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पांच साल में मोदी सरकार ने विज्ञापन पर खर्च किए 5000 करोड़ रुपए, यानी हर रोज दो करोड़ 74 लाख
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने साल 2016 से अबतक 5000.667 करोड़ रुपए विज्ञापन पर खर्च किए हैं. इस दौरान वित्त मंत्रालय ने सबसे ज्यादा राशि विज्ञापन पर खर्च की है.
विज्ञापन और दृश्य प्रचार निदेशालय (डीएवीपी) की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, साल 2016 में मोदी सरकार ने विज्ञापन पर 1264.26 करोड़ रुपए खर्च किए. साल 2017 में यह आंकड़ा बढ़कर 1313.59 करोड़ हो गया. इन दोनों साल में सबसे ज्यादा विज्ञापन वित्त विभाग ने दिए हैं. 2016 और 2017 में विभाग ने 612.51 करोड़ रुपए विज्ञापन पर खर्च किए हैं.
वहीं साल 2018 में सरकार ने कुल 1179.35 करोड़ रुपए विज्ञापन पर खर्च किए हैं. इस साल सबसे ज्यादा विज्ञापन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने खर्च किए. मंत्रालय ने अलग-अलग माध्यमों के जरिए विज्ञापन पर 181.53 करोड़ रुपए खर्च किए. साल 2019 में सरकार ने 707.91 करोड़ रुपए खर्च किए. इस साल भी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सबसे ज्यादा 137.84 करोड़ रुपए विज्ञापन पर खर्च किए हैं. इसके बाद परिवार कल्याण मंत्रालय ने 72.56 करोड़ रुपए खर्च किए.
साल 2020 की बात करें तो इस साल में 409.56 करोड़ विज्ञापन पर खर्च किए गए हैं. मंत्रालय वार विज्ञापन पर सबसे ज्यादा किसने खर्च किए तो इस बार परिवार कल्याण मंत्रालय ने 71.70 करोड़ खर्च किए. बता दें कि इसी साल कोरोना वायरस का संक्रमण भारत में आया था. 25 नवंबर 2021 तक भारत सरकार ने 125.997 करोड़ रुपए विज्ञापन पर खर्च किए हैं. इस साल में अभी तक सूचना प्रसारण मंत्रालय ने 40.29 करोड़ विज्ञापन पर खर्च किए हैं. इस साल 25 नवंबर तक परिवार कल्याण मंत्रालय ने 5.36 रुपए विज्ञापन पर खर्च किए हैं.
अगर बात करें की इन पांच सालों में सबसे ज्यादा किस मंत्रालय ने खर्च किया तो उसका जवाब है वित्त मंत्रालय. वित्त मंत्रालय ने 2016 से 25 नवंबर 2021 तक 867.494 करोड़ रुपए, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 736.531 करोड़ रुपए, परिवार कल्याण मंत्रालय ने 596.029 करोड़ रुपए, रक्षा मंत्रालय ने 340.997 करोड़ और ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 308.469 करोड़ रुपए खर्च किए हैं.
गौरतलब हैं जो मंत्रालय-वार विज्ञापन के आंकड़े दिए गए हैं उसमें पब्लिसिटी, टेंडर, भर्ती, सार्वजनिक सूचना, बीमारी, स्वास्थ्य जानकारी आदि सभी सम्मिलित हैं.
बता दें कि इससे पहले केंद्र सरकार ने बीबीसी द्वारा आरटीआई में पूछे गए सवालों के जवाब में बताया था कि साल 2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने विज्ञापन पर कुल 5749 करोड़ रुपए खर्च किए हैं.
सरकार ने अप्रैल 2020 से जून 2021 के दौरान जब देशभर में कोरोना महामारी का प्रकोप सबसे ज्यादा था उस समय विज्ञापन पर 212 करोड़ रुपए खर्च किए.
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