Newslaundry Hindi
चीन से निपटने के कुछ मौलिक तरीके और रुबिका लियाकत की छठीं इंद्री
एक न्यूज़ वायर संस्था है आईएएनएस, इंडो एशियन न्यूज़ सर्विस. वैसे तो धंधा ख़बरों का है लेकिन इस कंपनी का दावा है कि वो साल 2009 से लगातार हर हफ्ते देश के प्रधानमंत्री की लोकप्रियता का सर्वेक्षण करवाती है. इस काम में उसकी साझीदार है एक बारहमासी सर्वेक्षण संस्था सी-वोटर.
चूंकि आंकड़ों में अक्सर तस्वीर बहुत खूबसूरत नज़र आती है, जैसा कि अदम गोंडवी ने भी कहा है कि तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं, ये दावा किताबी है. इस सर्वेक्षण के आंकड़ों को ही लें तो ये कहता है कि देश की 65.69 फीसद आबादी प्रधानमंत्री के कामकाज से पूरी तरह मुतमईन है. इतना ही नहीं ओडिशा की 95.6 फीसद आबादी उनकी मोहब्बत के आगोश में है. पीछे-पीछे हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, और आंध्र प्रदेश हैं 93.95%, 92.73% और 83.6% के साथ.
तो लगे हाथ हमने भी कुछ आंकड़े इसी सर्वे से उठाकर आप तक पहुंचा दिया है ताकि आंकड़ों की गुलाबियत बनी रहे. यह सर्वे हमें अंतिम में बताता है कि उसने इसके लिए देश भर से 3000 लोगों को शामिल किया. अगर इस देश की आबादी 130 करोड़ को बेसलाइन मानें तो एक कुछ और आंकड़े सामने आते हैं- मसलन इस सर्वेक्षण में देश की 0.00023% आबादी को शामिल किया गया.
इतनी छोटी आबादी के आधार पर सर्वे ने घोषित कर दिया कि 65.69 फीसद आबादी एक जैसा सोचती है. अगर संख्या में जोड़ें तो लगभग 85.4 करोड़ आबादी को जबरन इस सर्वे से नत्थी कर दिया गया. ऐसी ही कुछ और खूबसूरत आंकड़ों के लिए देखिए इस बार की टिप्पणी और साथ में टीवी चैनलों की दुनिया से कुछ कही-अनकही बातें.
Also Read
-
‘Hindu ekta khatre mein’: How TV news rewrote UGC’s equity norms
-
Only 3 meetings on Delhi’s air crisis. But guess how many air purifiers in ministry’s office
-
फर्स्टपोस्ट की मैनेजिंग एडिटर का पद छोड़ेंगी पलकी शर्मा, खुद का नया वेंचर लाने की तैयारी
-
‘False cases clause would silence complaints’: Lawyer for Vemula, Tadvi families
-
Palki Sharma quits Firstpost to launch her own venture