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मोदी सरकार ने विज्ञापन पर तीन साल में खर्च किए दो हजार करोड़ से ज्यादा रुपए
भारत सरकार के आंकड़ो के मुताबिक, सरकार ने साल 2018-19, 2019-20, 2020-21 में कुल मिलाकर 2299.9 करोड़ रुपए विज्ञापन पर खर्च किए हैं.
इन तीन सालों में सबसे ज्यादा पैसा साल 2018-19 में खर्च किया गया है जो कि 1182.17 करोड़ है. वहीं साल 2019-20 में 708.18 करोड़ और 2020-21 में 409.55 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं.
इनमें साल 2020-21 में स्वास्थ्य मंत्रालय ने 71.70 करोड़, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 61.79 करोड़, वित्त विभाग ने 43.13 करोड़ और रक्षा मंत्रालय ने 31.14 करोड़ रुपए विज्ञापन पर खर्च किए हैं.
बता दें कि तीन सालों में मंत्रालय-वार विज्ञापन की यह जानकारी एनसीपी की सांसद डॉ. फैजिया खान ने राज्यसभा में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से मांगी थी. मानसून सत्र के दौरान 2 अगस्त को जवाब देते हुए सूचना मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि तीन वर्ष के दौरान लोक संपर्क और संचार ब्यूरो (बीओसी) द्वारा विज्ञापनों पर किए गए व्यय का मंत्रालय-वार ब्यौरा डीएवीपी की वेबसाइट पर उपलब्ध है.
इन तीन सालों में सबसे ज्यादा पैसा विज्ञापन पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने खर्च किया है तो वहीं सबसे कम इस्पात मंत्रालय ने. सरकार ने साफ किया है कि जो भी मंत्रालय-वार विज्ञापन के आंकड़े हैं उसमें पब्लिसिटी, टेंडर, भर्ती, सार्वजनिक सूचना, बीमारी, स्वास्थ्य जानकारी आदि सभी सम्मिलित हैं.
विज्ञापन की लागत कम करने को लेकर पूछे गए एक अन्य सवाल पर, अनुराग ठाकुर ने लिखित जवाब में कहा, “बीओसी ने एकीकृत अभियान, विषय आधारित अभियानों, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कम लागत वाले विज्ञापनों पर और अधिक बल देकर, केंद्रित साम्रगी के साथ कम प्रिंट जगह के उपयोग, लक्षित लाभार्थियों के लिए कार्य अभियानों को बेहतर स्थानों पर चलाने सहित विज्ञापन व्यय को युक्तिसंगत बनाने के लिए विभिन्न कार्यनीतियां अपनाई हैं.”
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