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पुरुषों के मुकाबले भारतीय महिलाएं शारीरिक तौर पर ज्यादा सक्रिय
भारत में कहीं ज्यादा महिलाएं, पुरुषों से शारीरिक तौर पर सक्रिय हैं. इसी तरह यह अंतर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भी साफ दिखता है, जहां शहरों की तुलना में गावों में रहने वाले 45 वर्ष से ऊपर आयु के कहीं ज्यादा पुरुष शारीरिक तौर पर सक्रिय हैं. यह जानकारी लॉन्गिट्यूडिनल एजिंग स्टडी इन इंडिया (एलएएसआई) में सामने आई है.
हालांकि भारत में ज्यादातर उम्र दराज लोग इस बात से वाकिफ हैं कि यदि रोजाना व्यायाम और अन्य तरह की शारीरिक गतिविधियां की जाएं तो उससे पुराने से पुराने मर्जों को दूर किया जा सकता है, इसके बावजूद देश की एक बड़ी आबादी नियमित रूप से इस स्वास्थ्यकर जीवनशैली का पालन नहीं करती है. शोध के मुताबिक 45 वर्ष से अधिक आयु की जहां 68.7 फीसदी महिलाऐं शारीरिक रूप से सक्रिय थी वहीं इस आयु वर्ग के पुरुषों में यह आंकड़ा 59.8 फीसदी दर्ज किया गया था.
वहीं यदि 60 वर्ष से अधिक आयु वाले वर्ग की बात करें तो जहां 30.8 फीसदी पुरुष शारीरिक तौर पर सक्रिय थे वहीं महिलाओं में यह आंकड़ा 56.9 फीसदी था. यह बात इस पर भी मायने रखती है कि लोग कहां रहते हैं जहां ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले 61.7 फीसदी पुरुष शारीरिक तौर पर ज्यादा फिट थे वहीं शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा केवल 55.4 फीसदी था. वहीं यदि महिलाओं की बात करें तो यह आंकड़े उससे अलग हैं जहां ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली 67.6 फीसदी महिलाएं ज्यादा सक्रिय थी वहीं शहरों में यह आंकड़ा 70.9 फीसदी था.
यदि राज्यवार देखा जाए तो हिमाचल प्रदेश, असम, कर्नाटक, झारखंड, पुडुचेरी और नागालैंड में रहने वाले 45 वर्ष से अधिक आयु के तीन-चौथाई से अधिक निवासी शारीरिक रूप से सक्रिय हैं. हालांकि राज्य स्तर पर भी लिंग के आधार पर अंतर साफ देखा जा सकता है. हर राज्य में कहीं अधिक महिलाएं पुरुषों के मुकाबले ज्यादा सक्रिय थीं.
मिजोरम और दिल्ली में सबसे ज्यादा पुरुष शारीरिक रुप से नहीं हैं उतने सक्रिय
यदि शारीरिक रूप से सबसे कम सक्रिय वृद्ध पुरुषों की बात करें तो यह आंकड़ा मिजोरम में सबसे ज्यादा करीब 80 फीसदी था. वहीं इसके बाद दिल्ली में 63 फीसदी, तेलंगाना में 62 फीसदी और हरियाणा में 60 फीसदी वृद्ध पुरुष शारीरिक रूप से कम सक्रिय थे. हालांकि, इस आयु वर्ग की आधी से अधिक महिलाएं मिजोरम में 75 फीसदी, अरुणाचल प्रदेश में 56 फीसदी, दिल्ली में 55 फीसदी और हरियाणा में 50 फीसदी, वो भी शारीरिक रूप उतनी सक्रिय नहीं थी.
कहां पुरुष, कहां ज्यादा महिलाएं हैं शारीरिक तौर पर सक्रिय
2016 में छपे एक अध्ययन के अनुसार यदि आप रोजाना व्यायाम करते हैं तो इससे ह्रदय और अन्य रोगों का खतरा कम हो जाता है. दूसरी और वृद्धावस्था में शारीरिक रूप से कम सक्रियता खराब शारीरिक फिटनेस और बीमारी को दिखाता है जोकि धूम्रपान, अत्यधिक शराब का सेवन और मोटापे का भी नतीजा है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी बुजुर्गों को सप्ताह में लगभग 150 मिनट मध्यम-तीव्रता वाले व्यायाम और गतिविधियां करने की सलाह दी है. साथ ही बुजुर्गों को ग्रुप में प्रशिक्षण देकर और चिकित्सकों, परिवार के सदस्यों या दोस्तों द्वारा इसके लिए प्रेरित किया जा सकता है.
(डाउन टू अर्थ से साभार)
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