Khabar Baazi
मीडिया वन चैनल को हाईकोर्ट से झटका, जारी रहेगा प्रतिबंध
मलयालम समाचार चैनल मीडिया वन पर लगे प्रतिबंध को हटाने से हाईकोर्ट ने इंकार कर दिया. मुख्य न्यायाधीश एस. मणिकुमार और न्यायमूर्ति शाजी पी. चाली की बेंच ने केंद्रीय सूचना-प्रसारण मंत्रालय द्वारा ‘मीडिया वन’ को दिए गए प्रसारण लाइसेंस को नवीनीकृत करने से इंकार करने वाले आदेश को बरकरार रखा है.
इससे पहले केरल हाईकोर्ट की एकल पीठ ने भी चैनल के प्रसारण पर रोक लगा दी थी. जिसके खिलाफ चैनल के संपादक प्रमोद रमन, केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स ने हाईकोर्ट में फिर से याचिका दायर की थी.
क्या है मामला?
माध्यमम ब्रॉडकास्टिंग लिमिटेड कंपनी द्वारा संचालित मीडिया वन चैनल का 10 साल का प्रसारण लाइसेंस 29 सितंबर, 2021 को खत्म हो गया था. कंपनी ने पिछले साल मई में नवीनीकरण के लिए आवेदन किया था. लेकिन 29 दिसंबर 2021 को गृह मंत्रालय ने चैनल को सुरक्षा मंजूरी देने से इंकार कर दिया और बाद में सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 31 जनवरी को इसके प्रसारण को सस्पेंड कर दिया.
केरल हाईकोर्ट की एकल पीठ ने केंद्र सरकार के प्रतिबंध वाले फैसले को सही ठहराते हुए कहा था कि चैनल के लाइसेंस को आगे बढ़ाने की अनुमति न दिए जाने के लिए पर्याप्त कारण हैं. हालांकि सरकार ने इन कारणों के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की.
गौरतलब है कि 2020 दिल्ली दंगों के दौरान भी केंद्र सरकार ने पक्षपाती कवरेज को लेकर मीडिया वन चैनल पर 48 घंटों के लिए प्रतिबंध लगा दिया था.
Also Read
-
Swords, slogans and Hindu Rashtra: The ‘mahant’ calling for a ‘religious war’ against minorities
-
The world India must budget for
-
‘New Nepal’, old anxieties: Will a Gen Z mandate trigger a new playbook for South Block?
-
Telangana’s NTV controversy and the cost of captured media
-
तलवारें, नारे और ‘हिंदू राष्ट्र’: अल्पसंख्यकों के खिलाफ ‘धार्मिक युद्ध’ का आह्वान करने वाले ‘महाराज’