Khabar Baazi
रायपुर: अवैध वसूली को लेकर न्यूज़ पोर्टल के संपादक और संचालक को पुलिस ने किया गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के रायुपर में पुलिस ने कांग्रेस विधायकों की शिकायत पर एक न्यूज़ पोर्टल के संचालक समेत उसके संपादक को गिरफ्तार किया है.
भास्कर की खबर के मुताबिक, संचालक और संपादक पर भ्रामक खबरें प्रसारित करने और खबरों की धौंस दिखाकर अवैध वसूली करने का आरोप है.
रायपुर के सिविल लाइन थाने पर रविवार को विधायक बृहस्पति सिंह, विधायक कुलदीप जुनेजा समेत कुछ कांग्रेस नेताओं ने ‘जीरो पार्टी’ नामक पोर्टल के संपादक और संचालक के खिलाफ शिकायत की थी.
इसके बाद पोर्टल के संचालक मधुकर दुबे और संपादक अविनाश पल्लीवार को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया.
भास्कर की खबर के मुताबिक, मामला कथित स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ा है. पोर्टल ने एक स्टिंग ऑपरेशन पर खबर प्रकाशित की थी, जिसमें विधायक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ बात कर रहे थे. जिसके बाद रामानुजगंज विधायक बृहस्पति सिंह ने पुलिस से यह शिकायत की थी.
बता दें कि विधायक बृहस्पति सिंह अपने बयानों के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने कुछ महीने पहले पत्रकारों से बात करते हुए सवाल पूछ रहे पत्रकारों को'अंगूठाछाप आदिवासी' बोल दिया था. इतना ही नहीं उन्होंने एक पत्रकार को कह दिया था कि तुम्हारी दिमागी हालत ठीक नहीं है.
इससे पहले उन्होेंने छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव पर आरोप लगाते हुए कहा था कि वह उनकी हत्या करवा सकते है. वहीं एक अन्य बयान में उन्होेंने कहा कि, भाजपा-आरएसएस छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन करना चाहती है जिसके लिए वह कांग्रेस के नेताओं और विधायकों से संपर्क कर रहे हैं.
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब रायपुर में किसी पत्रकार को अवैध वसूली के लिए गिरफ्तार किया गया. इससे पहले पुलिस ने न्यूज टुडे नामक एक पोर्टल चलाने वाले पत्रकार सुनील नामदेव को भी रेस्टोरेंट संचालक से अवैध उगाही के मामले में गिरफ्तार किया था.
Also Read
-
Ram Temple trust inked 7 of Ayodhya’s 10 biggest land deals last year
-
SIP was the successful Sharma ji ka ladka. Now it has a problem
-
From ‘Maunmohan’ to ‘Maunendra’: Modi’s ‘strategic’ silence’ as Trump walks over India
-
A pig at the gate, TV cameras outside: The making of a viral Eid controversy
-
एनएल चर्चा 428: ईरान-अमेरिका एमओयू, क्षेत्रीय दलों में फूट और टेलीग्राम पर प्रतिबंध