैनलों के कंटेंट को लेकर सूचना मंत्रालय की चेतावनी पत्र को लेकर भी चर्चा में विस्तार से बातचीत हुई. पूरी बातचीत सुनने के लिए हमारा यह पॉडकास्ट सुनें और न्यूज़लॉन्ड्री को सब्सक्राइब करना न भूलें.
टाइमकोड
0:00- 1:20 - इंट्रो
1:20 - 4:40 - जरूरी सूचना
4:40 - 14:30 - हेडलाइंस
14:30 - 48:50 - एलन मस्क का हुआ ट्विटर
48:50 - 1:17:20 - टीवी चैनलों को लेकर सूचना मंत्रालय की चेतावनी
1:17:22 - 1:20:05 - चर्चा लेटर
1:20:06 - 1:39:40 - सीबीएसई के पाठ्यक्रम में हुआ बदलाव
1:39:40 - सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय, क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
मेघनाद एस
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आरबीआई कैसे मंहगाई पर कंट्रोल करता है उसपर संसद वॉच का एपिसोड
टेड चैनल पर एलन मस्क का वीडियो
चित्रांशु तिवारी
मासएबल इंडिया पर प्रकाशित एलन मस्क के सबसे खराब ट्वीट पर लेख
पॉपुलर इनफार्मेशन पर एलन मस्क को लेकर प्रकाशित लेख
फैज अहमद फैज की ऩजम - हम देखेंगे
जिलियन यॉर्क की किताब - सिलिकॉन वैल्यू
शार्दूल कात्यायन
मारिया कोलविन की किताब - ऑन द फ्रंट लाइन
न्यूज़लॉन्ड्री हिंदी पर प्रकाशित सीटू तिवारी की रिपोर्ट
अगाथा क्रिस्टी की किताब - द मर्डर ऑफ़ रोजर एक्रोय्ड
अतुल चौरसिया
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प्रोड्यूसर- रौनक भट्ट
एडिटिंग - उमराव सिंह
ट्रांसक्राइब - अश्वनी कुमार सिंह
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