Newslaundry Hindi
एनएल टिप्पणी: कोरोना पर मिथक थोड़ने का भ्रम फैलाते चैनल और फांसी का पोस्टमॉर्टम
कोरोना वायरस का कोहरा घना होता जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार देश को
संदेश दिया. उन्होंने 21 दिन तक देश को लॉडाउन करने का ऐलान किया. आइसोलेशन,
क्वारेंटाइन के माहौल में आम लोगों से नियमित संवाद एक अच्छी रणनीति है. इससे लोगों
का भरोसा मजबूत होता है. लेकिन प्रधानमत्री के संदेश में कुछ बेहद जरूरी बातों का जिक्र
नहीं था. 21 दिन के लॉकडाउन का असर देश की बड़ी आबादी पर पड़ा है. इस बीच न्यूज़
चैनलों ने कोरोना संकट का जमकर दोहन किया है. किस तरह? उसके लिए यह पूरा वीडियो
देखिए...
Also Read
-
A flagship 2024 promise, a 99% shortfall: PM internship scheme spent nearly as much on ads as interns
-
The story of the Parliament march, told hour by hour
-
‘Told my father to quit police job’: Inside Ram Manohar Lohia Hospital after the Parliament march
-
Nepal reference, Pak ‘link’, and opposition conspiracy theories: How TV anchors spun the July 20 march
-
सोनम वांगचुक की हिरासत से संसद मार्च तक: 72 घंटों का सिलसिलेवार ब्यौरा