Newslaundry Hindi
इंडिया टीवी के एक्सक्लूसिव पर चोरी का आरोप
वरिष्ट पत्रकार रजत शर्मा के समाचार चैनल इंडिया टीवी के सबसे मशहूर प्राइम टाइम शो ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ में 18 फरवरी को एक 3-डी वीडियो दिखाया गया जिसे विश्व हिन्दू परिषद (वीएचपी) का राम मंदिर मॉडल बताया गया था.
लगभग तीन मिनट लंबे इस वीडियो को चैनल ने अपना एक्सक्लूसिव बताते हुए चलाया. अब राजस्थान के जयपुर के रहने वाले 23 वर्षीय नंदकिशोर सिंह ने इसे अपना वीडियो बताया है. नंदकिशोर सिंह एनिमेशन आर्टिस्ट हैं और प्रोफेसर ऑफ़ हाउ (Professor Of How) नाम से यूट्यूब चैनल चलाते हैं.
इंडिया टीवी का शो ‘आज की बात’ रजत शर्मा का शो है लेकिन 18 फरवरी को उनका जन्मदिन होने के कारण उनकी जगह एक अन्य एंकर सौरभ शर्मा ने यह शो किया.
अपने कार्यक्रम में सौरभ शर्मा बताते हैं, ‘‘श्री राम जन्मभूमि न्यास की पहली बैठक से पहले ही आज लखनऊ में विश्व हिन्दू परिषद ने राम मंदिर का एक 3 डी एनिमेशन जारी किया है. वीएचपी चाहती हैं कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर उनके मॉडल के आधार पर ही बनाया जाए. वीएचपी का कहना है कि अगर मंदिर उसके मॉडल के मुताबिक बनेगा तो दो साल में तैयार हो जाएगा क्योंकि मंदिर के लिए 70 प्रतिशत पत्थर तराशे जा चुके हैं. अगर मंदिर के लिए नया मॉडल बनेगा तो फिर इसके बनने में कई साल लग जाएंगे. आपको दिखाते हैं वीएचपी का मंदिर का मॉडल कैसा है.”
इसके बाद एक 3-डी वीडियो दिखाया जाता है.
उस वीडियो पर दावा करने वाले नंदकिशोर सिंह न्यूजलॉन्ड्री से बात करते हुए कहते हैं, ‘‘मैं जयपुर में रहता हूं और एनिमेशन आर्टिस्ट हूं. मेरा अपना यूट्यूब चैनल है जिसपर लगभग 38 हज़ार सबस्क्राइबर हैं. वीएचपी द्वारा कई बार दी गई जानकारी के आधार पर मैंने राम मंदिर का 3-डी एनिमेशन बनाकर अपने यूट्यूब चैनल पर बीते साल 30 दिसम्बर को साझा किया था. जिसके बाद वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. 18 फरवरी को इंडिया टीवी ने वही वीडियो अपने चैनल पर दिखाया. जिसे दिखाने से पहले मुझसे इजाजत तक नहीं ली गई ना ही मुझे कोई क्रेडिट दिया गया. उल्टे उन्होंने इसे एक्सक्लूसिव बोलकर चलाया जबकि यह वीडियो मेरे यूट्यूब पर पिछले दो महीने से मौजूद है. सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ है.’’
लाइव कार्यक्रम के दौरान नंदकिशोर सिंह ने वीडियो बना लिया जो उनके पास मौजूद हैं. उन्होंने हमसे यह वीडियो साझा किया है.
शिकायत के बाद वीडियो हटा दिया
नंदकिशोर सिंह ने 18 फरवरी की ही रात इंडिया टीवी के ऑफिस में इसकी शिकायत की. इसके अलावा यूट्यूब के जरिए भी कॉपीराईट उल्लंघन की शिकायत दर्ज की.
सिंह कहते हैं, ‘‘मुझे जैसे इसकी जानकरी मिली मैंने इंडिया टीवी में शिकायत किया और यूट्यूब के जरिए भी कॉपीराईट का दावा किया. वे लाइव से तो हटा नहीं सकते थे, लेकिन बाद मैं जब उस लाइव को यूट्यूब पर डाला तो उस वीडियो में से तीन मिनट का वो हिस्सा हटा दिया जिसमें मेरा वीडियो इस्तेमाल किया गया था. अब इंडिया टीवी पर उस शो का जो वीडियो मौजूद है उसमें 09 बजकर 27 मिनट के बाद 9 बजकर 30 मिनट का समय दिखता है यानी बीच का तीन मिनट उन्होंने काट दिया है. इसके अलावा मैंने यूट्यूब में जो शिकायत की उस पर कार्रवाई करते हुए यूट्यूब ने इंडिया टीवी का लाइव स्ट्रीम बंद कर दिया है. इसका नया रास्ता निकालते हुए अब इंडिया टीवी ‘इंडिया टीवी लाइव’ नाम से नए चैनल से लाइव कर रहा है.’’
इंडिया टीवी का जवाब
नंदकिशोर सिंह ने फोन और मेल के जरिए इंडिया टीवी तक अपनी शिकायत पहुंचाई.
