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सारांश: अधर में असम
असम में रहने वाले लगभग 40 लाख लोगों की नागरिकता पर इन दिनों तलवार लटक रही है. एनआरसी यानी नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटीजन्स का अंतिम ड्राफ्ट जारी होने के बाद वहां के लोगों में असमंजस की स्थिति है. एनआरसी असम में रहने वाले भारतीय नागरिकों की एक सूची है. इसके आधार पर ही असम में लोगों की नागरिकता तय होनी है.
नागरिकता का मुद्दा असम में बीते कई दशकों से बेहद अहम भी रहा है और बेहद विवादास्पद भी. एनआरसी के बनने, संशोधित होने और इसके संभावित सफर पर एक नज़र.
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