Media
सुदर्शन न्यूज़ की नौटंकी पर क्या कहते हैं हल्दीराम के कर्मचारी
इन दिनों नमकीन और अन्य खाद्य सामग्री बनाने वाली कंपनी हल्दीराम, धर्मांध सुदर्शन न्यूज़ चैनल का नया निशाना है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें सुदर्शन न्यूज़ की एंकर शिवानी ठाकुर हल्दीराम के स्टोर मैनेजर कीर्ति जैसवाल से बहस करती हुई नजर आ रही हैं.
यह घटना नोएडा सेक्टर 63 में स्थित हल्दीराम स्टोर की है. शिवानी के हाथ में हल्दीराम फलाहार का एक पैकेट है. जो कि नवरात्रि स्पेशल नमकीन है. इस पैकेट पर नमकीन में मिलाई गई सामग्री का विवरण “उर्दू” में लिखा हुआ है. यह सच नहीं है, दरअसल वह उर्दू नहीं बल्कि अरबी में लिखा हुआ था. यही पूरे बवाल का कारण बना हुआ है. एंकर ने एक रिपोर्ट के जरिए इसे हिंदू-मुस्लिम एंगल दिया, इसके बाद से सोशल मीडिया पर भी इस मामले को हिंदू-मुस्लिम से जोड़ा जाने लगा.
इस पैकेट को दिखाते हुए एंकर शिवानी, स्टोर मैनेजर से पूछती हैं, “इस नमकीन में ऐसा क्या है जिसे आपने उर्दू में लिख रखा है? आप पब्लिक से क्या झूठ छिपाना चाहती हो जिसे आपने उर्दू में लिखा है?” यह वीडियो 5 अप्रैल से सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रहा है.
हल्दीराम के स्टोर में कैसे पहुंची सुदर्शन की टीम?
सुदर्शन की टीम नोएडा के सेक्टर 63 में स्थित उस मॉल में गई जिसके ग्राउंड फ्लोर पर हल्दीराम का स्टोर है. इस स्टोर में दो फ्लोर हैं. ग्राउंड फ्लोर पर नमकीन, बिस्किट और गिफ्ट आइटम बिकते हैं. जबकि दूसरी मंजिल पर रेस्टोरेंट है.
इस मॉल के गार्ड ने हमें बताया, “चार लोगों की टीम हल्दीराम स्टोर पर आई थी. तीन लोग स्टोर के बाहर खड़े थे जिनमें से एक वीडियो बना रहा था, और रिपोर्टर स्टोर के अंदर थीं.”
इस दौरान हमने इस स्टोर के मैनेजर कीर्ति जैसवाल और सौरभ अधिकारी से भी बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने विवाद होने का हवाला देकर बात करने से इनकार कर दिया.
स्टोर में काम करने वाले एक अन्य कर्मचारी ने हमें बताया, “वे ग्राहक की तरह ही स्टोर पर आए थे और मोबाइल से रिकॉर्डिंग कर रहे थे, हमारे एक स्टाफ ने उन्हें मना कर दिया कि यहां रिकॉर्डिंग करना मना है.”
स्टोर में काम करने वाले एक अन्य कर्मचारी नीतीश कुमार ने हमें पूरी कहानी समझाई.
उन्होंने बताया, “जब रिपोर्टर (शिवानी) स्टोर में घुसी थीं तब मैं स्टोर सेट कर रहा था. वह एक पैकेट लेकर कैशियर सपना से पूछने लगीं कि इस पैकेट में अंदर क्या है? क्या इसे खा सकते हैं. सपना ने जवाब दिया कि हां खा सकते हैं. उसके बाद वह पैकेट उल्टा करके दिखाती हैं और पूछती हैं कि उर्दू में क्या लिखा है.”
इसके बाद स्टोर में ही मौजूद मैनेजर कीर्ति ने मोबाइल पर रिकॉर्डिंग करने से मना कर दिया जिसके बाद वह बड़ा वाला कैमरा लेकर आए.
