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द हिंदू अखबार की खबर को पीआईबी ने बताया फेक न्यूज़
द हिंदू अखबार की एक खबर को पीआईबी द्वारा फेक बताने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है. अखबार और उसकी रिपोर्टर का कहना है कि उनकी खबर पूरी तरह से सही है और वे अपनी रिपोर्ट के साथ पूरी तरह खड़े हुए हैं. दरअसल इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब देश के बड़े अंग्रेजी अखबार ‘द हिंदू’ ने 30 अक्टूबर को चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय जमीन कब्जाने को लेकर एक खबर छापी. लद्दाख के पूर्व बीजेपी सांसद थुपस्टान छिवांग के हवाले से लिखी गई खबर के मुताबिक, चीनी सैनिकों ने भारतीय क्षेत्र में पंगोंग त्सो (झील) के उत्तरी तट के फिंगर 2 और 3 के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है.
साथ ही खबर में ये भी बताया गया है कि सैनिकों को यहां तंबुओं में रखा जा रहा है. खबर के मुताबिक थुपस्टान छिवांग ने कहा, “सैनिकों को तंबुओं में रखा जाता है जो यह स्वीकार्य नहीं है. यदि कई वार्ताओं के बावजूद, सरकार चीनी सैनिकों को वापस जाने के लिए मना नहीं कर पा रही है, तो हमारे सैनिकों को पर्याप्त रहने की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए.
खबर छपने के बाद पीआईबी ने खबर को स्क्रीनशॉट के साथ टवीट करते हुए लिखा कि यह खबर फेक है. साथ ही उन्होंने इंडियन आर्मी को टैग कर उसका हवाला दिया कि @adgpi ने ऐसी किसी भी घटना से इंकार किया है.
हालांकि द हिंदू ने इस फैक्ट चैक के बाद फिर से इस पर एक खबर लिखी. खबर की रिपोर्टर विजेता सिंह ने खबर के स्क्रीनशॉट के साथ लिखा, “रिकॉर्ड के लिए: पूर्व एमपी कहते हैं कि वे अपने शब्दों के साथ खड़े हैं.”
खबर मे लिखा है कि जब हिंदू ने दोबारा एमपी थुपस्टान छिवांग से शुक्रवार को संपर्क किया तो उन्होंने कहा, “उन्हें ये बात लद्दाख में एलएसी के पास रहने वाले नागरिकों ने बताई है. और वे अपनी बात पर कायम हैं.”
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