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"हम हिंदू हैं, ब्राह्मण हैं, नौ दिन तक व्रत रखा फिर भी हम पर हमला किया गया"
नोएडा में न्यूज़-18 के पत्रकार सौरभ शर्मा और उनकी पत्रकार पत्नी अंकिता शर्मा ने कुछ लोगों पर रविवार देर रात उनसे मारपीट करने का आरोप लगाया है.
नोएडा एक्सटेंशन सुपरटेक इकोविलेज- 3 में रहने वाले पत्रकार सौरभ शर्मा न्यूज़लॉन्ड्री से बातचीत में कहते हैं, "देर रात जागरण की वजह से बहुत शोर हो रहा था, इसलिए मैंने आवाज कम करने की गुजारिश की थी. लेकिन इस पर जागरण में मौजूद लोगों ने कहा कि तुम मुस्लिम हो और पाकिस्तान चले जाओ. इस दौरान मेरे साथ बदतमीजी की गई और कहा कि हम तुम्हारी फैमिली को मार देंगे, सड़क पर घुमाएंगे. तभी भीड़ ने मेरे ऊपर हमला कर दिया. मैंने भागकर अपनी जान बचाई."
पूरे विवाद पर अंकिता कहती हैं, "मेरे नवरात्रि व्रत चल रहे थे, मैं नौ दिन तक उपवास पर थी, उसी दिन खत्म किए थे और मुझे पाकिस्तानी कहा गया. उस दिन हर कोई आराम करना चाहता था, अगले दिन बच्चों का स्कूल था. हमारे यहां से 50 मीटर दूरी पर यह जागरण चल रहा था. परेशान होकर हमने 112 नंबर पर फोन करके पुलिस को इसकी जानकारी दी. इसके बाद पुलिस आई. जागरण में मौजूद लोगों ने पुलिस के सामने ही मेरे पति के साथ गलत बर्ताव किया."
वह आगे कहती हैं, "मेरे पति ने सिर्फ इतना कहा था कि रात 10 से ज्यादा बज गए हैं, इसे बंद कर दीजिए. पुलिस ने कुछ नहीं कहा और खड़ी देखती रही. जब हम वापस अपने घर आ रहे थे तभी लोगों ने हमारा पीछा किया, मेरे कपड़े उतारने और मेरे बच्चे को मारने के लिए कहा. हम यह सब देखकर भागे और अपने घर का गेट बंद करने की कोशिश की. हमें सुरक्षाकर्मी ने बचाया. यह सब सीसीटीवी में रिकॉर्ड है."
उनका आरोप है कि भीड़ जो हमला करना चाहती थी वह मेरी तरफ आ गई. उन्होंने मुझसे कहा कि मेरे पति पाकिस्तानी हैं. हम हिंदू नहीं हैं, हमें काट दिया जाना चाहिए. मैं रो रही थी.
वह कहती हैं कि सुबह 5 बजे तक तेज आवाज में गाने बजते रहे. वो भी पहले से दोगुनी तेज आवाज में. अगर वो हमारे घर में घुस आते तो हम क्या करते. हम बहुत डर गए थे.
हम हिंदू हैं, ब्राह्मण हैं हम भी भगवान को मानते हैं. लेकिन भक्ति का मतलब यह नहीं है कि रात में ऐसा करें जिससे बुजुर्ग और बीमार लोग परेशान हों.
क्या आवाज उठाना गलत है. इसका मतलब तो यह हुआ कि अगर जीना है तो दूसरों की शर्तों पर जियो. हम स्वतंत्र नहीं है अगर हम हिंदू हैं तो हमें धर्म को सहन करना होगा. तेज आवाज को सहन करना होगा.
इस पूरे मामले पर बिसरख थाने के एसएचओ उमेश बहादुर सिंह कहते हैं, नोएडा के सुपरटेक इकोविलेज- 3 में जागरण हो रहा था. सौरभ शर्मा ने जागरण में पहुंचकर हंगामा किया. तब उन्होंने शराब पी रखी थी. जागरण कर रहे लोगों से शर्मा ने कहा, ये क्या हो रहा है, ये क्यों बजाया जा रहा है. इसे बंद कीजिए. ये नहीं होने देंगे. इसके बाद हमें जानकारी मिली तो मौके पर पहुंचे. पुलिस ने जागरण की आवाज को धीमा करा दिया, और मामला शांत कराकर वापस लौट आए. पत्रकार को भी घर भेज दिया था. ये रात करीब 12 बजे की बात है.