नीतीश इसके आगे की बात बताते हैं, “कीर्ति मैम ने गार्ड को कैमरा अंदर लाने से मना कर दिया था. हमारा स्टोर कांच की पारदर्शी दीवारों से बना है, तो कैमरामैन ने स्टोर के बाहर जाकर ही रिकॉर्डिंग शुरू कर दी. इतने में शिवानी ने माइक निकाल लिया.”
जब विवाद बढ़ने लगा तब कीर्ति ने ही नीतीश से पुलिस को बुलाने के लिए कहा. नीतीश पास के थाने से पुलिसकर्मी मुकेश कुमार यादव को बुलाकर लाते हैं. मुकेश कुमार वही पुलिसकर्मी हैं जो वायरल वीडियो में भी नजर आ रहे हैं.
मुकेश बताते हैं, “जब विवाद बढ़ गया तब नीतीश मुझे बुलाने आए.”
नितीश आगे कहते हैं, “रिपोर्टर के पास एक बैग था. उसने उस बैग से ही नमकीन का पैकेट निकाला था. इसलिए मुझे लगा चोरी का मामला है और मैं पुलिस को बुलाकर ले आया.”
पुलिसकर्मी मुकेश बताते हैं, “वह वीडियो रिकॉर्डिंग कर रही थीं. जब दोनों (शिवानी और कीर्ति) में गहमागहमी बढ़ने लगी तब मैंने हस्तक्षेप किया और रोकने की कोशिश की. वो (शिवानी) बस यही कहती रहीं कि मैं अपना काम कर रही हूं, उसे पूरा करके चली जाऊंगी.”
मुकेश आगे कहते हैं, “शिवानी महिला थीं, मैं उन्हें हाथ नहीं लगा सकता था. इसलिए मैं दूर ही खड़ा था. मैं उन्हें चौकी में लेकर भी आया लेकिन शिवानी ने शिकायत दर्ज कराने से मना कर दिया.”
मुकेश ने पुष्टि की कि वे लोग हल्दीराम में वीडियो बनाने के मकसद से ही आए थे.
मुकेश ने हमें बताया, “सुदर्शन न्यूज़ की गाड़ी पुलिस थाने के बाहर ही खड़ी थी. उन्होंने मुझे कहा कि वे वीडियो बनाने आए थे. काम हो गया. इसके बाद वे अपनी गाड़ी में बैठकर चले गए.”
न्यूज़लॉन्ड्री ने सुदर्शन न्यूज़ की रिपोर्टर शिवानी ठाकुर से भी बात की.
शिवानी ने हमें बताया, “हल्दीराम के कई सारे ग्राहक हमारे दफ्तर (सुदर्शन न्यूज़) आए थे. उन्होंने हमें ये पैकेट दिए. ये सभी व्रत में खाने के पैकेट थे. उन्हें चिंता थी कि पैकेट के पीछे उर्दू में कुछ क्यों लिखा है. मैं यही देखने के लिए स्टोर में गई थी.”
जब हमने उनसे और सवाल पूछने की कोशिश की तो उन्होंने कहा, “सब कुछ वीडियो में है. मैं और कुछ नहीं बता सकती.”
बता दें कि हल्दीराम फलाहारी मिक्सचर पैकेट के पीछे लिखी यह भाषा उर्दू नहीं बल्कि अरबी है. पैकेट पर अरबी में लिखा है, “इसमें मूंगफली और आलू का मिश्रण हल्के मसालों के साथ है.”
इसके नीचे आलू, मूंगफली, वेजिटेबल ऑयल, चीनी, नमक और मिर्च की मात्रा का विवरण लिखा हुआ है. अरबी में लिखने का उद्देश्य केवल इतना है कि इस पैकेट को बेचने के लिए दुबई भी भेजा जाता है.
Also Read
-
TV Newsance 323 | Distraction Files: India is choking. But TV news is distracting
-
‘Talks without him not acceptable to Ladakh’: Sonam Wangchuk’s wife on reality of normalcy in Ladakh
-
When media ‘solves’ terror cases, Kashmiris are collateral damage
-
Public money skewing the news ecosystem? Delhi’s English dailies bag lion’s share of govt print ads
-
Month after govt’s Chhath ‘clean-up’ claims, Yamuna is toxic white again