Newslaundry Hindi
महेश्वर हज़ारी: "बिहार जिसको कहा जाता था आलू, बालू और लालू जो कभी विकास नहीं करेगा"
बिहार की चुनावी सरगर्मी के बीच सभी पार्टियां अपना पूरा जोर प्रचार-प्रसार पर लगा रही हैं. चुनाव में 15 साल बनाम 15 साल के मुद्दे जेडीयू उठा रही है तो वहीं तेजस्वी रोजगारी का. हमने चुनाव से जुड़ी तैयारियों और अन्य मुद्दों को लेकर महेश्वर हजारी से बात की है.
नीतीश कुमार के दोबारा मुख्यमत्री बनने के सवाल पर महेश्वर हज़ारी कहते हैं "2005 नीतीश कुमार के मुख्यमत्री बनने से पहले सड़कों की हालत बहुत बुरी थी, तथा जंगल राज अपने चरम पर था. लेकिन नीतीश कुमार के विज़न और इच्छा शक्ति की बदौलत, वहीं बिहार जिसको कहा जाता था (आलू, बालू और लालू वह बिहार कभी विकास नहीं करेगा) उसी बिहार को देख लीजिये, इसकी सड़कें बहुत अच्छी हो गयी हैं."
क्षेत्र की खस्ता हालत याद दिलाने पर वह कहते हैं "आप जिस सड़क से यात्रा करके आये. क्या आपने वो सड़के देखी? मुझे सड़क और गड्ढे में कोई अंतर नहीं दिखा.
कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन में हजारों मजदूर अपने घर आ गए. अब वह बेरोजगार हैं. इस पर हज़ारी कहते हैं "एक महीने के अंदर मैंने पांच हज़ार मज़दूर को रोजगार के लिए जूट मिल को चालू करवाने का काम किया. वहीं कुछ और का उद्घाटन करना था, लेकिन आचार संहिता लगने के कारण उद्घाटन नहीं हो सका.
देखिए ये पूरी बातचीत.
***
यह स्टोरी एनएल सेना सीरीज का हिस्सा है, जिसमें हमारे 99 पाठकों ने योगदान दिया. आप भी हमारे बिहार इलेक्शन 2020 सेना प्रोजेक्ट को सपोर्ट करें और गर्व से कहें 'मेरे खर्च पर आज़ाद हैं ख़बरें'.
Also Read
-
8 decades later, Ambedkar’s warning still echoes. The republic deserves better than hero worship
-
TV Newsance 329 | Paragliding in Davos, fake Trump and a techie left to die in a Noida pit
-
Hafta 573: Funding the ‘circus’ in Davos as the net tightens on press freedom in Kashmir
-
‘How can you remove names without checking?’: Inside Prayagraj’s battle over voter lists
-
6 journalists summoned this month, ‘25’ in a year: The police trail following Kashmir’s press