वह आगे कहते हैं, "सौरभ दोबारा जागरण में पहुंच गए और इन्होंने फिर से वहां बदतमीजी शुरू कर दी. इसके बाद जागरण करा रहे लोगों ने इन्हें दौड़ा दिया."
हमने इस मामले में सौरभ शर्मा की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है.
उनकी पत्नी मारपीट का आरोप लगा रही हैं? इस सवाल पर वह कहते हैं, "सीसीटीवी फुटेज में ऐसा कुछ नहीं मिला है. उनकी पत्नी और बच्ची वहां मौजूद ही नहीं थीं. ये सब उनको मोहरा बना रहे हैं."
आप बता रहे हैं कि वहां 12 बजे जागरण चल रहा था जबकि 10 बजे के बाद ऐसा करना जुर्म है. इस पर वह कहते हैं, "पुलिस को सूचना देनी चाहिए, तब पुलिस कार्रवाई करेगी न. ये खुद ही जाकर वहां उदंडता कर रहे हैं ये भी तो ठीक नहीं है."
एसएचओ आगे कहते हैं कि दूसरी ओर से भी शिकायत मिली है, जांच चल रही है, हो सकता है सौरभ के खिलाफ भी कार्रवाई हो. दूसरे पक्ष से सोम नाम के व्यक्ति द्वारा शिकायत मिली है.
देर रात तेज आवाज में जागरण के सवाल पर एक बार फिर वह कहते हैं, जब मौके पर पुलिस पहुंची तो हमने समझा बुझाकर आवाज धीमा करा दिया था, लेकिन जागरण तो तुरंत बंद नहीं कराया जा सकता है.
न्यूज-18 की खबर के मुताबिक, सौरभ शर्मा ने देर रात 11.30 बजे जगराते के नाम पर बज रहे गानों को बंद करवाने के लिए 112 नंबर पर कॉल कर मदद मांगी थी. इसके बाद उनके पास पुलिसकर्मी का कॉल आया और उन्होंने उनसे कहा कि वे मौके पर पहुंचे और हम भी आ रहे हैं. वहां पहुंचने पर पुलिस ने जगराते के गानों को बंद करने को कहा तो भीड़ भड़क गई. साथ ही जगराते के आयोजक ने कहा कि पुलिस ने उन्हें रात भर लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति दी है. सौरभ के अनुसार जब उन्होंने अनुमति पत्र दिखाने की बात कही तो उन्हें राष्ट्रविरोधी बताते हुए पाकिस्तानी करार देकर जान से मारने के लिए कहा गया. उन्होंने इस बात का विरोध किया और कहा कि कानूनन आप लाउड स्पीकर रात 10 बजे बाद नहीं बजा सकते हैं. ये बात सुन कर आयोजक ने कहा कि ये पाकिस्तानी है और इसे यहीं पर खत्म कर देते हैं. सौरभ ने बताया कि इस दौरान पीसीआर के दो पुलिस कर्मी मौजूद थे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया.
इस मामले पर एनडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार अपनी फेसबुक पर लिखते हैं कि क्या न्यूज़-18 चैनल उस सीसीटीवी फुटेज को चला रहा है जिसमें उसके पत्रकार को धमकी दी गई है?
वह आगे लिखते हैं, “इस चैनल का रोल भी नफरत फैलाने में रहा है. मुझे सौरभ शर्मा के फेसबुक पोस्ट और लाइक की जानकारी नहीं है न कभी कोई कार्यक्रम देखा है, मगर सौरभ और अंकिता को भी पाकिस्तानी कहा गया और जान से मारने की धमकी दी गई. क्या मुझे कोई बता सकता है कि नफरत को लेकर सौरभ शर्मा के क्या विचार रहे हैं? किस तरह के पोस्ट हुआ करते थे? क्या सौरभ शर्मा ने अपने साथियों के नफरती शो को याद किया होगा कि उसके नतीजे में खुद उनकी जान खतरे में पड़ सकती है? क्या सौरभ शर्मा यह सब सोच रहे होंगे?”
इस मामले में नोए़डा पुलिस आयुक्त ने भी संज्ञान लिया है.
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