Khabar Baazi
कश्मीर प्रेस क्लब ने चुनाव कराने के लिए बनाई विशेष कमेटी
शानिवार को कश्मीर प्रेस क्लब पर पत्रकार सलीम पंडित और अन्य पत्रकारों ने पुलिस प्रशासन की मदद से कब्जा कर लिया. इसके बाद अब क्लब की पुरानी कमेटी ने एक विशेष कमेटी बनाने का एलान किया है.
जारी एक प्रेस रिलीज में बताया गया है कि यह नई कमेटी क्लब का जल्द से जल्द चुनाव आयोजित करेगी. साथ ही क्लब के रजिस्ट्रेशन के लिए भी काम करेगी. नई कमेटी में कुल 13 सदस्य हैं.
क्या है कश्मीर प्रेस क्लब का विवाद?
15 जनवरी को कश्मीर प्रेस क्लब के बाहर सुरक्षा बलों का जमावड़ा था. यह पहली बार हो रहा था कि इतनी अधिक संख्या में सुरक्षाबल क्लब के अंदर और बाहर मौजूद थे. दरअसल पत्रकार सलीम पंडित कुछ अन्य पत्रकारों के साथ वहां पहुंचे और उन्होंने क्लब पर कब्जा कर लिया और क्लब का मैनजमेंट भी अपने हाथ में ले लिया.
नए मैनेजमेंट ने दावा किया कि, उन्हें सभी सदस्यों का समर्थन हासिल है हालांकि पत्रकार इससे इनकार करते हैं. इस तरह कब्जे के सवाल पर न्यूज़लॉन्ड्री से बातचीत में सलीम पंडित कहते हैं, “चुनाव में हो रही देरी के कारण क्लब के रोज के कामकाज को अपने हाथों में ले लिया. हमें समय दीजिए हम क्लब के लिए सब कुछ करेंगे. इससे पहले जम्मू कश्मीर प्रशासन ने कश्मीर प्रेस क्लब का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया था.”
सुरक्षाबलों के साथ इस कब्जे के बाद देशभर में पत्रकार सगंठनों ने निंदा की है. एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा, कश्मीर में पत्रकारों के एक गुट द्वारा सुरक्षा बलों की मदद से प्रेस क्लब के दफ्तर और मैनेजमेंट पर कब्जा किए जाने का तरीका हैरान करने वाला है. वहीं कश्मीर प्रेस क्लब के रजिस्ट्रेशन को मनमाने तरीके से निलंबित किया जाना भी उतना ही चिंतित करने वाला है.
मुंबई प्रेस क्लब ने भी इस तरह से कश्मीर प्रेस क्लब पर कब्जे की घटना की निंदा की है. क्लब ने कहा, कश्मीर प्रेस क्लब के पंजीकरण पर रोक ने प्रभावी रूप से पूरे 300 पत्रकार वाले इस संगठन को ठंडे बस्ते में डाल दिया है और लोकतांत्रिक रूप से बुलाई गई चुनाव प्रक्रिया को नकार दिया है.
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, बीते शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कश्मीर प्रेस क्लब का रजिस्ट्रेशन ये कहते हुए सस्पेंड कर दिया था कि जम्मू-कश्मीर पुलिस की सीआईडी को मैनेजमेंट के खिलाफ प्रतिकूल रिपोर्ट मिली है. बता दे कि क़रीब दो हफ्ते पहले ही प्रशासन ने कश्मीर प्रेस क्लब के रजिस्ट्रेशन का नवीकरण किया था.
Also Read: कमाल ख़ान: कमाल की शख्सियत, कमाल के पत्रकार
Also Read
-
A city under siege by its own guardians: The Delhi of October 9 and 10
-
‘Koi media nahi hai’: Inside the Delhi police’s October 10 crackdown on journalists
-
Delhi Police vs protesters: The extraordinary cat-and-mouse chase across the capital
-
Delhi sealed, journalists detained: Inside the CJP protest on October 10
-
Around Jantar Mantar in 15,967 steps