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उत्तर प्रदेश की जिला कोर्ट ने सिद्धार्थ वरदराजन और इस्मत आरा की गिरफ्तारी पर लगाई रोक
गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान प्रदर्शनकारी नवरीत सिंह की मौत के मामले में दर्ज केस पर उत्तरप्रदेश के रामपुर जिला कोर्ट ने द वायर के संपादक सिद्धार्थ वरदराजन और पत्रकार इस्मत आरा की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है.
लाइव ला की खबर के मुताबिक, इस केस की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कोर्ट से समय मांगते हुए कहा कि उनके पास मामले की केस डायरी और स्टेटस रिपोर्ट नहीं है.
इस पर वरदराजन और आरा के वकील ने अंतरिम जमानत याचिका पर जोर देते हुए कहा कि जब तक मामले का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक आवेदकों को अंतरिम जमानत दी जानी चाहिए और उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जानी चाहिए.
दोनो पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने इस मामले में अंतरिम जमानत देते हुए दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है.
बता दें कि यह केस रामपुर के सिविल थाने में संजू तुरैहा नाम के एक व्यक्ति ने दर्ज कराया था. सिद्धार्थ वरदराजन पर आरोप है कि उन्होंने बिलासपुर के डिबडिबा गांव निवासी किसान नवरीत सिंह की 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई मौत को लेकर भ्रामक ट्वीट किया था. इस ट्वीट के जरिये एक रिपोर्ट शेयर की गई थी, जिसे रिपोर्टर इस्मत ने लिखा था जो ‘द वायर’ पर 30 जनवरी को प्रकाशित हुई थी.
गौरतलब है कि किसान नवरीत सिंह की मौत को लेकर अब उनके दादा हरदीप सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट में जांच की मांग को लेकर एक याचिका दाखिल की है. याचिका में कहा गया है कि नवरीत की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई है.
गुरुवार को हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए, सीसीटीवी फुटेज, दूसरे कागजात और इलेक्ट्रोनिक सबूतों को संरक्षित करने और स्टेटस रिपोर्ट की एडवांस कॉपी, याचिकाकर्ता को देने का आदेश दिया है. मामले की अब अगली सुनवाई 26 फरवरी को होगी.
गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान प्रदर्शनकारी नवरीत सिंह की मौत के मामले में दर्ज केस पर उत्तरप्रदेश के रामपुर जिला कोर्ट ने द वायर के संपादक सिद्धार्थ वरदराजन और पत्रकार इस्मत आरा की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है.
लाइव ला की खबर के मुताबिक, इस केस की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कोर्ट से समय मांगते हुए कहा कि उनके पास मामले की केस डायरी और स्टेटस रिपोर्ट नहीं है.
इस पर वरदराजन और आरा के वकील ने अंतरिम जमानत याचिका पर जोर देते हुए कहा कि जब तक मामले का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक आवेदकों को अंतरिम जमानत दी जानी चाहिए और उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जानी चाहिए.
दोनो पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने इस मामले में अंतरिम जमानत देते हुए दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है.
बता दें कि यह केस रामपुर के सिविल थाने में संजू तुरैहा नाम के एक व्यक्ति ने दर्ज कराया था. सिद्धार्थ वरदराजन पर आरोप है कि उन्होंने बिलासपुर के डिबडिबा गांव निवासी किसान नवरीत सिंह की 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई मौत को लेकर भ्रामक ट्वीट किया था. इस ट्वीट के जरिये एक रिपोर्ट शेयर की गई थी, जिसे रिपोर्टर इस्मत ने लिखा था जो ‘द वायर’ पर 30 जनवरी को प्रकाशित हुई थी.
गौरतलब है कि किसान नवरीत सिंह की मौत को लेकर अब उनके दादा हरदीप सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट में जांच की मांग को लेकर एक याचिका दाखिल की है. याचिका में कहा गया है कि नवरीत की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई है.
गुरुवार को हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए, सीसीटीवी फुटेज, दूसरे कागजात और इलेक्ट्रोनिक सबूतों को संरक्षित करने और स्टेटस रिपोर्ट की एडवांस कॉपी, याचिकाकर्ता को देने का आदेश दिया है. मामले की अब अगली सुनवाई 26 फरवरी को होगी.
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