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एंकर अमन चोपड़ा के खिलाफ राजस्थान में गंभीर धाराओं में केस दर्ज
न्यूज़ 18 के एंकर अमन चोपड़ा के खिलाफ राजस्थान में एफआईआर दर्ज की गई है. अमन पर राजस्थान के बूंदी और डूंगरपुर के बिछीवाड़ा थाने में केस दर्ज हुआ है. उन पर एक शो के जरिए सांप्रदायिक वैमनस्यता बढ़ाने, साजिश रचने और दंगों को भड़काने के अलावा देशद्रोह की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. अमन ने जहांगीरपुरी हिंसा और राजस्थान में 300 साल पुराने मंदिर को गिराए जाने के मामले में अपने शो ‘देश नहीं झुकने देंगे’ में को लेकर डिबेट शो किया था. शो में वह राजस्थान में मंदिर गिराए जाने को जहांगीरपुरी हिंसा का बदला बताते हुए नजर आए. इस दौरान उन्होंने राजस्थान की कांग्रेस सरकार को घेरा. इसके बाद सोशल मीडिया पर एंकर अमन चोपड़ा की गिरफ्तारी की मांग उठने लगी. जिसके बाद यह कार्रवाई देखने को मिली है.
शो में अमन कहते हैं, "जहांगीरपुरी वाला बदला, महादेव पर हमला". वह बार-बार इस वाक्य को दोहराते हैं और बताने की कोशिश करते हैं कि जहांगीरपुरी में जो बुलडोजर से अवैध अतिक्रमण को हटाया गया है उसके बदले राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने राज्य में 300 साल पुराना मंदिर तोड़ दिया है.
वह कहते हैं, "यह कोई इत्तेफाक नहीं है कि दो दिन पहले ही जहांगीरपुरी में मस्जिद के गेट पर बुलडोजर चला है और राजस्थान के अलवर में तीन मंदिर तोड़ दिए गए. इनमें एक 300 साल पुराना मंदिर था. अब यह कोई इत्तेफाक है या कुछ कनेक्शन है. ये जहांगीरपुरी का बदला है क्या? 20 अप्रैल को मस्जिद के गेट पर बुलडोजर और दो दिन बाद 22 अप्रैल को मंदिर पर बुलडोजर. इतना बड़ा संयोग कैसे हो सकता है, क्या ये प्रयोग है."
अमन बार-बार शो में टूटी हुई मूर्तियों का जिक्र करते हैं. और उनकी तस्वीरे दिखाते हैं कि देखिए इन्हें कैसे काटा गया है. इन्हें विस्थापित भी किया जा सकता था लेकिन इन्हें कटर से काटा गया है. शिवलिंग विस्थापित हो सकता था ड्रिलर से क्यों तोड़ा गया. इसके बाद वह कहते हैं कि हम डंके की चोट पर कह रहे हैं कि अलवर के औरंगजेब कौन हैं.
आज तक की खबर के मुताबिक- अलवर के राजगढ़ में मास्टर प्लान के तहत विकास के लिए गौरवपथ बनाने का काम पिछली वसुंधरा राजे सरकार में शुरू हुआ था. लेकिन तब अतिक्रमण की वजह से इसे बंद करना पड़ा था. क्योंकि इसके लिए सड़कों को चौड़ा किया जाना था.
खास बात यह है कि अलवर के राजगढ़ नगरपालिका में बीजेपी का कब्जा है. इस बोर्ड में 34 सदस्य बीजेपी के और 1 मात्र सदस्य कांग्रेस का है. वहीं नगरपालिका की बैठक में सर्वसम्मति से अवैध अतिक्रमण को हटाए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया था. जिसके बाद मास्टर प्लान के तहत कुल 35 अतिक्रमण हटाए गए.
इसमें 32 मकान और दुकान हैं. जबकि तीन मंदिर है. यही नहीं राजगढ़ में अवैध अतिक्रमण हटवाए जाने से संबंधित प्रस्ताव नगरपालिका की साधारण सभा में पास किया गया था. चेयरमैन सतीश दुहारिया एवं अन्य की ओर से नगरपालिका बोर्ड की मीटिंग में पिछले साल ये फैसला लिया गया था.
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