Newslaundry Hindi
एनएल चर्चा 109 : कोरोना का विश्वव्यापी संकट और 21 दिनों का लॉकडाउन
न्यूज़लॉन्ड्री चर्चा के 109वें एपिसोड में हमने दुनिया भर के लिए मुसीबत बन चुके कोरोना वायरस की महामारी पर चर्चा हुई. यह वैश्विक महामारी दिन ब दिन हजारों लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है. जिसके कारण भारत में भी 21 दिनों तक लॉकडाउन किया गया है.
इस सप्ताह चर्चा में कोरोना वायरस के चिकित्सकीय पक्ष को समझाने के लिए ऑल्ट न्यूज़ की साइंस एडिटर सुमैया शेख़, न्यूज़लॉन्ड्री के साथी शार्दूल कात्यायन और न्यूज़लॉन्ड्री के एसोसिएट एडिटर मेघनाथ एस शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा की शुरुआत में अतुल ने कहा देश में 21 दिनों तक लॉकडाउन होने के कारण वर्क फ्रॉम होम चल रहा है, इस कारण से हमारे चर्चा के सभी मेहमान अलग-अलग जगहों से जुड़े हैं. कोरोना वायरस पर अपडेट देते हुए अतुल ने बताया कि पूरे विश्व में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 5 लाख के करीब पहुंचने वाली है, वहीं इससे अबतक करीब 22 हजार लोगों की मौत हो चुकी है. भारत में वायरस से 649 लोग संक्रमित हैं और 12 लोगों की मौत हो चुकी है. सुमैया से पहला सवाल अतुल ने पूछा, “विश्व में सबसे ज्यादा कोरोना का प्रकोप यूरोप के देशों में दिख रहा है. इतना सम्पन्न और मेडिकल क्षेत्र में उन्नत होने के बावजूद कोरोना वायरस से निपटने में यूरोप असहाय सिद्ध हो रहा है, इसका क्या कारण है.”
सुमैया कहतीं है, “इन देशों में सोशल मोबिलिटी सबसे ज्यादा है. और काफी देर से इन देशों ने लॉकडाउन की घोषणा की. दूसरा, इटली के कुछ दूरदराज इलाकों में काफी सघन बस्तियां हैं और यहां टेस्टिंग भी बहुत देर से शुरु की गई जिससे यहां के लोगों को कोरोना वायरस के बारे में पता ही नहीं चल सका. इसलिए इतने बड़े स्तर पर लोग पॉजिटिव पाए गए.”
अतुल ने मेघनाथ को चर्चा में शामिल करते हुए पूछा की भारत में नई टेस्टिंग किट ईजाद की गई है, जो कि काफी सस्ता है और जल्द ही परिणाम देती है. लेकिन अभी तक सरकार टेस्टिंग किट पर सब्सिडी क्यों नही दे रही है. इसके परिणाम स्वरुप जिनके पास पैसे हैं वह तो जांच करवा लेगें, लेकिन कई ऐसे लोग हो सकते हैं जिन्हें सच में भी किट की जरुरत होगी लेकिन महंगी होने के कारण वह नहीं करवा पाएंगे.
मेघनाथ कहते हैं- “मुझे टेस्टिंग किट के बारे में ज्यादा जानकारी तो नहीं है लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा था कि स्टेट गवर्नमेंट ट्रीटमेंट का खर्च ऊठाएगी. लेकिन टेस्टिंग खर्च उठाने के बारें में कोई स्पष्टता नहीं है. हमारे देश में गरीब लोग ज्यादा है इसलिए सरकारों को टेस्टिंग खर्च उठाना चाहिए.
अतुल ने शार्दूल को शामिल करते हुए पूछा कि भोपाल में एक बहुत ही अजीब से स्थिति नजर आई, वहां एक पत्रकार जो कमलनाथ की इस्तीफे वाली प्रेस कॉन्फेंस में शामिल हुए उनकी बेटी कोरोना वायरस पॉजिटिव पाई गई, जिसके बाद सरकार ने कहा की सभी लोग खुद को क्वारंटाइन कर ले. सरकार की प्रेस रिलीज को पढ़कर लग रहा है की सरकार पूरे मामले को लेकर गंभीर नहीं है.
शार्दूल ने कहा की लॉकडाउन के वजह से संपर्क मुश्किल है, लेकिन जो खबरें समाचारों से सुनने और देखने को मिल रही हैं, उसके अनुसार पत्रकार केके सक्सेना जो प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए थे, पहले उनकी बेटी कोरोना वायरस से पॉजिटिव मिली थी, लेकिन बाद में वह भी पॉजिटिव पाए गए. फिलहाल दोनों अलग-अलग अस्पताल में क्वारंटाइन है.
इस बार की चर्चा कोरोना के संकट के विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित रही. पूरी चर्चा सुनने के लिए पॉडकास्ट सुने. न्यूज़लॉन्ड्री को सब्सक्राइब करें और गर्व से कहें- 'मेरे खर्च पर आज़ाद हैं खबरें.'
पत्रकारों की राय, क्या देखा पढ़ा और सुना जाए.
सुमैया शेख़
लॉकडाउन का गंभीरता से पालन करें, सहयोग करें.
मेघनाथ एस
द प्लेटफॉर्म (नेटफ्लिक्स मूवी)
टूम इटरनल (गेम)
शार्दूल कात्यायन
क्यूरोसिटी पर डाक्योमेंट्री देखें
फॉलआउट न्यू वेगस (गेम)
अतुल चौरसिया
Also Read
-
A truck full of stones appeared near the CJP protest. We found out how
-
Govt vows fast-track courts for paper leaks. Existing ones have 2,49,000 pending cases
-
‘Breach of promise’: How BJP states cracked down on student protesters
-
4 victims, 1 pattern: July 20 injuries put RAF’s ‘sensitive policing’ motto and manual under spotlight
-
July 20 crackdown: One DCP approved pellets, another authorised firearms