Newslaundry Hindi
सौरभ भारद्वाज: ‘दिल्ली पुलिस का रवैया बताता है कि शाहीन बाग के पीछे भाजपा का हाथ था’
हाल के दिनों में अपने बयानों के कारण आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और ग्रेटर कैलाश के विधायक सौरभ भारद्वाज काफी चर्चा में रहे हैं. शाहीन बाग के आंदोलनकारियों को भाजपा समर्थक बताने की बात हो, अपने विधानसभा क्षेत्र में हर मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करवाने की घोषणा हो या फिर अयोध्या में राम मंदिर के पहले हनुमानजी की एक भव्य मूर्ति स्थापना की मांग हो.
सौरभ ने इन बयानों के जरिए लगातार पार्टी की भीतर और बाहर अपनी छवि एक दक्षिणपंथी, हिंदुवादी नेता के तौर पर मजबूत की है. इसके साथ ही उन्होंने अपने बयानों से अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के लिए भी असहज स्थिति पैदा कर दी है. मनीष सिसोदिया ने शाहीन बाग के आंदोलन को जरूरी आंदोलन बताते हुए इसको अपना समर्थन दिया था. लिहाजा इसे भाजपा समर्थित बताकर सौरभ ने सिसोदिया के लिए परेशानी खड़ी कर दी है.
सौरभ भारद्वाज अरविंद केजरीवाल की पहली सरकार के दौरान प्रमुख चेहरा था. तब उन्हें केजरीवाल ने अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया था. लेकिन इस सरकार में उन्हें कोई अहम पद या जिम्मेदारी नहीं दी गई है. ऐसा क्यों हुआ? इसके अलावा आम आदमी पार्टी की दिल्ली के बाहर सियासी विस्तार की क्या योजनाएं हैं? इन तमाम सवालों पर सौरभ भारद्वाज के जवाबों के लिए देखें यह पूरा वीडियो.
हाल के दिनों में अपने बयानों के कारण आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और ग्रेटर कैलाश के विधायक सौरभ भारद्वाज काफी चर्चा में रहे हैं. शाहीन बाग के आंदोलनकारियों को भाजपा समर्थक बताने की बात हो, अपने विधानसभा क्षेत्र में हर मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करवाने की घोषणा हो या फिर अयोध्या में राम मंदिर के पहले हनुमानजी की एक भव्य मूर्ति स्थापना की मांग हो.
सौरभ ने इन बयानों के जरिए लगातार पार्टी की भीतर और बाहर अपनी छवि एक दक्षिणपंथी, हिंदुवादी नेता के तौर पर मजबूत की है. इसके साथ ही उन्होंने अपने बयानों से अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के लिए भी असहज स्थिति पैदा कर दी है. मनीष सिसोदिया ने शाहीन बाग के आंदोलन को जरूरी आंदोलन बताते हुए इसको अपना समर्थन दिया था. लिहाजा इसे भाजपा समर्थित बताकर सौरभ ने सिसोदिया के लिए परेशानी खड़ी कर दी है.
सौरभ भारद्वाज अरविंद केजरीवाल की पहली सरकार के दौरान प्रमुख चेहरा था. तब उन्हें केजरीवाल ने अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया था. लेकिन इस सरकार में उन्हें कोई अहम पद या जिम्मेदारी नहीं दी गई है. ऐसा क्यों हुआ? इसके अलावा आम आदमी पार्टी की दिल्ली के बाहर सियासी विस्तार की क्या योजनाएं हैं? इन तमाम सवालों पर सौरभ भारद्वाज के जवाबों के लिए देखें यह पूरा वीडियो.
Also Read
-
‘Found out after video went viral’: Father of Jamui assault survivor says ‘arrest is not enough’
-
Did Delhi do as told on Modi’s birthday? | Vibe Check with Abhinandan Sekhri
-
From vanguard to bystanders: What happened to teachers’ collective voice?
-
BAPS: The Hindu organisation at the heart of Modi’s cultural diplomacy
-
The men building AI want us to fear it. We should – but not for the reasons they give