Assembly Elections 2022
यूपी चुनाव 2022: “राशन नहीं रोजगार चाहिए”
उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव की कवरेज के लिए न्यूज़लॉन्ड्री की टीम नोएडा के लेबर चौक पहुंची, जहां हमारी बातचीत कुछ मजदूरों से हुई. एक सवाल के जवाब में झूंड में खड़े मजदूर कहते हैं कि उन्हें राशन नहीं रोजगार चाहिए. सत्ता में बैठे लोगों को इस बारे में सोचना चाहिए कि क्या पांच किलो राशन से पेट भर जाएगा?
चुनाव में रोजगार के मुद्दे पर बरेली के रहने वाले बृजेश कहते हैं, "ठंड की वजह से बहुत कम काम मिल रहा है. मैंने एक महीने में लगभग 10 से 12 दिन काम किया है. इस चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार है. किसी की भी सरकार हो उससे मतलब नहीं है पर रोजगार सबको मिलना चाहिए.”
कोरोना काल में प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने के इंतजाम पर कन्नौज से आए राजीव कुमार कहते हैं, "गांव में कोई सुविधा नहीं है. बस राशन मिल रहा है. हमें राशन नहीं रोजगार चाहिए. राशन से पेट नहीं भरता है. सरकार को रोजगार मुहैया करवाना चाहिए. सरकार ने दूसरी लहर के समय कहा था कि हम गांव में रोजगार मुहैया करवाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ. हमें गांव में रोजगार मिले तो ये हमारे लिए अच्छा है."
यहां हमारी मुलाकात बदायूं के रहने वाले भोला शंकर से भी हुई. भोला शंकर ने बीएससी और बीएड की डिग्री हासिल की है. भोला शंकर लेबर चौक की स्थिति के बारे में कहते हैं, "लेबर चौक की स्थिति इतनी खराब है कि यहां पर एक आदमी काम करवाने आता है लेकिन काम करने चार लोग भागते हैं. रोजगार नहीं है. शिक्षित होने के बावजूद मजदूरी करना बहुत बुरा लगता है. बस अपना गुजारा कर रहे हैं यहां पर.”
भोला शंकर आगे कहते हैं, "लॉकडाउन के समय हम पैदल घर गए थे. सरकार ने कोई रोजगार नहीं दिया. वो केवल अफवाहें थीं. जो सरकार बोलती है वो कभी नहीं करती.”
(ट्रांसक्राइब- सृष्टि)
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यह स्टोरी एनएल सेना प्रोजेक्ट का हिस्सा है जिसमें हमारे पाठकों ने योगदान दिया है. यह संजयकुमार, देवकी खन्ना, सुभ्रजीत चक्रवर्ती, सोमोक गुप्ता रॉय, सत्य, शुभंकर मोंडल, सौरव अग्रवाल, कार्तिक, सुदर्शन मुखोपाध्याय, उमा राजगोपालन, एचएस काहलों, श्रेया सेतुरमन, विनोद गुब्बाला, अनिर्बन भट्टाचार्जी, राहुल गुप्ता, राहुल गुप्ता, रेजिथ राजन, अभिषेक ठाकुर, रथींद्रनाथ दास, फरजाना हसन, अनिमेष नारायण, एजे, निधि मनचंदा, राहुल भारद्वाज, कीर्ति मिश्रा, सचिन तोमर, राघव नायक, रूपा बनर्जी, आकाश मिश्रा, सचिन चौधरी, उदयन आनंद, करण मुजो, गौरव एस दत्ता, जयंत बसु, अभिजनन झा, आशुतोष मित्तल, साहित कोगंती, अंकुर, सिंधु कासुकुर्थी, मानस, अक्षय शर्मा, मंगेश शर्मा, विवेक मान, संदीप कुमार, रूपा मुकुंदन, पी आनंद, नीलकंठ कुमार, नूर मोहम्मद, शशि घोष, विजेश चंदेरा, राहुल कोहली, जान्हवी जी, डॉ प्रखर कुमार, आशुतोष सिंह, सैकत गोस्वामी, शेषा साई टीवी, श्रीकांत शुक्ला, अभिषेक ठाकुर, नागार्जुन रेड्डी, जिजो जॉर्ज, अभिजीत, राहुल दिक्षित, प्रवीण सुरेंद्र, माधव कौशिश, वर्षा चिदंबरम, पंकज, मनदीप कौर समरा, दिब्येंदु तपदार, हितेश वेकारिया, अक्षित कुमार, देववर्त पोदर, अमित यादव, हर्षित राज, लक्ष्मी श्रीनिवासन, अतिंद्रपाल सिंह, जया मित्रा, राज परब, अशरफ जमाल, आसिफ खान, मनीष कुमार यादव, सौम्य पाराशर, नवीन कुमार प्रभाकर, लेज़ो, संजय डे, अहमद ज़मान, मोहसिन जाबिर, सबीना, सुरेश उप्पलपति, भास्कर दासगुप्ता, प्रद्युत कुमार, साई सिंधुजा, स्वप्निल डे, सूरज, अपराजित वर्की, ब्रेंडन जोसेफ डिसूजा, ज़ैनब जाबरी, तनय अरोड़ा, ज्योति सिंह, एम. मित्रा, आश्रय आगूर, इमरान, डॉ. आनंद कुलकर्णी, सागर कुमार, संदीप बानिक, मोहम्मद सलमान, साक्षी, नवांशु वाधवानी, अरविंद भानुमूर्ति, धीरेन माहेश्वरी, संजीव मेनन, अंजलि दांडेकर, फरीना अली कुरबरवाला, अबीरा दुबे, रमेश झा, नम्रता, प्रणव कुमार, अमर नाथ, आंचल, साहिबा लाल, जुगराज सिंह, नागेश हेब्बर, आशुतोष म्हापने, साई कृष्णा, दीपम गुप्ता, अंजू चौहान, सिद्धार्थ जैन, अवनीश दुरेहा, वरुन सिंघल, अक्षय, साईनाथ जाधव, श्रेयस सिंह, रंजीत समद, विनी नायर, वत्सल मिश्रा, आदित्य चौधरी, जसवीन, प्रदीप, नीलेश वैरागड़े, मनोहर राज, तान्या धीर, शालीन कुमार शर्मा, प्रशांत कल्वापल्ले, आशुतोष झा, आरोन डिसूजा, शक्ति वर्मा, संयुक्ता, पंत, अश्विनी, फिरदौस कुरैशी, सोहम जोशी, अंकिता बॉस्को, अर्जुन कलूरी, रोहित शर्मा, बेट्टी राचेल मैथ्यू, सुशांत टुडू, प्रदीप कुमार पुनिया, दिलीप कुमार यादव, नेहा खान, ओंकार , वंदना भल्ला, सुरेंद्र कुमार, संजय चाको, अब्दुल्ला, आयुष गर्ग, मुकर्रम सुल्तान, अभिषेक भाटिया, ताजुद्दीन खान, विश्वास देशपांडे, मोहम्मद अशरफ, जयती सूद, आदित्य गर्ग, नितिन जोशी, पार्थ पटशानी, एंटोन विनी, सागर राउत, विवेक चांडक, दीप चुडासमा, खुशबू मटवानी, वीरेंद्र बग्गा और एनएल सेना के अन्य सदस्यों के सहयोग के कारण संभव हो पाया है.
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