उनके मुताबिक 18 फरवरी और 19 फरवरी को दो बार उन्होंने मेल किया. उसका कोई जवाब नहीं आया. फिर उन्होंने फोन करके इसके बारे में बताया. तब इंडिया टीवी की मैनेजिंग एडिटर अनिता शर्मा का मेल आया. मेल में उन्होंने बताया, ‘‘वीएचपी के पूर्वी उत्तर प्रदेश के धर्म प्रसार प्रमुख भोलेंद्रजी ने इंडिया टीवी को यह वीडियो दिया है. भोलेंद्रजी ने हमें बताया कि यह 3 डी एनिमेटेड वीडियो वीएचपी और रामजन्भूमि न्याय द्वारा बनाया गया है. उन्होंने हमें वीडियो को अपने चैनल पर चलाने की इजाजत दी हैं.’’
इसके अलावा मेल में लिखा गया कि आपने (नंदकिशोर ने) अपने दावे के लिए कोई सबूत पेश नहीं किया इसलिए ऐसे हालात में हम आपके इस आरोप से इनकार करते हैं.
नंदकिशोर सिंह को मेल करने के बाद इंडिया टीवी ने उस ट्वीट को डिलीट करने के लिए कहा जो उन्होंने चैनल पर कंटेंट चुराने का आरोप लगाते हुए किया है. सिंह कहते हैं, ‘‘यह वीडियो अगर वीएचपी द्वारा बनवाया गया होता तो उसमें मेरी आवाज़ कैसे है? जो वीडियो मैंने 30 दिसम्बर को अपने यूट्यूब पर डाला वो अब जाकर एक्सक्लूसिव कैसे हो गया? मैंने जब इस वीडियो को बनाया था उसका टाइमलाइन मौजूद है.’’
न्यूजलॉन्ड्री ने वीएचपी के भोलेंद्र सिंह से बात की. खुद को पूर्वी उत्तर प्रदेश के धर्म प्रसार प्रमुख बताने वाले भोलेंद्र इस वीडियो के बारे में कहते हैं, ‘‘मैंने यह वीडियो सिर्फ इंडिया टीवी को ही नहीं बल्कि तमाम मीडिया संस्थानों को दिया है. पत्रकार लोग वीएचपी के राम मंदिर मॉडल की बात कर रहे थे और उन्होंने हमसे वीडियो मांगा तो हमने उन्हें दिया है.’’
क्या यह वीडियो वीएचपी द्वारा बनाया गया है? इस सवाल के जवाब में भोलेंद्र सिंह कहते हैं, ‘‘नहीं, वीएचपी द्वारा इसे नहीं बनाया गया. बहुत सारे शुभचिंतक हमें राम मंदिर से जुड़ा वीडियो भेजते रहते हैं. ऐसे ही किसी ने मुझे ये वीडियो भेजा था. पत्रकार लोगों ने मांगा तो मैंने उन्हें दे दिया क्योंकि इस वीडियो में वो सब कुछ है जो वीएचपी का राम मंदिर का मॉडल है.’’
वो वीडियो किसी और का है, आप किसी और को कैसे दे सकते हैं. क्या ऐसा करना गलत नहीं है? इस सवाल पर कोई स्पष्ट जवाब देने की बजाय भोलेंद्र सिंह कहते हैं, ‘‘देखिए मुझे गलत नहीं लगा. राम मंदिर को लेकर जो बातें इसमें बताई गई है वो हमारे सोच के अनुरूप हैं तो हमने इसे आगे बढ़ा दिया.’’
भोलेंद्र सिंह को शायद कॉपीराईट नियमों की जानकारी नहीं है. किसी आर्टिस्ट की प्रोपर्टी पर किसी और का हक नहीं होता, ये बात उन्हें भले न पता हो लेकिन इंडिया टीवी को कम से कम इस बात की पुष्टि कर लेनी चाहिए थी कि यह वीडियो किसका है? क्या सच में यह वीएचपी द्वारा बनवाया गया है. अगर ऐसा था भी तो उसे एक्सक्लूसिव बोलकर इंडिया टीवी ने क्यों चलाया.
इस संबंध में न्यूजलॉन्ड्री ने इंडिया टीवी की मैनेजिंग एडिटर (न्यूज़ ऑपरेशन) अनिता शर्मा से बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने व्यस्त होने की बात कहकर बात करने से इनकार कर दिया. हमने उन्हें इस संबंध में सवाल भी भेजा है जिसका जवाब नहीं मिला है.
Also Read
-
‘We are scared to sit inside’: MP govt spends crores on ads, this school waits years for repairs
-
Private players should not replicate ISRO’s efforts: G Madhavan Nair writes
-
A thumbnail assignment, Rs 3.87 cr, and no work order: The questions around Prasar Bharati’s Waves
-
Forget newspaper ads, DKS takes govt messaging into Kannada serials
-
प्रचार पर करोड़ों फूंकने वाले मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूल को सालों से मरम्मत का इंतजार