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जंतर मंतर पर पत्रकार से धक्का-मुक्की और जबरदस्ती "जय श्रीराम" के नारे लगवाने की कोशिश
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे एक प्रदर्शन को कवर करने पहुंचे नेशनल दस्तक के संवाददाता अनमोल प्रीतम से जबरदस्ती "जय श्रीराम" के नारे लगवाने की कोशिश की गई है. यह घटना तब हुई जब वह रविवार को जंतर-मंतर पर कुछ हिंदू संगठनों और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रवक्ता द्वारा बुलाई गई एक सभा को कवर करने पहुंचे थे. इस दौरान पत्रकार के साथ धक्कामुक्की की गई और उन्हें जिहादी कहा गया. इतना ही नहीं जय श्रीराम नहीं बोलने पर उन्हें प्रदर्शन स्थल से भगा दिया गया.
पत्रकार अनमोल प्रीतम बताते हैं, "सोमवार को उन्हें जंतर-मंतर पर हिंदू सेना और भाजपा प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय द्वारा प्रदर्शन करने की जानकारी मिली थी. मैं इसे कवर करने जंतर-मंतर पहुंचा. हमारा कैमरामैन पहले ही प्रदर्शन स्थल पर पहुंच चुका था. जब मैं वहां पहुंचा तो कैमरामैन ने मुझे थोड़ी देर पहले वहां हुई नारेबाजी के कुछ वीडियो दिखाए, जो कि काफी हिंसक और मुस्लिम विरोधी थे. इसके बाद मैं खुद वहां से कवरेज करने लगा. इसी दौरान कुछ लड़कों ने उन्हें घेर लिया. उनमें से एक लड़का चिल्लाते हुए मेरी ओर बढ़ा और कहने लगा कि यह तो जिहादी चैनल है. ये तो हिंदुओं से नफरत करते हैं, ये जय श्रीराम से नफरत करते हैं, ये भारत माता की जय से नफरत करते हैं, वंदेमातरम से नफरत करते हैं और ये मोदी, योगी से नफरत करते हैं."
प्रीतम के मुताबिक इसके बाद उन लोगों ने जबरदस्ती "जय श्रीराम" के नारे लगवाने की कोशिश की. वो कहते हैं, "तब वहां सिर्फ 8-10 लोग थे, मैं उन्हें समझाता रहा कि मेरा काम रिपोर्ट करना है ना कि नारे लगाना. इस दौरान मुझसे एक बुजुर्ग ने भी कहा कि तुम जिहादी हो, पहले जय श्रीराम बोलो तब हम तुमसे बात करेंगे. इस दौरान मैं समझाता रहा लेकिन वह इसी बात पर अड़े रहे कि पहले जय श्रीराम बोलो."
अपने साथ घटी घटना की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, “तभी वहां एक लंबा-तगड़ा लड़का आया और बहुत गुस्से से घूरते हुए कहने लगा- तुम्हारे मुंह मे दही जमी है क्या? तुम जय श्रीराम क्यों नहीं बोल रहे हो? जिस टोन में वह मुझसे बात कर रहा था, तब मैं काफी डर गया और काफी घबरा भी गया था. हालांकि इसके बाद भी मैं उनके सामने झुका नहीं. तब तक वहां 100 से ज्यादा लोग इकट्ठा हो गए थे. मैंने उनसे यह भी कहा कि आप मुझसे जबरदस्ती करोगे तो मैं नहीं बोलूंगा. तब वो लोग मुझे धक्का देने लगे और मुझे वहां से भगा दिया. कुछ लोग ऐसे भी थे जो मुझ पर अटैक करने की कोशिश कर रहे थे."
अनमोल कहते हैं कि, "मुझे जय श्रीराम बोलने में कोई दिक्कत नहीं है लेकिन कोई जबरदस्ती कैसे बुलवा सकता है."
वहां से भागने के बाद मैं थोड़ी दूर जाकर रिकॉर्ड करने लगा तब फिर से वहां 8-9 लड़के मेरे कैमरामैन के पास आकर खड़े हो गए. इसके बाद मैंने जल्दी-जल्दी शूट किया और वहां से निकल गए.
वह कहते हैं, "यह मेरी जिंदगी का पहला एक्सपीरियंस था जब मैं इतना डरा और घबराया."
क्या आपने इसकी शिकायत पुलिस से की है? इस सवाल पर अनमोल कहते हैं, "वह सब हमारा चैनल (नेशनल दस्तक) देख रहा है. मैंने पर्सनली अपनी तरफ से कुछ नहीं किया है. जो भी कार्रवाई करनी है वह सब चैनल केरगा."
बता दें कि अनमोल प्रीतम मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले हैं. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है. फिलहाल वह नेशनल दस्तक के साथ जुड़े हैं.
बता दें कि संसद भवन से कुछ दूर जंतर-मंतर पर हुई एक जनसभा में जमकर मुस्लिम विरोधी, हिंसक नारे लगाए गए और भड़काऊ भाषण दिए गए. यह घटना 8 अगस्त रविवार की है. बीजेपी के पूर्व प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय के आह्वान पर कई हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता और समर्थक जंतर मंतर पहुंचे थे. कार्यक्रम के आयोजकों की पांच मुख्य मांगें थी- समान शिक्षा, जनसंख्या नियंत्रण, घुसपैठ नियंत्रण, धर्मान्तरण नियंत्रण और समान नागरिक संहिता. लेकिन इस रैली में पहुंचे लोगों की मंशा नफरत और हिंसा भड़काने की दिखी.
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