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भारत में कोविड से 107 पत्रकारों की हुई मौत- रिपोर्ट
देश में कोविड मामलों के साथ ही मरने वालों का भी आंकड़ा बढ़ रहा है. इस बीच ग्राउंड से जनता तक सही और सटीक जानकारियां मुहैया कराने वाले पत्रकार भी बड़ी संख्या में कोरोना की चपेट में आए हैं.
कोविड की चपेट में आए इन पत्रकारों को लेकर स्विट्जरलैंड में स्थित प्रेस एंब्लेम कैंपेन (पीईसी) ने एक रिपोर्ट जारी की है. जिसमें बताया गया है कि भारत में कोविड की वजह से अभी तक कुल 107 पत्रकारों की मौत हुई है. जिनमें से 45 की मौत पिछले दो सप्ताह में हुई है.
पीईसी की भारत रिप्रेजेंटेटिव नावा ठाकुरियां ने कहा, “भारत में कोरोना से पीड़ित पत्रकारों की संख्या वास्तव में ज्यादा होगी, क्योंकि कई स्थापित मीडिया हाउस अपने यहां के पत्रकारों के बारे में जानकारियां छुपा लेते हैं. छुपाने का कारण उन्हें बहुत अच्छी तरह से पता है.”
भारत इस समय पूरे विश्व में तीसरे नंबर पर आ गया है जहां पत्रकारों की सबसे ज्यादा मौत कोविड से हुई हैं. हमसे आगे ब्राजील है जहां 181 और पेरू में 140 पत्रकारों की मौत हुई है.
पीईसी की महासचिव ने पत्रकारों के स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए कहा कि, पत्रकारों को कोविड से बचाने के लिए सभी सरकारों को पत्रकारों को वैक्सीन लगाना चाहिए. ताकि वह बिना डर के अपने कर्तव्य का निर्वहन कर सकें. पत्रकारों को डॉक्टर, नर्स और अन्य हेल्थ वर्कर्स के बाद वैक्सीन में प्राथमिकता देनी चाहिए.
हाल में अगर पत्रकारों की मौत की बात करें तो, अमजद बादशाह (ओडिशा), तन्मय चक्रवर्ती (त्रिपुरा), विवेक बेंद्रे, सचिन शिंदे, जयराम सावंत, सुखनानंदन गावी (महाराष्ट्र). राम प्रकाश गुप्ता (बिहार), रोहिताश गुप्ता (उत्तर प्रदेश), रमजान अली (आंध्र प्रदेश) और अन्य.
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