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केशव प्रसाद मौर्य ने बीच में ही छोड़ा बीबीसी का इंटरव्यू, पत्रकार को कहा एजेंट
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान हो गया है. चुनावी सरगर्मियों के बीच नेता लगातार चैनलों को इंटरव्यू दे रहे हैं. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बीबीसी को इंटरव्यू दे रहे थे. लेकिन उन्होंने बीच में ही इंटरव्यू को रोक दिया.
उपमुख्यमंत्री ने बीबीसी संवाददाता के सवालों पर नाराजगी जताते हुए उन्हें एजेंट तक कह दिया. इसके बाद मौर्य ने बातचीत वहीं रोक दी और कैमरा बंद करने को कहा.
उपमुख्यमंत्री यहीं नहीं रुके उन्होंने बीबीसी रिपोर्टर का कोविड मास्क खींचा और सुरक्षाकर्मियों को बुलाकर जबरन वीडियो डिलीट करा दिया. हालांकि बातचीत का कुछ हिस्सा कैमरे की चिप से रिकवर किया गया.
बीबीसी ने उपमुख्यमंत्री के इंटरव्यू का कुछ हिस्सा सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है. इस वीडियो में केशव प्रसाद मोर्या, अखिलेश यादव और अपनी सरकार के बारे में बात करते हुए दिख रहे हैं. लेकिन जब रिपोर्टर ने पिछले दिनों हरिद्वार में हुए धर्म संसद में मुसलमानों के खिलाफ दिए गए बयानों पर सवाल पूछा तो वह नाराज हो गए.
सवालों का जवाब देने के बाद जब उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बीबीसी के रिपोर्टर से कहा कि वे केवल चुनाव के बारे में सवाल पूछें.
इस पर बीबीसी के रिपोर्टर अनंत झणाणे ने कहा, यह मामला चुनाव से जुड़ा हुआ है, इस पर उपमुख्यमंत्री भड़क गए और उन्होंने रिपोर्टर से कहा कि आप पत्रकार की तरह नहीं, बल्कि किसी के "एजेंट" की तरह बात कर रहे हैं, इसके बाद उन्होंने अपनी जैकेट पर लगा माइक हटा दिया.
बीबीसी इंडिया के डिजिटल एडिटर मुकेश शर्मा ने ट्वीटर पर खबर पोस्ट करते हुए लिखा, “सवाल पसंद नहीं आना स्वाभाविक हो सकता है मगर पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार? अपने सुरक्षाकर्मी बुलाकर इंटरव्यू डिलीट करवाया गया. ऐसा लगता है सभी पार्टियों के नेता सिर्फ मनपसंद सवालों के जवाब देना चाहते हैं.”
बीबीसी ने घटना पर गंभीर एतराज जताते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह और राज्य के मुख्यमंत्री को आधिकारिक तौर पर एक शिकायत भेजी है.
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