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‘श्री राम जन्मभूमि न्यास पहले से ही है, उसी का विस्तार कर मंदिर निर्माण हो’
बीते 9 नवम्बर को बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से जारी न्यूज़लॉन्ड्री की इस साक्षात्कार श्रृंखला में हमने इस मामले से जुड़े हिन्दू और मुस्लिम पक्ष के तमाम पैरोकारों से बातचीत की है.
श्रृंखला की इस कड़ी में हमने श्री राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास से बातचीत की है.
साल 1989 में जब भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद ने मिलकर राम मंदिर के लिए आंदोलन शुरू किया तो उसमें एक बड़े चेहरे के रूप में राम जन्मभूमि न्यास सामने आया.
9 नवंबर को दिए अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को अगले तीन महीने के अंदर एक स्वतंत्र ट्रस्ट बनाने कहा है और इस ट्रस्ट के जरिए प्रस्तावित राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए कहा गया है.
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कही भी राम जन्मभूमि न्यास का जिक्र नहीं किया है. सुप्रीम कोर्ट के ट्रस्ट बनाने के फैसले पर श्री राम जन्मभूमि न्यास के प्रमुख नृत्य गोपालदास का कहना है ‘‘राम जन्मभूमि न्यास पहले से ही ट्रस्ट है. उसमें और संख्या बढ़ा दी जाएगी जिससे सुप्रीम कोर्ट की आज्ञा का पालन होगा. इस प्रकार श्री राम जन्मभूमि न्यास के माध्यम से रामलला जहां विराजमान हैं, वहां भव्य मंदिर का निर्माण होगा.’’
गोपालदास आगे कहते हैं, ‘‘हमारे सहयोग में एक तरफ केंद्र की मोदी सरकार है और तो दूसरी तरफ प्रदेश की योगी सरकार भी है. अभी स्थिति मंदिर बनाने के लिए बिलकुल अनुकूल है.”
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कही भी राम जन्मभूमि न्यास का जिक्र नहीं किया है. सुप्रीम कोर्ट के ट्रस्ट बनाने के फैसले पर श्री राम जन्मभूमि न्यास के प्रमुख नृत्य गोपालदास का कहना है ‘‘राम जन्मभूमि न्यास पहले से ही ट्रस्ट है. उसमें और संख्या बढ़ा दी जाएगी जिससे सुप्रीम कोर्ट की आज्ञा का पालन होगा. इस प्रकार श्री राम जन्मभूमि न्यास के माध्यम से रामलला जहां विराजमान हैं, वहां भव्य मंदिर का निर्माण होगा.’’
गोपालदास आगे कहते हैं, ‘‘हमारे सहयोग में एक तरफ केंद्र की मोदी सरकार है और तो दूसरी तरफ प्रदेश की योगी सरकार भी है. अभी स्थिति मंदिर बनाने के लिए बिलकुल अनुकूल है.”
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