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उत्तर प्रदेश: ऑक्सीजन की कमी बताने पर अस्पताल के खिलाफ मुख्यमंत्री ने केस दर्ज करने का दिया आदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में अधिकारियों के साथ एक मीटिंग में कहा है कि जो भी अस्पताल ऑक्सीजन की कमी का हवाला दे या मीडिया में उसको लेकर बयान दे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें.
द टेलीग्राफ की खबर के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा, “उन अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करें जो कह रहे हैं कि उनके पास ऑक्सीजन नहीं है और मरीजों को कहीं और ट्रांसफर कर दिया जाए.” मुख्यमंत्री ने कहा हैं कि, “यह जांच की जाए कि क्या अस्पताल जानबूझकर पैनिक उत्पन्न कर रहे हैं.”
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के साथ एक संवाद में भी कहा, “प्रदेश में ऑक्सीजन, बेड और दवा की कोई कमी नहीं है. सरकार सभी प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन उपलब्ध करा रही है. बस हमें दुरुपयोग को रोकना है.”
मुख्यमंत्री के दावों से उलट प्रदेश में स्थिति काफी गंभीर है. हर दिन प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मरीजों के परिजन ऑक्सीजन और बेड के लिए परेशान हो रहे हैं. एक प्राइवेट अस्पताल के कर्मचारी ने कहा, “मुख्यमंत्री चाहे तो सभी अस्पतालों का ऑडिट कर लें, उन्हें समझ आ जाएगा कि ऑक्सीजन की कितनी कमी है और मरीज क्यों परेशान हैं.”
अस्पताल के कर्मचारी ने कहा, “कब्रिस्तान और श्मशान के बाहर जो भीड़ है उससे मुख्यमंत्री को कोई परेशानी नहीं है लेकिन वह चाहते हैं कि अस्पताल की सच्चाई बाहर नहीं जाए.”
उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 32,993 नए मामले सामने आए हैं साथ ही 249 लोगों की मौत हुई है.
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